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Kurukshetra News: महिला अतिथि अध्यापिकाओं ने बुलंद की आवाज, शहर में निकाला मार्च
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कुरुक्षेत्र। अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की मांग के लिए रविवार को प्रदेशभर से सैकड़ों महिला अतिथि अध्यापिकाएं कुरुक्षेत्र पहुंचीं। लघु सचिवालय में सभा के बाद उन्होंने शहर में मार्च निकालकर प्रदर्शन किया और सरकार से हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को लागू करते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई।
सभा की अध्यक्षता महिला विंग की राज्य प्रधान पूनम कुमारी ने की। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति को वैध ठहराया है जबकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के पक्ष में आदेश दिए हैं। इसके बावजूद सरकार अब तक इन फैसलों को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की कि सभी पात्र अतिथि अध्यापकों को नियमित कर जून 2014 से सभी सेवा लाभ दिए जाएं।
सभा को रेखा रानी, राज्य प्रधान दिनेश यादव, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य महासचिव कृष्ण कुमार नैन, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रभु सिंह और सीएन भारती ने भी संबोधित किया।
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वक्ताओं ने कहा कि अतिथि अध्यापक नियमितीकरण की सभी शर्तें पूरी करते हैं, इसलिए सरकार को बिना देरी किए प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। मार्च के दौरान महिला अध्यापिकाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। आंदोलन को मास्टर बलबीर सिंह, सवित्री कुमारी, पृथ्वी सिंह सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी समर्थन दिया।
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सभा की अध्यक्षता महिला विंग की राज्य प्रधान पूनम कुमारी ने की। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति को वैध ठहराया है जबकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के पक्ष में आदेश दिए हैं। इसके बावजूद सरकार अब तक इन फैसलों को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की कि सभी पात्र अतिथि अध्यापकों को नियमित कर जून 2014 से सभी सेवा लाभ दिए जाएं।
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सभा को रेखा रानी, राज्य प्रधान दिनेश यादव, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य महासचिव कृष्ण कुमार नैन, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रभु सिंह और सीएन भारती ने भी संबोधित किया।
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वक्ताओं ने कहा कि अतिथि अध्यापक नियमितीकरण की सभी शर्तें पूरी करते हैं, इसलिए सरकार को बिना देरी किए प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। मार्च के दौरान महिला अध्यापिकाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। आंदोलन को मास्टर बलबीर सिंह, सवित्री कुमारी, पृथ्वी सिंह सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी समर्थन दिया।