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स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव ही विकसित भारत और विकसित हरियाणा की पहचान : नायब सैनी
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कुरुक्षेत्र। राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में विजेताओं को सम्मानित करते मुख्यमंत्री नायब सिंह
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कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी के समारोह समापन पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव ही विकसित भारत और विकसित हरियाणा की पहचान हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ गति से बढ़ रहे हैं। ऐसे में पशुपालन क्षेत्र की भूमिका और भी अहम है। पशुपालन को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाना सरकार का लक्ष्य है।
उन्होंने देशी गाय को गुड़ खिलाकर पूजन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का निरीक्षण कर पशुओं की विभिन्न नस्लों को देखा और पशुपालकों से चर्चा भी की। मुख्यमंत्री के समक्ष कैटवॉक पर बेहतरीन नस्ल के पशुओं को उतारा गया जिसे देख मुख्यमंत्री के साथ पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा व सांसद नवीन जिंदल गदगद हो उठे। इस दौरान ऊंट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का माला पहनाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रेणी में अव्वल आने वाले पशुपालकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन, मूल्य संवर्धन, निर्यात संभावनाएं और स्टार्ट-अप संस्कृति में अपार अवसर हैं। सरकार का लक्ष्य पशुपालन को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाया जाए। इसके लिए हम पशु स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचा रहे हैं, उन्नत नस्ल संवर्धन को प्रोत्साहन दे रहे हैं, दुग्ध संग्रहण और विपणन की मजबूत व्यवस्था बना रहे हैं। इसके साथ ही प्रशिक्षण और ऋण सुविधाओं का भी विस्तार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन केवल आय का साधन नहीं बल्कि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हरियाणा की पहचान इसके समर्पित पशुपालकों, उन्नत नस्लों और वैज्ञानिक सोच से बनी है। दूध व दूध से बने उत्पाद, जैव-ऊर्जा, जैविक खाद और ग्रामीण रोजगार का आधार पशुपालन है। स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव, यही विकसित भारत- विकसित हरियाणा का रास्ता है। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा व सांसद नवीन जिंदल ने भी संबोधित किया। मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग, भाजपा नेता सुभाष कलसाना सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अंटेहड़ी में 53 एकड़ भूमि पर की जा रही प्राकृतिक खेती
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन, जल और वायु को प्रदूषित होने की सभी समस्याओं का हल प्राकृतिक खेती है। इसमें अधिकतर कार्य प्रकृति की ओेर से स्वयं ही किया जाता है। सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना शुरू की थी। प्राकृतिक खेती के शुरू किए गए पोर्टल पर भी किसान अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान एक लाख एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की 53 एकड़ चार कनाल भूमि पर प्राकृतिक खेती करने का निर्णय लिया है। यह जमीन जिला कैथल के गांव अंटेहड़ी में है। इसे पायलट परियोजना के रूप में लागू किया जाएगा।
खोली जा चुकी 287 महिला किसान डेयरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा अपनी मुर्राह नस्ल की भैंसों के लिए विख्यात है। इसके संरक्षण और विकास की दिशा में हम उच्च गुणवत्ता व अधिक दूध देने वाली मुर्राह भैंसों के मालिकों को 40 हजार रुपये तक का नकद प्रोत्साहन देते हैं। अब तक 2.20 लाख पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बैंकों की ओर से स्वीकृत किए गए हैं। अब तक प्रदेश में 287 महिला किसान डेयरी खोली जा चुकी हैं।
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उन्होंने देशी गाय को गुड़ खिलाकर पूजन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का निरीक्षण कर पशुओं की विभिन्न नस्लों को देखा और पशुपालकों से चर्चा भी की। मुख्यमंत्री के समक्ष कैटवॉक पर बेहतरीन नस्ल के पशुओं को उतारा गया जिसे देख मुख्यमंत्री के साथ पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा व सांसद नवीन जिंदल गदगद हो उठे। इस दौरान ऊंट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का माला पहनाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रेणी में अव्वल आने वाले पशुपालकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
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उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन, मूल्य संवर्धन, निर्यात संभावनाएं और स्टार्ट-अप संस्कृति में अपार अवसर हैं। सरकार का लक्ष्य पशुपालन को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाया जाए। इसके लिए हम पशु स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचा रहे हैं, उन्नत नस्ल संवर्धन को प्रोत्साहन दे रहे हैं, दुग्ध संग्रहण और विपणन की मजबूत व्यवस्था बना रहे हैं। इसके साथ ही प्रशिक्षण और ऋण सुविधाओं का भी विस्तार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन केवल आय का साधन नहीं बल्कि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हरियाणा की पहचान इसके समर्पित पशुपालकों, उन्नत नस्लों और वैज्ञानिक सोच से बनी है। दूध व दूध से बने उत्पाद, जैव-ऊर्जा, जैविक खाद और ग्रामीण रोजगार का आधार पशुपालन है। स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव, यही विकसित भारत- विकसित हरियाणा का रास्ता है। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा व सांसद नवीन जिंदल ने भी संबोधित किया। मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग, भाजपा नेता सुभाष कलसाना सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अंटेहड़ी में 53 एकड़ भूमि पर की जा रही प्राकृतिक खेती
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन, जल और वायु को प्रदूषित होने की सभी समस्याओं का हल प्राकृतिक खेती है। इसमें अधिकतर कार्य प्रकृति की ओेर से स्वयं ही किया जाता है। सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना शुरू की थी। प्राकृतिक खेती के शुरू किए गए पोर्टल पर भी किसान अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान एक लाख एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की 53 एकड़ चार कनाल भूमि पर प्राकृतिक खेती करने का निर्णय लिया है। यह जमीन जिला कैथल के गांव अंटेहड़ी में है। इसे पायलट परियोजना के रूप में लागू किया जाएगा।
खोली जा चुकी 287 महिला किसान डेयरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा अपनी मुर्राह नस्ल की भैंसों के लिए विख्यात है। इसके संरक्षण और विकास की दिशा में हम उच्च गुणवत्ता व अधिक दूध देने वाली मुर्राह भैंसों के मालिकों को 40 हजार रुपये तक का नकद प्रोत्साहन देते हैं। अब तक 2.20 लाख पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड बैंकों की ओर से स्वीकृत किए गए हैं। अब तक प्रदेश में 287 महिला किसान डेयरी खोली जा चुकी हैं।

कुरुक्षेत्र। राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में विजेताओं को सम्मानित करते मुख्यमंत्री नायब सिंह