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Kurukshetra News: सरकारी खरीद शुरू नहीं, औने-पौने दामों में की जा रही सरसों व तोरिया की खरीद
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कुरुक्षेत्र। थानेसर अनाजमंडी में आई सरसों की ढेरी की सफाई करते मजदूर। संवाद
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कुरुक्षेत्र। अनाज मंडियों में पिछले करीब 15 दिनों से सरसों व तोरिया की फसल आने लगी है लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई जिसका फायदा निजी व्यापारी उठा रहे हैं। औने-पौने दाम में फसल खरीदी जा रही है जिससे किसानों को चपत लग रही है। मंडियों में मनमाने भाव से खरीदी जा रही फसल के लिए भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने मुख्यमंत्री को हाल ही में पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने मांग की है कि सरसों व तोरिया की फसल खरीद तत्काल शुरू की जाए जबकि सूरजमुखी की फसल भी 1 जून के बजाय 15 मई से खरीद की जानी चाहिए।
28 मार्च को सरकारी तौर पर खरीद शुरू होगी। इसके लिए सरकार की ओर से संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।जिले की शाहाबाद, थानेसर, पिपली और इस्माईलाबाद सहित विभिन्न मंडियों में लगातार आवक बढ़ रही है। किसानों के अनुसार पिछले चार दिन से 600 रुपये तक कम भाव मिल रहा है। वहीं बदलते मौसम व गेहूं की कटाई नजदीक देख सरसों व तोरिया की कटाई भी तेज होने लगी है लेकिन पूरा भाव न मिलने पर किसानों में रोष और बेबसी दिखाई दे रही है।
किसानों का कहना है कि दूसरी फसल के लिए खेतों को तैयार किया जाना है। वहीं गेहूं कटाई सीजन भी निपटाना है जिसके कारण ज्यादा दिनों तक सरसों व तोरिया कटाई का इंतजार नहीं किया जा सकता। वहीं मौसम भी लगातार बदल रहा है और बारिश हुई तो नुकसान भी होगा।
एक लाख 34 हजार क्विंटल की हो चुकी आवक
गुरनाम चढूनी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि 7 मार्च तक ही मंडियों में एक लाख 34 हजार क्विंटल सरसों व तोरिया की फसल निजी व्यापारियों की ओर से खरीदी जा चुकी है। सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण व्यापारी मनमाने रेट लगा रहे हैं। कभी भाव कम तो कभी सूखी फसल न होने का बहाना बनाया जा रहा है। सरकार ने 28 मार्च से सरसों व तोरिया फसल खरीद तय की है लेकिन तब तक बड़े स्तर पर किसानों को नुकसान हो चुका होगा।
5400 रुपये तक की जा रही खरीद
थानेसर अनाज मंडी में आए किसान गुरशिंद्र सिंह ने कहा कि कई दिन पहले छह हजार से अधिक रेट तक भी सरसों बिकी लेकिन पिछले चार दिन से कम होकर करीब 5400 रुपये तक रेट रह गया है। फसलों के सही दाम नहीं लगाए जा रहे हैं।
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28 मार्च को सरकारी तौर पर खरीद शुरू होगी। इसके लिए सरकार की ओर से संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।जिले की शाहाबाद, थानेसर, पिपली और इस्माईलाबाद सहित विभिन्न मंडियों में लगातार आवक बढ़ रही है। किसानों के अनुसार पिछले चार दिन से 600 रुपये तक कम भाव मिल रहा है। वहीं बदलते मौसम व गेहूं की कटाई नजदीक देख सरसों व तोरिया की कटाई भी तेज होने लगी है लेकिन पूरा भाव न मिलने पर किसानों में रोष और बेबसी दिखाई दे रही है।
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किसानों का कहना है कि दूसरी फसल के लिए खेतों को तैयार किया जाना है। वहीं गेहूं कटाई सीजन भी निपटाना है जिसके कारण ज्यादा दिनों तक सरसों व तोरिया कटाई का इंतजार नहीं किया जा सकता। वहीं मौसम भी लगातार बदल रहा है और बारिश हुई तो नुकसान भी होगा।
एक लाख 34 हजार क्विंटल की हो चुकी आवक
गुरनाम चढूनी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि 7 मार्च तक ही मंडियों में एक लाख 34 हजार क्विंटल सरसों व तोरिया की फसल निजी व्यापारियों की ओर से खरीदी जा चुकी है। सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण व्यापारी मनमाने रेट लगा रहे हैं। कभी भाव कम तो कभी सूखी फसल न होने का बहाना बनाया जा रहा है। सरकार ने 28 मार्च से सरसों व तोरिया फसल खरीद तय की है लेकिन तब तक बड़े स्तर पर किसानों को नुकसान हो चुका होगा।
5400 रुपये तक की जा रही खरीद
थानेसर अनाज मंडी में आए किसान गुरशिंद्र सिंह ने कहा कि कई दिन पहले छह हजार से अधिक रेट तक भी सरसों बिकी लेकिन पिछले चार दिन से कम होकर करीब 5400 रुपये तक रेट रह गया है। फसलों के सही दाम नहीं लगाए जा रहे हैं।