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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में सिटी लेवल साइंस फेयर का हुआ आगाज
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कुरुक्षेत्र। मेले का अवलोकन करते मुख्यातिथि व अन्य सदस्य। संवाद
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय सिटी लेवल साइंस फेयर का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि पंकज सेतिया, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से रिबन काटकर किया गया। इसमें जिले के साथ आसपास के विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों व शिक्षकों की ओर से विज्ञान, प्रौद्योगिकी व अभियांत्रिकी विषय पर तैयार किए गए करीब 83 विज्ञान मॉडल प्रदर्शित किए गए, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।
मुख्य अतिथि पंकज सेतिया ने कहा कि वर्तमान समय में समाज और देश की प्रगति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के विज्ञान मेले विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता को विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने मॉडलों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करें और अन्य प्रतिभागियों के कार्यों से भी सीखें, ताकि ज्ञान का आदान-प्रदान हो सके। पर्यावरण संरक्षण, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, कृषि, रोजगार, तकनीकी नवाचार और सतत विकास से जुड़े मॉडलों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे मॉडल वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
परियोजना समन्वयक सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक व मॉडल आधारित शिक्षा की ओर प्रेरित करते हैं। विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर सीखने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों की ओर से तैयार किए गए ये मॉडल उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। शिक्षा अधिकारी जीतेंद्र कुमार दास ने कहा कि यह विज्ञान मेला विद्यार्थियों और शिक्षकों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और शोध प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
33 विद्यालयों और दो विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
शिक्षा अधिकारी जीतेंद्र कुमार दास ने कहा कि इस मेले में जिले के 33 विद्यालयों और दो विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों की ओर से कुल 83 विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए गए हैं। इन मॉडलों को इंडिविजुअल प्रोजेक्ट, टीम प्रोजेक्ट, टीचिंग एड और विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट जैसी विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। यह विज्ञान मेला विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और नवाचार को मंच प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हो रहा है। 21 जनवरी को मेले का समापन होगा जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
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मुख्य अतिथि पंकज सेतिया ने कहा कि वर्तमान समय में समाज और देश की प्रगति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के विज्ञान मेले विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता को विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने मॉडलों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करें और अन्य प्रतिभागियों के कार्यों से भी सीखें, ताकि ज्ञान का आदान-प्रदान हो सके। पर्यावरण संरक्षण, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, कृषि, रोजगार, तकनीकी नवाचार और सतत विकास से जुड़े मॉडलों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे मॉडल वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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परियोजना समन्वयक सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक व मॉडल आधारित शिक्षा की ओर प्रेरित करते हैं। विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर सीखने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों की ओर से तैयार किए गए ये मॉडल उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। शिक्षा अधिकारी जीतेंद्र कुमार दास ने कहा कि यह विज्ञान मेला विद्यार्थियों और शिक्षकों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और शोध प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
33 विद्यालयों और दो विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
शिक्षा अधिकारी जीतेंद्र कुमार दास ने कहा कि इस मेले में जिले के 33 विद्यालयों और दो विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों की ओर से कुल 83 विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए गए हैं। इन मॉडलों को इंडिविजुअल प्रोजेक्ट, टीम प्रोजेक्ट, टीचिंग एड और विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट जैसी विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। यह विज्ञान मेला विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और नवाचार को मंच प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हो रहा है। 21 जनवरी को मेले का समापन होगा जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।