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Kurukshetra News: इस बार भी सिरे नहीं चढ़ी करनाल-जगाधरी रेल लाइन परियोजना, लोगाें में बढ़ी निराश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:58 AM IST
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The Karnal-Jagadhri rail line project has failed to materialize once again, leading to increased disappointment among the people
यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन। संवाद
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अभय सिंह
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जगाधरी। केंद्रीय बजट में जिलावासियों को इस बार पांच साल से लंबित करनाल-जगाधरी रेल लाइन परियोजना के सिरे चढ़ने की उम्मीद थी। इस बार भी बजट में इस परियोजना का जिक्र नहीं हुआ। इससे जिले के लोगों को काफी निराशा हुई। केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल के आम बजट से लोगों को आस थी कि करनाल-यमुनानगर रेल लाइन परियोजना गति पकड़ेगी, पर बजट में इसका कोई प्रावधान नहीं किया गया।
केंद्र व राज्य सरकार की यह संयुक्त परियोजना चार साल में पूरी होनी थी लेकिन यह घोषणा बनकर रह गई और पांच से लंबित है। वर्ष-2021 में केंद्र व प्रदेश सरकार ने परियोजना को मंजूरी दी थी, वहीं वर्ष 2021 के बजट में केंद्र ने कुछ राशि टोकन के रूप में रेलवे को जारी की थी। इसके बाद वर्ष-2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के बजट में केंद्र सरकार व रेलवे के सहयोग परियोजना जल्द पूरी करने की बात कही थी। अब तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल केंद्र में कैबिनेट मंत्री हैं, बावजूद इसके बजट में इस परियोजना को कोई महत्व नहीं मिला।
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यमुनानगर से दक्षिण व पश्चिमी हरियाणा के लिए केवल सड़क ही एक मात्र रास्ता है। ट्रेन से जाने के लिए लोगों अंबाला, कुरुक्षेत्र जाना पड़ता है। परियोजना के समय केंद्र व प्रदेश सरकार ने यमुनानगर से करनाल तक रेल लाइन बिछाने के लिए चार साल का समय निर्धारित किया था। परियोजना पूरी होना तो दूर, पर पांच साल में रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन तक नहीं ली गई है। यह रेल लाइन यमुनानगर से वाया रादौर, लाडवा, इंद्री से करनाल तक निकालने की योजना है। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम ने 883.78 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की डीपीआर दी थी।
इस रेल मार्ग से प्रतिदिन सीधा करीब दस हजार लोगों को लाभ होगा। इससे प्रदेश के सोनीपत, पानीपत, बहादुरगढ़ व जिलों के उद्योगों को देश के पूर्वी हिस्से तक सामान पहुंचाना भी आसान होगा। रादौर, लाडवा व इंद्री के सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों से कृषि उपज, प्लाईवुड, लकड़ी, औद्योगिक उत्पादों, धातु उद्योग, उर्वरकों इत्यादि के लिए बाजार तक पहुंचना सुगम हो जाएगा। इसके अलावा यह परियोजना हरियाणा के दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्र को सीधे हरिद्वार से जोड़ेगी। संवाद

जगाधरी वर्कशॉप से निकलनी है लाइन

प्रस्तावित नई रेल लाइन अंबाला-सहारनपुर रेल मार्ग के बीच यमुनानगर के जगाधरी वर्कशॉप रेलवे स्टेशन से शुरू होगी, जो दिल्ली-अंबाला रेल लाइन पर करनाल रेलवे स्टेशन से जुड़ेगी। यह नई लाइन पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर के लिए एक फीडर मार्ग के रूप में भी काम करेगी, वहीं उत्तर प्रदेश सीमा पर जिले के कलानौर स्टेशन पर रेलवे के साथ इंटरचेंज प्वाइंट भी प्रस्तावित किया था। इस रेल मार्ग से यमुनानगर के रादौर, कुरुक्षेत्र के लाडवा, करनाल के इंद्री के लोगों को सीधी सुविधा मिलेगी।

पांच स्टेशन बनाने की है योजना

यमुनानगर-करनाल रेल मार्ग करीब 64.6 किलोमीटर लंबा होगा। यह अंबाला सहारनपुर रूट पर यमुनानगर के जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन से इसकी शुरुआत होगी। अंबाला दिल्ली लाइन करनाल व भैणी खुर्द रेलवे स्टेशन पर दोनों लाइन को जोड़गी। परियोजना के अनुसार इस रेल मार्ग पर पांच स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। यमुनानगर के दामला व रादौर में स्टेशन बनना प्रस्तावित है। वहीं, एक स्टेशन कुरुक्षेत्र के लाडवा में प्रस्तावित है। करनाल में इंद्री व रंभा स्टेशन बनाना प्रस्तावित हैं। इस रेल लाइन के लिए 116 पुल बनाकर नहर, नाले, सड़कों क्रॉस की जानी प्रस्तावित हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार रेलवे कुल 574.98 एकड़ भूमि अधिग्रहण करके देनी है, जो पांच से नहीं हो पाई है।

व्यापार को मिलेगी गति
कारोबारी संजय मित्तल ने कहा कि अभी कुरुक्षेत्र, करनाल सहित दक्षिण हरियाणा जाने के लिए यमुनानगर से केवल सड़क मार्ग है। रेल लाइन परियोजना से लोगों को काफी सुविधा मिल जाएगी। इससे व्यापारियों को सामान भेजने व मंगवाने में आसानी होती। परंतु इस बार भी इसे लेकर कोई प्रावधान नहीं किया गया है। जिससे व्यापारियों को काफी निराशा हुई है।



यात्रियों को मिलेगी सुविधा

छात्र एवं खिलाड़ी दिपांशु ने कहा कि इस रेल परियोजना से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे विद्यार्थी वर्ग भी लाभान्वित होगा। यमुनानगर से दामला, रादौर, कुरुक्षेत्र, करनाल के लिए सैकड़ों विद्यार्थी व खिलाड़ी जाते हैं। अभी उनके पास केवल सड़क यातायात एकमात्र विकल्प है। यह रेल लाइन बनने से खिलाड़ियों और विद्यार्थियों सहित क्षेत्र के हजारों लोगों की परेशानी कम होगी और यातायात सुगम होगा।
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