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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   The complainants got tired of making the rounds... when they couldn't find a solution, they stopped coming to the camp.

Karnal News: चक्कर काट-काटकर थक गए फरियादी... समाधान नहीं मिला तो शिविर में आना भी छोड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 02:15 AM IST
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The complainants got tired of making the rounds... when they couldn't find a solution, they stopped coming to the camp.
बैठक को संबो​धित करते डीसी डा. आंनद कुमार शर्मा। सूचना विभाग
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। समाधान शिविरों में आई शिकायतों के फरियादी समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर काट-काटकर थक गए हैं। हालात यह है कि समाधान नहीं मिला तो अब शिविर में लोगों ने आना भी कम कर दिया है। पिछले कुछ समय से शिविरों में आने वाली शिकायतों पर कार्रवाई की रफ्तार भी धीमी है। 763 मामले कागजों में ही उलझकर रह गए हैं।

शुक्रवार को हुई बैठक में उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि हर शिकायत की एटीआर को पोर्टल पर अपलोड करें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
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पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, 10 जून 2024 से 22 अप्रैल 2026 तक जिले में आयोजित समाधान शिविरों में 4800 शिकायतें प्राप्त हुईं जिनमें से 4037 का समाधान हुआ। 149 को दोबारा खोला गया है। 2024 की पांच और 2025 की 44 शिकायतें लंबित हैं। इस वर्ष अप्रैल तक की सबसे ज्यादा शिकायतों को समाधान का इंतजार है।
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उपायुक्त ने बताया कि पोर्टल पर जिले की 2024 की समाधान शिविर की जिन पांच शिकायतें लंबित हैं उनमें से तीन का एक-दो दिन में निपटारा होगा। एक अदालत में लंबित है और एक मामले में वर्कआर्डर 15 लाख का था लेकिन मांगे 20 लाख रुपये जा रहे हैं। 2025 की 44 शिकायतों का भी इसी माह में निपटारा कर दिया जाएगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने भी वीसी करके हालात पर समीक्षा की।

- सप्ताह में दो दिन लगते हैं शिविर, घटने लगे फरियादी



राज्य सरकार के निर्देशानुसार हर सप्ताह सोमवार और वीरवार को सुबह दस से 12 बजे तक जिला व उपमंडल मुख्यालयों पर समाधान शिविरों का आयोजन किया जाता है। शुरुआत में शिविरों में बड़ी संख्या में शिकायतें आती थी और समाधान भी मिलता था। अब पिछले करीब तीन माह से शिविरों में फरियादियों की संख्या भी 10 से कम होने लगी है। शिविरों में बिजली, पानी, परिवार पहचानपत्र, बुढ़ापा, विधवा, दिव्यांग पेंशन जैसी समस्याओं का समाधान किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित दिनों में शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान करा सकते हैं।
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