सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Punjab government should get the incident in Shergarh investigated by a senior officer: Sahuwal

शेरगढ़ में हुई घटना की आलाधिकारी से जांच कराए पंजाब सरकार : साहूवाल

संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Fri, 20 Mar 2026 03:17 AM IST
विज्ञापन
Punjab government should get the incident in Shergarh investigated by a senior officer: Sahuwal
कुरुक्षेत्र। एचएसजीएमसी व अकाल पंथक मोर्चा सदस्य बैठक करते हुए। संवाद
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी एवं अकाल पंथक मोर्चा के सदस्यों ने विगत दिवस पटियाला के शेरगढ़ में हुए घटनाक्रम की निंदा की। वीरवार को मोर्चा सदस्य कमेटी मुख्यालय पर पहुंचे। यहां पर प्रकाश सिंह साहूवाल ने कहा कि शेरगढ़ में अंतिम अरदास के बाद जो भी घटना हुई वह निंदाजनक है। संगत ने हमें गुरु घर की सेवा के लिए चुन कर भेजा है, लेकिन ऐसी घटनाएं गुरु घर के सेवक को किसी भी हाल में शोभा नहीं देती।
Trending Videos

प्रकाश सिंह साहूवाल ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि पंजाब सरकार से मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की किसी आलाधिकारी से जांच करवाई जाए। दोनों ही धार्मिक संस्था से जुडे हैं और दोनों ही अमृतधारी हैं। उनकी सोच है कि दोनों के ही हाथ में श्री गुटका साहिब दे दिया जाए, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा को बलजीत सिंह दादूवाल ने ही प्रधान चुना था और वे बहिष्कार करके वहां से चले गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

अकाल पंथक मोर्चा ने जत्थेदार झींडा को कुछ अहम मुद्दों को लेकर समर्थन दिया था। आज भी उनका समर्थन पंथ के महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर है। साहूवाल ने कहा कि मोर्चा एकजुट है और इस मोर्चा के सदस्य किसी के अधीन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बलजीत सिंह दादूवाल ने कुछ दिन पहले बयानबाजी की थी कि अकाल पंथक मोर्चा शिरोमणि अकाली दल का गुलाम है, जो कि सरासर गलत है। यह दादूवाल की निजी सोच है। कमेटी के चुनाव के दौरान अकाल पंथक मोर्चा और हरियाणा सिख पंथक दल का गठजोड हुआ था और इसे अकाल पंथक मोर्चा नाम दिया गया, इसमें 19 सदस्य शामिल हैं। अकाल पंथक मोर्चे का एक भी सदस्य कोई बयान जारी करता है, तो वह सभी 19 सदस्यों की आवाज है। जत्थेदार बलदेव सिंह कैमपुर ने कहा कि धार्मिक संस्था का उत्तरदायित्व धर्म प्रचार करना है और इनका कार्य प्राकृतिक आपदा के दौरान मानव सेवा करना भी इनकी प्राथमिकता है। इसी आशा से संगत ने हमें चुना है, लेकिन एक साल का समय हो गया, अभी तक हुआ कुछ भी नहीं। उन्होंने जो घटना घटी है, उसकी इजाजत गुरमत नहीं देती।
सदस्य रविंदर सिंह राणा ने कहा कि इस घटना का जिम्मेदार कौन है, यह तो बलजीत सिंह दादूवाल को बताना चाहिए। दादूवाल को जो सुरक्षा मिली है, वह उनके बचाव व सुरक्षा के लिए है, न कि किसी पर हमला करने के लिए। इससे पहले मोर्चा के समूह सदस्यों ने बैठक भी की, जिसमें उक्त घटना पर विचार विमर्श किया गया। इस माैके पर इकबाल सिंह, कुलदीप सिंह जोगेवाल, काका सिंह लधूवास, बिंदर सिंह खालसा, सुखदेव सिंह न्नयोला, हरमनप्रीत सिंह, गुरमेल सिंह, बलकार सिंह, कर्मजीत सिंह सालमखेड़ा, हरिंदर सिंह, मोहनजीत सिंह, अमृतपाल सिंह, सेवा सिंह, गुरजीत सिंह धमौली, गुरमेज सिंह, सुखजिंदर सिंह मसाना मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed