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Kurukshetra News: धर्मनगरी में खाना होगा महंगा, ढाबा कारोबार पर असर
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कुरुक्षेत्र। फूड मार्किट में लगी दूकान। संवाद
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कुरुक्षेत्र। व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दामों में 993 रुपये और छोटे सिलिंडर में 261 रुपये की बढ़ोतरी का सीधा असर शहर के ढाबा, रेहड़ी और छोटे कैंटीन कारोबार पर पड़ा है। धर्मनगरी में छोटे कारोबारियों पर लागत का दबाव बढ़ गया है जिसका असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है।
सिलिंडर महंगा होने के बाद कई संचालक खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। ढाबा संचालकों का कहना है कि पहले से ही व्यावसायिक सिलिंडर की किल्लत के कारण उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही थी, ऊपर से दाम बढ़ने से स्थिति और कठिन हो गई है।
शहर की फास्ट फूड मार्केट में रेहड़ी और छोटी कैंटीन चलाने वालों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। फास्ट फूड रेहड़ी संचालक सुखविंदर ने बताया कि वह आज ही सिलिंडर भरवाकर लाए हैं लेकिन व्यावसायिक सिलेंडर महंगा पड़ रहा है, इसलिए मजबूरी में घरेलू सिलिंडर से काम चलाना पड़ रहा है।
इडली-सांभर की रेहड़ी के संचालक तमिल कुशल ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद उन्हें सिलिंडर मिला है। बढ़ी हुई लागत के कारण अब इडली-सांभर के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं, ताकि खर्च निकल सके।
संचालक आपस में करेंगे बढ़े हुए दाम तय
ब्रह्मसरोवर के पास ढाबा चला रहे नितेश सांडिल्य ने बताया कि सिलिंडर के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है। कई ढाबे अब घरेलू सिलिंडर पर निर्भर हो गए हैं लेकिन उसके लिए भी एक-एक महीने की वेटिंग चल रही है। उन्होंने कहा कि अब खाने के दाम बढ़ना तय है, हालांकि कितना बढ़ेगा यह संचालक आपस में तय करेंगे।
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सिलिंडर महंगा होने के बाद कई संचालक खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। ढाबा संचालकों का कहना है कि पहले से ही व्यावसायिक सिलिंडर की किल्लत के कारण उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही थी, ऊपर से दाम बढ़ने से स्थिति और कठिन हो गई है।
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शहर की फास्ट फूड मार्केट में रेहड़ी और छोटी कैंटीन चलाने वालों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। फास्ट फूड रेहड़ी संचालक सुखविंदर ने बताया कि वह आज ही सिलिंडर भरवाकर लाए हैं लेकिन व्यावसायिक सिलेंडर महंगा पड़ रहा है, इसलिए मजबूरी में घरेलू सिलिंडर से काम चलाना पड़ रहा है।
इडली-सांभर की रेहड़ी के संचालक तमिल कुशल ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद उन्हें सिलिंडर मिला है। बढ़ी हुई लागत के कारण अब इडली-सांभर के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं, ताकि खर्च निकल सके।
संचालक आपस में करेंगे बढ़े हुए दाम तय
ब्रह्मसरोवर के पास ढाबा चला रहे नितेश सांडिल्य ने बताया कि सिलिंडर के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है। कई ढाबे अब घरेलू सिलिंडर पर निर्भर हो गए हैं लेकिन उसके लिए भी एक-एक महीने की वेटिंग चल रही है। उन्होंने कहा कि अब खाने के दाम बढ़ना तय है, हालांकि कितना बढ़ेगा यह संचालक आपस में तय करेंगे।

कुरुक्षेत्र। फूड मार्किट में लगी दूकान। संवाद

कुरुक्षेत्र। फूड मार्किट में लगी दूकान। संवाद

कुरुक्षेत्र। फूड मार्किट में लगी दूकान। संवाद
