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Kurukshetra News: केयू में जर्मन और फ्रेंच कोर्स के लिए आवेदन शुरू
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विदेशी भाषाएं सीखने के इच्छुक युवाओं के लिए जर्मन और फ्रेंच भाषा के एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थी 28 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कला एवं भाषा संकाय की डीन प्रो. सुनीता सिरोहा ने बताया कि आज जर्मन और फ्रेंच जैसी भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि वैश्विक करियर की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं। इन भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है।
विदेशी भाषा विभाग के अध्यक्ष प्रो. ब्रजेश साहनी ने बताया कि विश्वविद्यालय में जर्मन और फ्रेंच के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा तथा एडवांस डिप्लोमा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जर्मन भाषा सीखने वाले विद्यार्थियों के लिए जर्मनी और यूरोप के अन्य देशों में उच्च शिक्षा तथा रोजगार के अवसर बढ़ जाते हैं। कई जर्मन विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को कम शुल्क या नि:शुल्क शिक्षा भी उपलब्ध कराते हैं। विभाग की शिक्षिका डॉ. निधि माथुर ने बताया कि फ्रेंच भाषा 30 से अधिक देशों में आधिकारिक भाषा के रूप में प्रयोग की जाती है। पर्यटन, आतिथ्य, फैशन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, कूटनीति और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में फ्रेंच भाषा जानने वाले युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत में भी कार्यरत जर्मन कंपनियों और बहुराष्ट्रीय संस्थानों में भी जर्मन भाषा जानने वाले पेशेवरों की जरूरत बढ़ रही है। अनुवाद, दुभाषिया, ग्राहक सेवा, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।
विदेशी भाषा विभाग के अध्यक्ष प्रो. ब्रजेश साहनी ने बताया कि विश्वविद्यालय में जर्मन और फ्रेंच के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा तथा एडवांस डिप्लोमा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जर्मन भाषा सीखने वाले विद्यार्थियों के लिए जर्मनी और यूरोप के अन्य देशों में उच्च शिक्षा तथा रोजगार के अवसर बढ़ जाते हैं। कई जर्मन विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को कम शुल्क या नि:शुल्क शिक्षा भी उपलब्ध कराते हैं। विभाग की शिक्षिका डॉ. निधि माथुर ने बताया कि फ्रेंच भाषा 30 से अधिक देशों में आधिकारिक भाषा के रूप में प्रयोग की जाती है। पर्यटन, आतिथ्य, फैशन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, कूटनीति और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में फ्रेंच भाषा जानने वाले युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत में भी कार्यरत जर्मन कंपनियों और बहुराष्ट्रीय संस्थानों में भी जर्मन भाषा जानने वाले पेशेवरों की जरूरत बढ़ रही है। अनुवाद, दुभाषिया, ग्राहक सेवा, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।
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