पहाड़ों में हुई बारिश का असर: कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी में बढ़ा जलस्तर, कठवा गांव में बाढ़ का खतरा
ग्रामीणों को डर है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो उनके घरों में पानी घुस सकता है। पिछले साल की तबाही को देखते हुए लोग सहमे हुए हैं। प्रशासन से मदद की गुहार लगाई जा रही है।
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मानसून की बारिश तेज होने से मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। तड़के तक नदी में 14200 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। इससे नदी के किनारे स्थित कठवा गांव प्रभावित होने लगा है। गांव की सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कठवा से तगौर जाने वाली सड़क पर 2 फीट तक पानी बह रहा है। इससे लोगों को पिछले साल आई बाढ़ की याद आ गई है। पिछले वर्ष भी कठवा और तगौर गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। देर रात तक मारकंडा नदी में करीब 11000 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। नदी के आसपास के निचले इलाकों में मुनादी कराई गई थी। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई थी।
ग्रामीणों की चिंता
बारिश का सीजन अभी और तेज होने वाला है। इससे आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो उनके घरों में पानी घुस सकता है। पिछले साल की तबाही को देखते हुए लोग सहमे हुए हैं। प्रशासन से मदद की गुहार लगाई जा रही है।
प्रशासन की तैयारी
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। राहत और बचाव दल को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए भी कहा जा रहा है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।