कुरुक्षेत्र। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के बॉटनी विभाग और ईएसएम सेल के संयुक्त तत्वावधान में 30 छात्राओं ने गुरुकुल कुरुक्षेत्र का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयामों से परिचित कराना और कक्षा में पढ़े सिद्धांतों को व्यवहार में समझना रहा। छात्राओं ने भ्रमण के दौरान गुरुकुल कुरुक्षेत्र में संचालित प्राकृतिक खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
छात्राओं को गुरुकुल की अत्याधुनिक गोशाला, गोबर गैस प्लांट, जीमामृत व घनजीवामृत निर्माण केंद्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही गुरुकुल की पारंपरिक शिक्षा पद्धति, नेचुरोपेथी और प्राकृतिक जीवनशैली के सिद्धांतों से भी छात्राओं को अवगत कराया गया। छात्राओं ने जाना कि किस प्रकार प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बिना खेती कर भूमि की उर्वरता को बनाए रखा जा सकता है। प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है जिससे किसान की आय बढ़ती है और पर्यावरण संतुलन भी सुरक्षित रहता है। इस पद्धति से देसी गायों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
भ्रमण के बाद डॉ. विनीता हुड्डा के निर्देशन में संचालित सर्टिफिकेट कोर्स इन नेचुरल फार्मिंग के पूर्ण होने पर सभी छात्राओं को प्रमाणपत्र गुजरात व महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्रदान किए। राज्यपाल ने कहा कि जहर मुक्त प्राकृतिक खेती हमारे देश के प्रधानमंत्री का सपना है और युवा पीढ़ी जो कृषि संबंधित विषयों की पढ़ाई कर रही है, वे भविष्य में इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। देश की बेटियों ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध की है और वे कृषि व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी नई दिशा दे सकती हैं। एमडीयू बॉटनी विभाग की अध्यक्षा डॉ. अनिता रानी सहरावत ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर समाजसेवी डॉ. संपूर्ण सिंह, गुरुकुल के व्यवस्थापक रामनिवास आर्य, फार्म मैनेजर गगनदीप सिंह, राजेश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।