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Karnal News: प्रशिक्षण से बनेंगी मजबूत, तकनीक को सीख बचाव के साथ देंगी मुंहतोड़ जवाब
Tue, 28 Apr 2026 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 28 Apr 2026 02:14 AM IST
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अमर उजाला फाउडेंशन की ओर से आयोजित अपराजिता में छात्राओं को संबोधित करती अनीता। संवाद
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करनाल।
अमर उजाला की ओर से अपराजिता 100 मिलियन्स स्माइल्स मुहिम के तहत सोमवार को राजकीय कन्या माॅडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। ताइक्वांडो प्रशिक्षिका अनीता ने छात्राओं को ताइक्वांडो और अन्य मार्शल आर्ट की बुनियादी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। छात्राओं ने कहा कि प्रशिक्षण से वह मजबूत बनेंगी। तकनीक को सीखकर बचाव के साथ मुंहतोड़ जवाब दे सकेंगी।
शिविर में विभिन्न तरह के अटैक, आर्मी लॉक, हैंड लॉक और नैक लॉक जैसी तकनीक सिखाई गईं। अध्यक्षता प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह ने की। प्रशिक्षिका अनीता ने कहा कि अगर राह चलते कोई छेड़खानी या पकड़ने लगे तो घबराने की जगह दिमाग को स्थिर कर उसके हाथों को तकनीकों के जरिये लॉक करें, इससे बचाव के साथ-साथ दुश्मन पर हमला भी होगा। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक ताकत का विषय नहीं है, बल्कि मानसिक सतर्कता और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है।
संचालन शिक्षिका ममता प्रवीन ने किया। उन्होंने कहा कि आत्मसुरक्षा की इन तकनीकों को सीख लड़कियां भविष्य किसी प्रकार की होने वाली घटनाओं में स्वयं का आसानी से बचाव कर सकेंगी। शिक्षिका रनजीत काैर भी माैजूद रहीं।
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लाॅक से कर सकेंगे बचाव
छात्रा निकी ने बताया कि प्रशिक्षण से पता चला कि मुश्किल समय में स्वयं की रक्षा कैसे कर सकते हैं। कई प्रकार के अटैक व लाॅक के माध्यम से आत्मसुरक्षा की जा सकती है। सामने अगर बलशाली व्यक्ति भी है तो भी अपने दिमाग को स्थिर रखें।
अकेले बचाव कर सकूंगी
छात्रा श्रुति ने बताया कि अगर कभी कोई ऐसी स्थिति है तो विभिन्न तरह की तकनीकों का आसानी से उपयोग कर सकेंगे। पहले नहीं पता था लेकिन अब हैंड लाॅक और नैक लाॅक जैसी तकनीकों से बचाव किया जा सकता है। स्वयं का बचाव अकेले ही कर सकूंगी।
सुरक्षा की तकनीक जानी
छात्रा सुनीधि ने बताया कि पहले कभी आत्मसुरक्षा का प्रशिक्षण नहीं लिया लेकिन अपराजिता कार्यक्रम में स्वयं तकनीकों को करके देखा। आज के समय हर दूसरे दिन लड़कियों के साथ छेड़खानी होती रहती है। सभी को आत्मसुरक्षा करना जरूर आना चाहिए।
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अमर उजाला की ओर से अपराजिता 100 मिलियन्स स्माइल्स मुहिम के तहत सोमवार को राजकीय कन्या माॅडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। ताइक्वांडो प्रशिक्षिका अनीता ने छात्राओं को ताइक्वांडो और अन्य मार्शल आर्ट की बुनियादी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। छात्राओं ने कहा कि प्रशिक्षण से वह मजबूत बनेंगी। तकनीक को सीखकर बचाव के साथ मुंहतोड़ जवाब दे सकेंगी।
शिविर में विभिन्न तरह के अटैक, आर्मी लॉक, हैंड लॉक और नैक लॉक जैसी तकनीक सिखाई गईं। अध्यक्षता प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह ने की। प्रशिक्षिका अनीता ने कहा कि अगर राह चलते कोई छेड़खानी या पकड़ने लगे तो घबराने की जगह दिमाग को स्थिर कर उसके हाथों को तकनीकों के जरिये लॉक करें, इससे बचाव के साथ-साथ दुश्मन पर हमला भी होगा। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक ताकत का विषय नहीं है, बल्कि मानसिक सतर्कता और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है।
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संचालन शिक्षिका ममता प्रवीन ने किया। उन्होंने कहा कि आत्मसुरक्षा की इन तकनीकों को सीख लड़कियां भविष्य किसी प्रकार की होने वाली घटनाओं में स्वयं का आसानी से बचाव कर सकेंगी। शिक्षिका रनजीत काैर भी माैजूद रहीं।
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लाॅक से कर सकेंगे बचाव
छात्रा निकी ने बताया कि प्रशिक्षण से पता चला कि मुश्किल समय में स्वयं की रक्षा कैसे कर सकते हैं। कई प्रकार के अटैक व लाॅक के माध्यम से आत्मसुरक्षा की जा सकती है। सामने अगर बलशाली व्यक्ति भी है तो भी अपने दिमाग को स्थिर रखें।
अकेले बचाव कर सकूंगी
छात्रा श्रुति ने बताया कि अगर कभी कोई ऐसी स्थिति है तो विभिन्न तरह की तकनीकों का आसानी से उपयोग कर सकेंगे। पहले नहीं पता था लेकिन अब हैंड लाॅक और नैक लाॅक जैसी तकनीकों से बचाव किया जा सकता है। स्वयं का बचाव अकेले ही कर सकूंगी।
सुरक्षा की तकनीक जानी
छात्रा सुनीधि ने बताया कि पहले कभी आत्मसुरक्षा का प्रशिक्षण नहीं लिया लेकिन अपराजिता कार्यक्रम में स्वयं तकनीकों को करके देखा। आज के समय हर दूसरे दिन लड़कियों के साथ छेड़खानी होती रहती है। सभी को आत्मसुरक्षा करना जरूर आना चाहिए।

अमर उजाला फाउडेंशन की ओर से आयोजित अपराजिता में छात्राओं को संबोधित करती अनीता। संवाद