जर्मनी में कुरुक्षेत्र के युवक की हत्या: कहासुनी के बाद भारतीय युवकों ने चाकू से मारा, कर्ज लेकर गया था विदेश
जर्मनी के फ्रेंकफर्ट में कुरुक्षेत्र के 25 वर्षीय विशू शर्मा की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। परिजनों के अनुसार, मामूली कहासुनी के बाद तीन-चार भारतीय युवकों ने उन पर हमला किया। जर्मनी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जर्मनी के फ्रेंकफर्ट शहर में कुरुक्षेत्र के एक युवक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। करीब 25 वर्षीय मृतक की पहचान विशू शर्मा वासी महादेव मोहल्ला के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मामूली कहासुनी के बाद तीन से चार भारतीय युवकों ने उस पर चाकू से हमला किया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कुरुक्षेत्र स्थित परिवार में मातम छा गया।
मृतक विशू पूर्व नगर पार्षद नितिन भारद्वाज लाली का सगा भतीजा था। लाली ने बताया कि उन्हें अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। उनके पास करीब सुबह चार बजे फोन आया था कि किसी ने विशू को चाकू मार दिया है और अस्पताल में विशू ने दम तोड़ दिया है। विशू पर तीन से चार भारतीय युवकों ने हमला किया। जब विशू गंभीर रूप से घायल हो गया था तो उसे खून से लथपथ हालात में छोड़ सभी आरोपी फरार हो गए।
उन्हें अभी पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है कि पूरा मामला क्या था और इन लोगों का विशू के साथ क्या झगड़ा था। शुरूआती जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी और इसके बाद आरोपियों ने विशू को चाकू मार दिया। घटना में जर्मनी पुलिस कार्रवाई कर रही है और हत्या के कारण, आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। इस घटना का असली कारण तो जर्मन पुलिस का कोई अधिकारी बयान सामने आने के बाद ही पता चलेगा।
तीन वर्ष पहले डंकी रूट से गया था जर्मनी, दीपावली पर लौटना था
चाचा लाली ने बताया कि विशू करीब तीन वर्ष पहले बेहतर भविष्य की उम्मीद में कर्ज लेकर अमेरिका जाने के लिए डंकी रूट के माध्यम से घर से निकला था। सबसे पहले वह यहां से पुर्तगाल फिर फ्रांस व बाद में जर्मनी पहुंचा था और आगे जाने की वजह जर्मनी में ही रहने लगा और अपना काम-धंधा शुरू कर दिया।
वहां वह अपने भविष्य को संवारने के लिए मेहनत कर रहा था। हाल ही में उसने जर्मनी में पीआर लेने के लिए अपने दस्तावेज जमा करवा रखे थे और दीपावली पर घर लौटने की तैयारी कर रहा था। परिवार के लोग उसके विवाह के लिए रिश्ता देखने की तैयारी में भी जुटे हुए थे। इसी बीच विदेश से उसकी मौत की खबर आने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इकलौते बेटा को 15 लाख का कर्ज लेकर भेजा था जर्मनी
विशू के पिता नीरज शर्मा एक सुनार की दुकान पर नौकरी करते हैं। उन्होंने सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद अपने इकलौते बेटे को उसके बेहतर भविष्य के लिए करीब 15 लाख रुपये का कर्ज लेकर विदेश भेजा था। परिजनों को उम्मीद थी कि विशू जल्द ही स्थायी रूप से जर्मनी में अपना भविष्य सुरक्षित कर लेगा और परिवार के साथ खुशियां साझा करेगा, लेकिन उसकी असमय मौत ने सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया। परिवार को उम्मीद थी विशू जल्द ही उन्हें अब कर्ज मुक्त कर देगा व उनका जीवन अच्छे से बीतेगा व बच्चों की शादी धूमधाम से होगी। पिता ने कहा अब विशू के जाने के बाद ऐसा लग रहा है कि उनकी दुनिया ही खत्म हो गई है।
शव भारत लाने के लिए प्रशासन से गुहार
परिवार ने विशू का शव जर्मनी से भारत लाने के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। परिजनों की मांग है कि सरकारी स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाकर शव को जल्द से जल्द स्वदेश लाया जाए, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।