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हरियाणा के युवक की जर्मनी में हत्या: आरोपियों ने चाकूओं से गोदा, 15 लाख कर्ज लेकर गया था विदेश
Wed, 12 Aug 2026 06:49 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 12 Aug 2026 06:49 PM IST
सार
कुरुक्षेत्र के एक युवक की जर्मनी में हत्या कर दी गई। युवक को चाकूओं से गोदकर मौत के घाट उतार दिया गया।
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जर्मनी में हरियाणा के युवक की हत्या
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
जर्मनी के फ्रेंकफर्ट शहर में कुरुक्षेत्र के एक युवक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। करीब 25 वर्षीय मृतक की पहचान विशू शर्मा निवासी महादेव मोहल्ला के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मामूली कहासुनी के बाद तीन से चार भारतीय युवकों ने उस पर चाकू से हमला किया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कुरुक्षेत्र स्थित परिवार में मातम छा गया।
मृतक विशू पूर्व नगर पार्षद नितिन भारद्वाज लाली का सगा भतीजा था। लाली ने बताया कि उन्हें अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। उनके पास करीब सुबह चार बजे फोन आया था कि किसी ने विशू को चाकू मार दिया है और अस्पताल में विशू ने दम तोड़ दिया है।
विशू पर तीन से चार भारतीय युवकों ने हमला किया। जब विशू गंभीर रूप से घायल हो गया था तो उसे खून से लथपथ हालात में छोड़ सभी आरोपी फरार हो गए। उन्हें अभी पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है कि पूरा मामला क्या था और इन लोगों का विशू के साथ क्या झगड़ा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी और इसके बाद आरोपियों ने विशू को चाकू मार दिया। घटना में जर्मनी पुलिस कार्रवाई कर रही है और हत्या के कारणों, आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
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मृतक विशू पूर्व नगर पार्षद नितिन भारद्वाज लाली का सगा भतीजा था। लाली ने बताया कि उन्हें अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। उनके पास करीब सुबह चार बजे फोन आया था कि किसी ने विशू को चाकू मार दिया है और अस्पताल में विशू ने दम तोड़ दिया है।
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विशू पर तीन से चार भारतीय युवकों ने हमला किया। जब विशू गंभीर रूप से घायल हो गया था तो उसे खून से लथपथ हालात में छोड़ सभी आरोपी फरार हो गए। उन्हें अभी पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है कि पूरा मामला क्या था और इन लोगों का विशू के साथ क्या झगड़ा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी और इसके बाद आरोपियों ने विशू को चाकू मार दिया। घटना में जर्मनी पुलिस कार्रवाई कर रही है और हत्या के कारणों, आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
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तीन साल पहले डंकी रूट से गया था जर्मनी
चाचा लाली ने बताया कि विशू करीब तीन वर्ष पहले बेहतर भविष्य की उम्मीद में कर्ज लेकर अमेरिका जाने के लिए डंकी रूट के माध्यम से घर से निकला था। सबसे पहले वह यहां से पुर्तगाल फिर फ्रांस व बाद में जर्मनी पहुंचा था और आगे जाने की वजह जर्मनी में ही रहने लगा और अपना काम-धंधा शुरू कर दिया। वहां वह अपने भविष्य को संवारने के लिए मेहनत कर रहा था। हाल ही में उसने जर्मनी में पीआर लेने के लिए अपने दस्तावेज जमा करवाए थे और दीपावली पर घर लौटने की तैयारी कर रहा था। परिवार के लोग उसकी शादी के लिए रिश्ता देखने की तैयारी में भी जुटे हुए थे। इसी बीच विदेश से उसकी मौत की खबर आने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इकलौते बेटे को 15 लाख का कर्ज लेकर भेजा था जर्मनी
विशू के पिता नीरज शर्मा एक सुनार की दुकान पर नौकरी करते हैं। उन्होंने सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद अपने इकलौते बेटे को उसके बेहतर भविष्य के लिए करीब 15 लाख रुपये का कर्ज लेकर विदेश भेजा था। परिजनों को उम्मीद थी कि विशू जल्द ही स्थायी रूप से जर्मनी में अपना भविष्य सुरक्षित कर लेगा और परिवार के साथ खुशियां साझा करेगा, लेकिन उसकी असमय मौत ने सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया। परिवार को उम्मीद थी विशू जल्द ही उन्हें अब कर्ज मुक्त कर देगा व उनका जीवन अच्छे से बीतेगा व बच्चों की शादी धूमधाम से होगी। पिता ने कहा अब विशू के जाने के बाद ऐसा लग रहा है कि उनकी दुनिया ही खत्म हो गई है।
शव भारत लाने के लिए प्रशासन से गुहार
परिवार ने विशू का शव जर्मनी से भारत लाने के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। परिजनों की मांग है कि सरकारी स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाकर शव को जल्द से जल्द स्वदेश लाया जाए, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
चाचा लाली ने बताया कि विशू करीब तीन वर्ष पहले बेहतर भविष्य की उम्मीद में कर्ज लेकर अमेरिका जाने के लिए डंकी रूट के माध्यम से घर से निकला था। सबसे पहले वह यहां से पुर्तगाल फिर फ्रांस व बाद में जर्मनी पहुंचा था और आगे जाने की वजह जर्मनी में ही रहने लगा और अपना काम-धंधा शुरू कर दिया। वहां वह अपने भविष्य को संवारने के लिए मेहनत कर रहा था। हाल ही में उसने जर्मनी में पीआर लेने के लिए अपने दस्तावेज जमा करवाए थे और दीपावली पर घर लौटने की तैयारी कर रहा था। परिवार के लोग उसकी शादी के लिए रिश्ता देखने की तैयारी में भी जुटे हुए थे। इसी बीच विदेश से उसकी मौत की खबर आने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इकलौते बेटे को 15 लाख का कर्ज लेकर भेजा था जर्मनी
विशू के पिता नीरज शर्मा एक सुनार की दुकान पर नौकरी करते हैं। उन्होंने सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद अपने इकलौते बेटे को उसके बेहतर भविष्य के लिए करीब 15 लाख रुपये का कर्ज लेकर विदेश भेजा था। परिजनों को उम्मीद थी कि विशू जल्द ही स्थायी रूप से जर्मनी में अपना भविष्य सुरक्षित कर लेगा और परिवार के साथ खुशियां साझा करेगा, लेकिन उसकी असमय मौत ने सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया। परिवार को उम्मीद थी विशू जल्द ही उन्हें अब कर्ज मुक्त कर देगा व उनका जीवन अच्छे से बीतेगा व बच्चों की शादी धूमधाम से होगी। पिता ने कहा अब विशू के जाने के बाद ऐसा लग रहा है कि उनकी दुनिया ही खत्म हो गई है।
शव भारत लाने के लिए प्रशासन से गुहार
परिवार ने विशू का शव जर्मनी से भारत लाने के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। परिजनों की मांग है कि सरकारी स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाकर शव को जल्द से जल्द स्वदेश लाया जाए, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।