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Kurukshetra News: राजकीय विद्यालयों में आठ महीने से नहीं हो रही सेनेटरी पैड की आपूर्ति
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में छात्राओं को निशुल्क सेनेटरी पैड्स उपलब्ध करवाने की योजना थी। इसके तहत निदेशालय की ओर से सभी जिलों में पैड्स की सप्लाई की जाती थी। आठ महीने से यह योजना अधर में लटकी हुई है। चूंकि जिले के विद्यालयों को आठ महीने से ज्यादा हो गए हैं और पैड नहीं मिले हैं। इस कारण छात्राओं को परेशानी हो रही है। वहीं, जिला शिक्षा विभाग की ओर से निदेशालय को इसकी डिमांड भेजी गई है।
दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजकीय व निजी विद्यालयों में छात्राओं के लिए सेनेटरी पैड अनिवार्य कर दिया है। परंतु राजकीय विद्यालयों में यह सुविधा करीब तीन साल से है, लेकिन आठ महीने से इस पर कोई अमल नहीं किया गया है। आठ महीने से जिले के राजकीय विद्यालयों में सेनेटरी पैड्स खत्म है, लेकिन सप्लाई नहीं आ रही है। इसके लिए विद्यालयों की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मांग भी की है। वहीं, सप्लाई न आने के कारण छात्राओं को इससे काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में शिक्षिकाएं अपने स्तर पर इसका प्रबंध कर रही हैं। इसके लिए विद्यालयों की शिक्षिकाएं स्वयं से राशि एकत्रित करती हैं और इसकी व्यवस्था करती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण छात्राओं में जागरूकता लेकर आना है। विद्यालयों में शिक्षिकाओं के प्रेरित करने से छात्राओं में इसके प्रति जागरूकता आई है।
पहले डीईओ की ओर से सभी विद्यालयों को साल भर के लिए पैड्स उपलब्ध करवाए जाते थे। हर तिमाही में इसकी आपूर्ति की जाती थी। इसके साथ ही विद्यालयों की छात्राओं की गणना भी की जाती थी, परंतु सप्लाई न आने के कारण अब यह कार्य रुक गया है। बता दें कि जिले में कुल 111 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं और 222 माध्यमिक व उच्च विद्यालय हैं। वरिष्ठ माध्यमिक में छात्राओं की संख्या करीब 12300 है और उच्च व माध्यमिक विद्यालयों में छात्राओं की संख्या करीब 30,000 है। उच्च विद्यालयों में करीब 10,000 छात्राएं पढ़ रही हैं। अध्यापिकाओं का कहना है कि इसके लिए कई बार डिमांड भेजी गई है, लेकिन आपूर्ति नहीं हुई है। इससे सभी को परेशानी हो रही है।
निदेशालय की ओर से सभी विद्यालयों में सेनेटरी पैड्स उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। इसके लिए निदेशालय की ओर से सप्लाई भी आती है। परंतु कुछ महीनों से सप्लाई न आने के कारण विद्यालयों में पैड्स की कमी हो गई है। परंतु अब निदेशालय की ओर से इसकी सप्लाई पुन: शुरू की जा रही है। जल्द ही सभी विद्यालयों में पैड पहुंच जाएंगे। प्रेमतला बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में छात्राओं को निशुल्क सेनेटरी पैड्स उपलब्ध करवाने की योजना थी। इसके तहत निदेशालय की ओर से सभी जिलों में पैड्स की सप्लाई की जाती थी। आठ महीने से यह योजना अधर में लटकी हुई है। चूंकि जिले के विद्यालयों को आठ महीने से ज्यादा हो गए हैं और पैड नहीं मिले हैं। इस कारण छात्राओं को परेशानी हो रही है। वहीं, जिला शिक्षा विभाग की ओर से निदेशालय को इसकी डिमांड भेजी गई है।
दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजकीय व निजी विद्यालयों में छात्राओं के लिए सेनेटरी पैड अनिवार्य कर दिया है। परंतु राजकीय विद्यालयों में यह सुविधा करीब तीन साल से है, लेकिन आठ महीने से इस पर कोई अमल नहीं किया गया है। आठ महीने से जिले के राजकीय विद्यालयों में सेनेटरी पैड्स खत्म है, लेकिन सप्लाई नहीं आ रही है। इसके लिए विद्यालयों की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मांग भी की है। वहीं, सप्लाई न आने के कारण छात्राओं को इससे काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में शिक्षिकाएं अपने स्तर पर इसका प्रबंध कर रही हैं। इसके लिए विद्यालयों की शिक्षिकाएं स्वयं से राशि एकत्रित करती हैं और इसकी व्यवस्था करती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण छात्राओं में जागरूकता लेकर आना है। विद्यालयों में शिक्षिकाओं के प्रेरित करने से छात्राओं में इसके प्रति जागरूकता आई है।
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पहले डीईओ की ओर से सभी विद्यालयों को साल भर के लिए पैड्स उपलब्ध करवाए जाते थे। हर तिमाही में इसकी आपूर्ति की जाती थी। इसके साथ ही विद्यालयों की छात्राओं की गणना भी की जाती थी, परंतु सप्लाई न आने के कारण अब यह कार्य रुक गया है। बता दें कि जिले में कुल 111 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं और 222 माध्यमिक व उच्च विद्यालय हैं। वरिष्ठ माध्यमिक में छात्राओं की संख्या करीब 12300 है और उच्च व माध्यमिक विद्यालयों में छात्राओं की संख्या करीब 30,000 है। उच्च विद्यालयों में करीब 10,000 छात्राएं पढ़ रही हैं। अध्यापिकाओं का कहना है कि इसके लिए कई बार डिमांड भेजी गई है, लेकिन आपूर्ति नहीं हुई है। इससे सभी को परेशानी हो रही है।
निदेशालय की ओर से सभी विद्यालयों में सेनेटरी पैड्स उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। इसके लिए निदेशालय की ओर से सप्लाई भी आती है। परंतु कुछ महीनों से सप्लाई न आने के कारण विद्यालयों में पैड्स की कमी हो गई है। परंतु अब निदेशालय की ओर से इसकी सप्लाई पुन: शुरू की जा रही है। जल्द ही सभी विद्यालयों में पैड पहुंच जाएंगे। प्रेमतला बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।
