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अदालत का नोटिस सजा नहीं : गुप्ता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2026 01:33 AM IST
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Court notice is not punishment: Gupta
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कुरुक्षेत्र। ऑल इंडिया लॉयर्स फोरम के प्रदेश महासचिव व विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग के राष्ट्रीय सदस्य एडवोकेट अंकित गुप्ता ने कानून जानिए सीरीज के अंतर्गत लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अदालत या अन्य विभाग से नोटिस प्राप्त होता है तो डरने या छिपने के बजाय उत्तर दें। नोटिस का अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति दोषी है। समय पर सही जवाब दिया जाए तो विवाद शुरुआती स्तर पर ही सुलझ सकते हैं। अफवाहों या अधूरी जानकारी के कारण नोटिस को सजा समझ लेते हैं जबकि कानून में हर व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। कानूनी दस्तावेज प्राप्त होने पर तुरंत योग्य अधिवक्ता से सलाह लें और समय सीमा का ध्यान रखें।
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