लाडवा। गांव बिहोली के सामुदायिक केंद्र में चल रहे नौ दिवसीय आवासीय शिक्षिका प्रशिक्षण का रविवार को समापन हुआ। इसमें कोर्स पूरा करने वाली महिलाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान 15 महिलाओं को सिलाई मशीनें भी वितरित की गईं। यह कार्यक्रम उषा सिलाई स्कूल व जिला युवा विकास संगठन ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था।
राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कहा कि यह नौ दिवसीय आवासीय शिक्षिका प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं है बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहां सीखने, समझने और खुद को निखारने का अवसर मिलता है। जिला युवा विकास संगठन और उषा इंटरनेशनल लिमिटेड की महत्वपूर्ण पहल ने महिलाओं को सशक्त बनाने का रास्ता दिखाया है। संस्था ने शिक्षिकाओं के विकास के लिए जो प्रयास किया है, वह निश्चित रूप से समाज के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण महिलाओं के लिए एक नई ऊर्जा, नई सोच और नई दिशा लेकर आया है। यहां महिलाओं ने नई शिक्षण विधियों को सीखने के साथ-साथ एक-दूसरे के अनुभवों से भी बहुत ज्ञान अर्जित किया है। यहां पर जो भी सीखा या ज्ञान मिला है, उसे अपने परिवार, आस-पड़ोस, समाज और गांवों में अन्य महिलाओं तक जरूर पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि हमारे गांवों और छोटे कस्बों में शिक्षिकाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यहां आप सिर्फ पढ़ाने का काम नहीं करतीं बल्कि पूरे समाज को जागरूक करने का कार्य करती हैं। आप बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं, उन्हें आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाती हैं।

कुरुक्षेत्र। गांव बिहोली के सामुदायिक केंद्र में आवासीय शिक्षिका प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोध