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पिपली से कुरुक्षेत्र तक के तीर्थों के दर्शन करवाने के लिए बोटिंग चलाने की योजना : धुम्मन
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कुरुक्षेत्र। अष्टकोशी यात्रा को लेकर कार्यक्रम स्थल का जायजा लेते धुमन सिंह किरमच। स्वंय
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पिपली। सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने रविवार को अष्टकोशी यात्रा के लिए कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पिपली से कुरुक्षेत्र तक छह किलोमीटर तक के सरस्वती नदी के तटों पर विकास कार्य चल रहा है और रिटेनिंग वॉल लगभग बनकर तैयार हो चुकी है। सरकार की योजना है कि श्रद्धालुओं को बोटिंग के माध्यम से पिपली से कुरुक्षेत्र तक के तीर्थों का भ्रमण करवाया जाए। इस योजना पर फोकस रख कर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र की प्राचीन और ऐतिहासिक परंपराओं को जीवंत करने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों में अष्टकोशी यात्रा भी शामिल है। यह अष्टकोशी यात्रा चैत्र कृष्ण चौदस 18 मार्च को सुबह 5 बजे शुरू होगी और शाम छह बजे यात्रा का समापन होगा।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की परिक्रमा वास्तव में सन्निहित सरोवर की परिक्रमा है। इस तीर्थ का विस्तार चारों दिशाओं में दो-दो कोस था, तीर्थ के तट पर स्थापित मंदिरों में दान व स्नान की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कुरुक्षेत्र की अष्टकोशी परिक्रमा भी पितृ जनों की मुक्ति दिलाने वाली व अक्षय फल प्राप्त गामी होती है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र की प्राचीन और ऐतिहासिक परंपराओं को जीवंत करने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों में अष्टकोशी यात्रा भी शामिल है। यह अष्टकोशी यात्रा चैत्र कृष्ण चौदस 18 मार्च को सुबह 5 बजे शुरू होगी और शाम छह बजे यात्रा का समापन होगा।
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उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की परिक्रमा वास्तव में सन्निहित सरोवर की परिक्रमा है। इस तीर्थ का विस्तार चारों दिशाओं में दो-दो कोस था, तीर्थ के तट पर स्थापित मंदिरों में दान व स्नान की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कुरुक्षेत्र की अष्टकोशी परिक्रमा भी पितृ जनों की मुक्ति दिलाने वाली व अक्षय फल प्राप्त गामी होती है।

कुरुक्षेत्र। अष्टकोशी यात्रा को लेकर कार्यक्रम स्थल का जायजा लेते धुमन सिंह किरमच। स्वंय