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संतुलित आहार, दिनचर्या, स्वस्थ समाज के लिए जरूरी : कुलपति
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 14 May 2026 03:35 AM IST
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कुरुक्षेत्र। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और गलत खानपान के कारण बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में आयुर्वेद आधारित संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और मानसिक संतुलन स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। ये विचार श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने व्यक्त किए। वे स्कोप ऑफ पर्सनलाइज्ड डाइट एंड लाइफस्टाइल इन इंटीग्रेटिव मेडिसिन विषय पर व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबेोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति, आहार क्षमता और जीवनशैली अलग होती है। आयुर्वेद में व्यक्ति विशेष के अनुसार आहार-विहार अपनाने पर जोर दिया है। यदि व्यक्ति अपनी प्रकृति और ऋतु के अनुसार संतुलित भोजन एवं दिनचर्या अपनाएं तो बीमारियों से बच सकता है। कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि आयुर्वेद आधारित संतुलित आहार, योग और स्वस्थ दिनचर्या को अपनाकर जीवनशैली जनित रोगों से बचा जा सकता है। रिसोर्स पर्सन हारले ऑफ लंदन के संस्थापक एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ संजीव कुमार, डॉ. योगेश नैन तथा अग्निवेश आयुर्वेद गाजियाबाद के वैद्य विनोद शर्मा ने इंटीग्रेटिव मेडिसिन, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और आयुर्वेदिक जीवन शैली के महत्व पर विचार रखे। अग्निवेश आयुर्वेद गाजियाबाद के वैद्य विनोद शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद में केवल भोजन का प्रकार ही महत्वपूर्ण नहीं है, उसकी पाचन क्षमता अर्थात् अग्नि की स्थिति सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी गई है। अग्नि सम रहती है तो भोजन का सम्यक पाचन होकर शरीर को पोषण मिलता है। मंदाग्नि या विषमाग्नि की अवस्था में भोजन पूर्ण रूप से नहीं पचता और “आम” उत्पन्न होता है। यही आम आमज व्याधियों का कारण बनता है। आयुर्वेद में “अध्यशन” अर्थात् पूर्व भोजन के पचे बिना पुनः भोजन करने को निषिद्ध माना गया है। डॉ. योगेश नैन ने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिखा लोगों को गुमराह किया जा रहा है। अच्छा चिकित्सक और वैद्य लोगों को गलत-सही बता सकता है। इस अवसर पर आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता एवं संयोजक डॉ. मनीषा खत्री सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद
बाक्स
स्वस्थ जीवनशैली से बीमारियों की रोकथाम जरूरी: संजीव
हारले ऑफ लंदन के संस्थापक संजीव कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में केवल रोगों का उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बीमारियों की रोकथाम करना भी बेहद जरूरी है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली आवश्यक है। शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहना संतुलन है। देश-विदेश में कम्युनिटी आधारित वेलनेस प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इनमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता है।
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उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति, आहार क्षमता और जीवनशैली अलग होती है। आयुर्वेद में व्यक्ति विशेष के अनुसार आहार-विहार अपनाने पर जोर दिया है। यदि व्यक्ति अपनी प्रकृति और ऋतु के अनुसार संतुलित भोजन एवं दिनचर्या अपनाएं तो बीमारियों से बच सकता है। कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि आयुर्वेद आधारित संतुलित आहार, योग और स्वस्थ दिनचर्या को अपनाकर जीवनशैली जनित रोगों से बचा जा सकता है। रिसोर्स पर्सन हारले ऑफ लंदन के संस्थापक एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ संजीव कुमार, डॉ. योगेश नैन तथा अग्निवेश आयुर्वेद गाजियाबाद के वैद्य विनोद शर्मा ने इंटीग्रेटिव मेडिसिन, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और आयुर्वेदिक जीवन शैली के महत्व पर विचार रखे। अग्निवेश आयुर्वेद गाजियाबाद के वैद्य विनोद शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद में केवल भोजन का प्रकार ही महत्वपूर्ण नहीं है, उसकी पाचन क्षमता अर्थात् अग्नि की स्थिति सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी गई है। अग्नि सम रहती है तो भोजन का सम्यक पाचन होकर शरीर को पोषण मिलता है। मंदाग्नि या विषमाग्नि की अवस्था में भोजन पूर्ण रूप से नहीं पचता और “आम” उत्पन्न होता है। यही आम आमज व्याधियों का कारण बनता है। आयुर्वेद में “अध्यशन” अर्थात् पूर्व भोजन के पचे बिना पुनः भोजन करने को निषिद्ध माना गया है। डॉ. योगेश नैन ने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिखा लोगों को गुमराह किया जा रहा है। अच्छा चिकित्सक और वैद्य लोगों को गलत-सही बता सकता है। इस अवसर पर आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता एवं संयोजक डॉ. मनीषा खत्री सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद
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स्वस्थ जीवनशैली से बीमारियों की रोकथाम जरूरी: संजीव
हारले ऑफ लंदन के संस्थापक संजीव कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में केवल रोगों का उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बीमारियों की रोकथाम करना भी बेहद जरूरी है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली आवश्यक है। शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहना संतुलन है। देश-विदेश में कम्युनिटी आधारित वेलनेस प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। इनमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता है।