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Karnal News: मकान बंद पड़ा, फिर भी आ गया बिजली का बिल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 16 Feb 2026 02:08 AM IST
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करनाल।
बिजली निगम की ओर से भेजे जा रहे गलत बिजली बिल उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बनते जा रहे हैं। निगम की ओर से बंद पड़े मकान का हजारों रुपये का बिल भेज दिया गया। उपभोक्ता समाधान के लिए निगम कार्यालय चक्कर काटते रहते हैं।
जिले में हर माह करीब 400 मामले बिजली बिलों में त्रुटि के आ रहे हैं। रोजाना औसतन 20 से अधिक शिकायतें आ रही हैं। जिले में बिजली वितरण के पांच खंडों के अंतर्गत करीब दो लाख उपभोक्ता हैं। बिलों में गलत मीटर रीडिंग, वास्तविक खपत से अधिक यूनिट दर्ज होने और तकनीकी खामियों की शिकायतें हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही उनके पास शिकायतें आती हैं वे तुंरत प्रभाव से समाधान भी करा देते हैं।
केस-1
बंद मकान का आया 2750 रुपये बिल
बिजली निगम में पहुंचे कुंजपुरा रोड निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि उनका मकान पिछले एक माह से बंद पड़ा है, इसके बावजूद 2,750 रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। उन्होंने मीटर रीडिंग की गलती बताते हुए निगम से बिल सुधार की मांग की है।
केस-2
कम खपत, ज्यादा बिल से परेशान परिवार
मॉडल टाउन निवासी रेखा देवी के घर में पिछले महीने करीब 150 यूनिट बिजली खपत हुई, लेकिन बिल में 3,200 रुपये की राशि दर्शा दी गई। प्रति यूनिट 2.8 रुपये के हिसाब से बिल केवल 450 रुपये ही होना चाहिए। । उन्होंने बताया कि सीमित उपयोग के बावजूद ज्यादा बिल आने से वह हैरान हैं। संशोधन के लिए आवेदन देना पड़ा है।
केस-3
250 यूनिट की जगह 4800 रुपये का बिल
सेक्टर-13 निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उनके घर में सामान्य खपत 200 से 250 यूनिट रहती है लेकिन इस बार 4,800 रुपये का बिल भेज दिया गया। जबकि 700 रुपये होना चाहिए। शिकायत के बाद जांच शुरू हुई, पर समाधान के लिए कई दिन तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े।
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वर्जन-
कई बार तकनीकी कारणों या मीटर रीडिंग में त्रुटि के चलते शिकायतें आ जाती हैं। निगम को जैसे ही शिकायत मिलती है उसका निर्धारित समय के भीतर समाधान करा दिया जाता है। बिलिंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। -नसीब सिंह, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, करनाल
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जिले में हर माह करीब 400 मामले बिजली बिलों में त्रुटि के आ रहे हैं। रोजाना औसतन 20 से अधिक शिकायतें आ रही हैं। जिले में बिजली वितरण के पांच खंडों के अंतर्गत करीब दो लाख उपभोक्ता हैं। बिलों में गलत मीटर रीडिंग, वास्तविक खपत से अधिक यूनिट दर्ज होने और तकनीकी खामियों की शिकायतें हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही उनके पास शिकायतें आती हैं वे तुंरत प्रभाव से समाधान भी करा देते हैं।
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बंद मकान का आया 2750 रुपये बिल
बिजली निगम में पहुंचे कुंजपुरा रोड निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि उनका मकान पिछले एक माह से बंद पड़ा है, इसके बावजूद 2,750 रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। उन्होंने मीटर रीडिंग की गलती बताते हुए निगम से बिल सुधार की मांग की है।
केस-2
कम खपत, ज्यादा बिल से परेशान परिवार
मॉडल टाउन निवासी रेखा देवी के घर में पिछले महीने करीब 150 यूनिट बिजली खपत हुई, लेकिन बिल में 3,200 रुपये की राशि दर्शा दी गई। प्रति यूनिट 2.8 रुपये के हिसाब से बिल केवल 450 रुपये ही होना चाहिए। । उन्होंने बताया कि सीमित उपयोग के बावजूद ज्यादा बिल आने से वह हैरान हैं। संशोधन के लिए आवेदन देना पड़ा है।
केस-3
250 यूनिट की जगह 4800 रुपये का बिल
सेक्टर-13 निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उनके घर में सामान्य खपत 200 से 250 यूनिट रहती है लेकिन इस बार 4,800 रुपये का बिल भेज दिया गया। जबकि 700 रुपये होना चाहिए। शिकायत के बाद जांच शुरू हुई, पर समाधान के लिए कई दिन तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े।
वर्जन-
कई बार तकनीकी कारणों या मीटर रीडिंग में त्रुटि के चलते शिकायतें आ जाती हैं। निगम को जैसे ही शिकायत मिलती है उसका निर्धारित समय के भीतर समाधान करा दिया जाता है। बिलिंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। -नसीब सिंह, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, करनाल