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Kurukshetra News: पुलिस अधीक्षक ने जिला के मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ की बैठक
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कुरुक्षेत्र। पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने वीरवार को जिला के मेडिकल स्टोर संचालकों और एसोसिएशन पदाधिकारियों के साथ एक बैठक मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर में की। बैठक का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित नशीली दवाओं और इंजेक्शनों की अवैध बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाना रहा। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे को रोकना केवल पुलिस का कार्य नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग मिलकर प्रयास करें तो युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक ने मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की तथा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को नशीली दवाइयां न दी जाएं। यदि कोई व्यक्ति मुंह ढककर या अपनी पहचान छिपाते हुए नशीली दवाई मांगता है तो उसका पहचान-पत्र अवश्य जांचें। उन्होंने कहा कि स्टोर पर बिकने वाली एच-1 श्रेणी की दवाइयों का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना सुनिश्चित करें ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालक समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नशे की रोकथाम में उनकी भूमिका बेहद अहम है। यदि किसी व्यक्ति में नशे की लत के लक्षण दिखाई दें तो उसकी जानकारी पुलिस के साथ साझा करें ताकि ऐसे लोगों का उपचार और नशा छुटवाने के लिए उचित कदम उठाए जा सके।
केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान अशोक सिंगला ने पुलिस को इस मुहिम में अपना पूर्ण सहयोग देने का विश्वास दिलाया। इस बैठक में डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार, जिला ड्रग इंस्पेक्टर तरुण भारद्वाज, केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान अशोक सिंगला सहित जिलाभर के मेडिकल स्टोर संचालक मौजूद रहे।
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होटल संचालकों के लिए एसओपी का पालन करना अनिवार्य : चंद्र मोहन
कुरुक्षेत्र। होटल मालिकों, संचालकों को होटल संचालन से संबंधित एसओपी तथा नियमों की जानकारी होना तथा एसओपी का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि होटल में रुकने वाले प्रत्येक व्यक्ति की आईडी, मोबाइल नंबर लेना जरूरी है। होटल में रुकने वाले प्रत्येक का होटल के रजिस्टर में नाम-पता साफ-साफ शब्दों दर्ज होना चाहिए।
ये बातें पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने वीरवार को होटल संचालकों के साथ एक बैठक मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर के सभागार में बैठक के दौरान कही। पुलिस अधीक्षक की बैठक का उद्देश्य होटलों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करना है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी होटलों का ऑनलाइन पोर्टल होना चाहिए, होटल में कमरा किराए लेने वालों की पहचान पत्र लिया जाए।
उन्होंने कहा कि होटलों में अनैतिक कार्य बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। नाबालिगों और स्कूली बच्चों को कमरा किराए पर न दिया जाए। संदिग्ध व्यक्ति का पता चलने पर संबंधित थाने को सूचना दी जाए ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि होटल के अंदर लगे सभी कैमरे चालू हालत में होने चाहिए तथा सभी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए। होटल के बाहर भी मुख्य स्थानों पर हाई रेजोल्यूशन के कैमरे लगवाएं जिसमें फुटेज साफ हो तथा ज्यादा से ज्यादा दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रह सके, इसके साथ-साथ होटल में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के पहचान प्रमाण होना चाहिए तथा उनकी संबंधित थाना से पुलिस सत्यापन करवानी चाहिए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मुंह ढककर या अपनी पहचान छिपाते हुए होटल में आता है तो उसका पहचान-पत्र अवश्य जांचें तथा पुलिस को उसकी सूचना दें। यदि कोई विदेशी नागरिक रुकता है तो फॉर्म-सी में उसका पूरा डेटा भरकर ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है। होटल एसोसिएशन के प्रधान बाबू राम टाया ने इस मुहिम में पुलिस को अपना पूर्ण सहयोग देने का विश्वास दिलाया।
महिला पुलिस टीम ने लाडवा के शैक्षणिक स्थानों में छात्राओं को किया जागरूक
पिपली। जिला पुलिस की सेफ सिटी टीम ने बुधवार को महिला सुरक्षा के लिए राजकीय आईटीआई उमरी में छात्राओं को जागरूकता का पाठ पढ़ाया। टीम ने लड़कियों को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण भी दिया। सेफ सिटी टीम प्रभारी ने कहा कि पुलिस हमेशा आपके साथ है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग द्वारा दुर्गा-शक्ति एप लॉन्च किया गया है। दुर्गा शक्ति एप का लाल बटन दबाने से आपको पुलिस मदद मिलेगी इसलिए आप खुद को दुर्गा शक्ति एप पर पंजीकृत कर लें। महिला विरुद्ध होने वाले अपराध की सूचना किसी भी थाना के महिला हेल्प डेस्क, महिला थाना, महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 या डायल 112 पर दी जा सकती है। सूचना पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।
पुलिस अधीक्षक ने मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को नशीली दवाइयां न दी जाएं। यदि कोई व्यक्ति मुंह ढककर या अपनी पहचान छिपाते हुए नशीली दवाई मांगता है तो उसका पहचान-पत्र अवश्य जांचें। उन्होंने कहा कि स्टोर पर बिकने वाली एच-1 श्रेणी की दवाइयों का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना सुनिश्चित करें ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालक समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नशे की रोकथाम में उनकी भूमिका बेहद अहम है। यदि किसी व्यक्ति में नशे की लत के लक्षण दिखाई दें तो उसकी जानकारी पुलिस के साथ साझा करें ताकि ऐसे लोगों का उपचार और नशा छुटवाने के लिए उचित कदम उठाए जा सके।
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केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान अशोक सिंगला ने पुलिस को इस मुहिम में अपना पूर्ण सहयोग देने का विश्वास दिलाया। इस बैठक में डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार, जिला ड्रग इंस्पेक्टर तरुण भारद्वाज, केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान अशोक सिंगला सहित जिलाभर के मेडिकल स्टोर संचालक मौजूद रहे।
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होटल संचालकों के लिए एसओपी का पालन करना अनिवार्य : चंद्र मोहन
कुरुक्षेत्र। होटल मालिकों, संचालकों को होटल संचालन से संबंधित एसओपी तथा नियमों की जानकारी होना तथा एसओपी का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि होटल में रुकने वाले प्रत्येक व्यक्ति की आईडी, मोबाइल नंबर लेना जरूरी है। होटल में रुकने वाले प्रत्येक का होटल के रजिस्टर में नाम-पता साफ-साफ शब्दों दर्ज होना चाहिए।
ये बातें पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने वीरवार को होटल संचालकों के साथ एक बैठक मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर के सभागार में बैठक के दौरान कही। पुलिस अधीक्षक की बैठक का उद्देश्य होटलों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करना है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी होटलों का ऑनलाइन पोर्टल होना चाहिए, होटल में कमरा किराए लेने वालों की पहचान पत्र लिया जाए।
उन्होंने कहा कि होटलों में अनैतिक कार्य बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। नाबालिगों और स्कूली बच्चों को कमरा किराए पर न दिया जाए। संदिग्ध व्यक्ति का पता चलने पर संबंधित थाने को सूचना दी जाए ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि होटल के अंदर लगे सभी कैमरे चालू हालत में होने चाहिए तथा सभी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए। होटल के बाहर भी मुख्य स्थानों पर हाई रेजोल्यूशन के कैमरे लगवाएं जिसमें फुटेज साफ हो तथा ज्यादा से ज्यादा दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रह सके, इसके साथ-साथ होटल में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के पहचान प्रमाण होना चाहिए तथा उनकी संबंधित थाना से पुलिस सत्यापन करवानी चाहिए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मुंह ढककर या अपनी पहचान छिपाते हुए होटल में आता है तो उसका पहचान-पत्र अवश्य जांचें तथा पुलिस को उसकी सूचना दें। यदि कोई विदेशी नागरिक रुकता है तो फॉर्म-सी में उसका पूरा डेटा भरकर ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है। होटल एसोसिएशन के प्रधान बाबू राम टाया ने इस मुहिम में पुलिस को अपना पूर्ण सहयोग देने का विश्वास दिलाया।
महिला पुलिस टीम ने लाडवा के शैक्षणिक स्थानों में छात्राओं को किया जागरूक
पिपली। जिला पुलिस की सेफ सिटी टीम ने बुधवार को महिला सुरक्षा के लिए राजकीय आईटीआई उमरी में छात्राओं को जागरूकता का पाठ पढ़ाया। टीम ने लड़कियों को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण भी दिया। सेफ सिटी टीम प्रभारी ने कहा कि पुलिस हमेशा आपके साथ है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग द्वारा दुर्गा-शक्ति एप लॉन्च किया गया है। दुर्गा शक्ति एप का लाल बटन दबाने से आपको पुलिस मदद मिलेगी इसलिए आप खुद को दुर्गा शक्ति एप पर पंजीकृत कर लें। महिला विरुद्ध होने वाले अपराध की सूचना किसी भी थाना के महिला हेल्प डेस्क, महिला थाना, महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 या डायल 112 पर दी जा सकती है। सूचना पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।