कुरुक्षेत्र। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के सानिध्य में श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार की ओर से चक्रवर्ती मोहल्ला निवासियों ने प्रभातफेरी का आयोजन किया। प्रभातफेरी में श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में भाग लिया। स्वामी ज्ञानानंद की ओर से गाए गए भजन अमृत बेला बड़ा सुहावना, अमृत बेले अमृत बरसदा..... से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
भजन रसिक सुनील वत्स व राजेंद्र चोपड़ा के सहयोगियों की ओर से गाए गए भजनों पर ठाकुर जी की युगल जोड़ी के सामने श्रद्धालु जमकर नाचे। हाथ कृपा दा रख एहो मेरी मर्जी मेनू तेरे नाम दा सहारा चाहिदा.....जैसे भजनों से चक्रवर्ती मोहल्ले का सारा वातावरण भक्तिमय हो गया।
प्रभातफेरी में होली खेलूंगी श्याम संग आज... जैसे होली भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि प्रात: काल प्रभु का नाम वाणी पर आना स्वयं ईश्वर की कृपा का संकेत है। प्रात: काल के समय नाम सिमरण करने से मन की वृत्तियां शांत होती हैं और आत्मा में दिव्यता का संचार होता है। भगवान श्री कृष्ण ने गीता के माध्यम से पूरी मानवता के कल्याण का संदेश अर्जुन को निमित्त बनाकर दिया। गीता हर युग में प्रासंगिक है।
चक्रवर्ती मोहल्ला निवासी डॉ. श्याम लाल आहूजा, फतेह चंद गांधी, अजय आहूजा और बालि के सहयोग से इस प्रभातफेरी का आयोजन किया गया।