कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर (कुटिक) की ओर से स्टार्टअप के लिए फंडिंग के द्वितीय चरण का मूल्यांकन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवाचार आधारित स्टार्टअप का मूल्यांकन कर उन्हें वित्तीय सहयोग और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करना है। बतौर मुख्य अतिथि रसायन विभाग की प्रो. नीरा राघव ने कहा कि वर्तमान समय में नवाचार आधारित स्टार्टअप देश की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विश्वविद्यालयों में विकसित हो रहे नए विचारों को उचित मंच और संसाधन उपलब्ध कराने से युवा उद्यमियों को नवाचारों को सफल व्यवसाय में बदलने का अवसर मिलता है।
स्टार्टअप के मूल्यांकन के लिए गठित विशेषज्ञ समिति में डॉ. वर्षा सिंह, तेजिंदर पाल सिंह जस्सल और विश्वेंद्र सिंह मोर शामिल रहे। नवाचार आधारित व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। बुजुर्गों के विभिन्न स्वास्थ्य मानकों पर निरंतर निगरानी रखी जा सकेगी। स्मार्ट बैंड विकसित किया जा रहा है, जो शरीर के विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी कर स्वास्थ्य प्रबंधन में सहायक सिद्ध होगा। स्टार्टअप का मूल्यांकन उनके बिजनेस पिच, तकनीकी नवाचार, व्यावहारिकता और संभावित सामाजिक प्रभाव के आधार पर किया गया। केयूटीआईसी समन्वयक लेफ्टिनेंट डॉ. अजय जांगड़ा ने बताया कि आगामी दिनों में कुल 14 स्टार्टअप का फंडिंग के लिए मूल्यांकन किया जाना प्रस्तावित है। इस अवसर पर डॉ. प्रियंका जांगड़ा, डॉ. भंवर सिंह, डॉ. हरदीप राय शर्मा और मनोज शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र। कुवि में कार्यक्रम के दौरान विचार साझा करते विशेषज्ञ। विज्ञप्ति