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Karnal News: कामकाजी महिलाओं को चाहिए आयकर में राहत, जीएसटी कम करने की भी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 20 Jan 2026 03:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। केंद्रीय बजट से कामकाजी महिलाओं को खास उम्मीदें हैं। बढ़ती महंगाई, टैक्स का बोझ और काम व परिवार के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती के बीच कामकाजी महिलाएं चाहती हैं कि बजट में उनके लिए विशेष प्रावधान किया जाए। नौकरीपेशा महिलाओं की मांग है कि उन्हें टैक्स स्लैब में राहत मिले, स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाया जाए और जरूरी सामानों पर जीएसटी को कम किया जाए।
कामकाजी महिलाओं की बजट से अपेक्षाएं अधिक हैं। टैक्स में राहत, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कार्य-जीवन संतुलन और महंगाई पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर उनकी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि बजट में अगर उनकी जरूरतों और चुनौतियों को समझकर फैसले लिए गए तो देश की आर्थिक प्रगति में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
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- टैक्स स्लैब मिले राहत
सेक्टर-32 निवासी प्राइवेट कंपनी में कार्यरत महिला शुभ लक्ष्मी ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है लेकिन उसके मुकाबले वेतन बढ़ोतरी कम है। बजट से उम्मीद है कि इनकम टैक्स स्लैब में राहत मिले और मानक कटौती बढ़ाया जाए ताकि थोड़ी बचत हो सके। किराया, ट्रांसपोर्ट और बच्चों की पढ़ाई जैसे खर्चों में राहत देने वाले प्रावधान भी होने चाहिए।
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-स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाएं
वसंत विहार कॉलोनी निवासी बैंक कर्मचारी मीनाक्षी ने कहा कि नौकरी के साथ परिवार संभालने वाली महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा बहुत जरूरी है। बजट में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही मातृत्व लाभ और मानसिक स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं पर भी सरकार को गंभीरता से सोचना चाहिए।
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-जीएसटी कम करना चाहिए
मधुबन निवासी निजी कंपनी में कार्यरत साक्षी ने कहा कि हम जैसी महिलाओं का वेतन सीमित होता है और महंगाई सबसे ज्यादा असर डालती है। बजट में जरूरी सामान, कपड़े, कॉस्मेटिक और निजी प्रयोग के उत्पादों पर टैक्स कम किया जाए। अगर रोजमर्रा के खर्च कम होंगे, तभी नौकरीपेशा महिलाओं को असली राहत मिलेगी।
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-बढ़ें यातायात के साधन
पालम कॉलोनी निवासी नाइट शिफ्ट में काम करने वाली नाव्या शर्मा ने कहा कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं की सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा होती है। बजट में सुरक्षित ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और महिलाओं के लिए खास सुरक्षा योजनाओं पर खर्च बढ़ाया जाना चाहिए। सुरक्षित माहौल होगा, तभी महिलाएं बिना डर काम कर सकेंगी।
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-टैक्स में मिले राहत
वंसत विहार निवासी फ्रीलांसर का काम करने वाली मीनू गुप्ता ने बताया कि फ्रीलांस और ठेके पर काम करने वाली महिलाओं को टैक्स और सामाजिक सुरक्षा का ज्यादा बोझ झेलना पड़ता है। बजट में हमारे लिए अलग टैक्स राहत, पेंशन और स्वास्थ्य कवर जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ लंबे समय तक काम कर सकेंगी।
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कामकाजी महिलाओं की बजट से अपेक्षाएं अधिक हैं। टैक्स में राहत, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कार्य-जीवन संतुलन और महंगाई पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर उनकी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि बजट में अगर उनकी जरूरतों और चुनौतियों को समझकर फैसले लिए गए तो देश की आर्थिक प्रगति में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
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- टैक्स स्लैब मिले राहत
सेक्टर-32 निवासी प्राइवेट कंपनी में कार्यरत महिला शुभ लक्ष्मी ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है लेकिन उसके मुकाबले वेतन बढ़ोतरी कम है। बजट से उम्मीद है कि इनकम टैक्स स्लैब में राहत मिले और मानक कटौती बढ़ाया जाए ताकि थोड़ी बचत हो सके। किराया, ट्रांसपोर्ट और बच्चों की पढ़ाई जैसे खर्चों में राहत देने वाले प्रावधान भी होने चाहिए।
-स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाएं
वसंत विहार कॉलोनी निवासी बैंक कर्मचारी मीनाक्षी ने कहा कि नौकरी के साथ परिवार संभालने वाली महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा बहुत जरूरी है। बजट में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही मातृत्व लाभ और मानसिक स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं पर भी सरकार को गंभीरता से सोचना चाहिए।
-जीएसटी कम करना चाहिए
मधुबन निवासी निजी कंपनी में कार्यरत साक्षी ने कहा कि हम जैसी महिलाओं का वेतन सीमित होता है और महंगाई सबसे ज्यादा असर डालती है। बजट में जरूरी सामान, कपड़े, कॉस्मेटिक और निजी प्रयोग के उत्पादों पर टैक्स कम किया जाए। अगर रोजमर्रा के खर्च कम होंगे, तभी नौकरीपेशा महिलाओं को असली राहत मिलेगी।
-बढ़ें यातायात के साधन
पालम कॉलोनी निवासी नाइट शिफ्ट में काम करने वाली नाव्या शर्मा ने कहा कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं की सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा होती है। बजट में सुरक्षित ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और महिलाओं के लिए खास सुरक्षा योजनाओं पर खर्च बढ़ाया जाना चाहिए। सुरक्षित माहौल होगा, तभी महिलाएं बिना डर काम कर सकेंगी।
-टैक्स में मिले राहत
वंसत विहार निवासी फ्रीलांसर का काम करने वाली मीनू गुप्ता ने बताया कि फ्रीलांस और ठेके पर काम करने वाली महिलाओं को टैक्स और सामाजिक सुरक्षा का ज्यादा बोझ झेलना पड़ता है। बजट में हमारे लिए अलग टैक्स राहत, पेंशन और स्वास्थ्य कवर जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ लंबे समय तक काम कर सकेंगी।