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Mahendragarh-Narnaul News: आरटीए कार्यालय में दलाल-कर्मचारी गठजोड़ से 73.56 लाख का चूना
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नारनौल। आरटीए नारनौल के कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने दलालों के साथ मिलकर 2017 से 2025 तक 73.56 लाख का सरकार को चुना लगा दिया। कर्मचारियों ने 448 व्यवसायिक वाहनों की एनओसी जारी कर फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर बिना पीटीटी-5 सर्टिफिकेट लिए नियमों की अनदेखी की। अब सीएम फ्लाइंग के एएसआई सचिन कुमार की शिकायत पर 11 कर्मचारियों सहित 16 के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
सीएम फ्लांइग को सूचना मिली कि आरटीए कार्यालय नारनौल के कर्मचारी दलालों के माध्यम से वर्ष 2017 से पहले के व्यवसायिक वाहनों को बिना माल व यात्री कर जमा किए (पीटीटी-5 फार्म) ही एनओसी जारी की जा रही है।
इसका सत्यापन मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रेवाड़ी ने किया। सत्यापन के दौरान कार्यालय जिला परिवहन अधिकारी कम सचिव प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण नारनौल व आबकारी व कराधान अधिकारी कार्यालय नारनौल से रिकॉर्ड प्राप्त किया गया।
इस रिकॉर्ड में पाया गया कि आबकारी व कराधान विभाग नारनौल ने 31 मार्च 2017 से पहले के माल व यात्री कर बकाया 4970 वाहनों की एक सूची क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल को दी गई थी।
सरकार द्वारा निर्णय लिया गया था कि जब भी कोई व्यवसायिक वाहन की एनओसी लेगा तो क्षेत्रीय परिवहन विभाग आवेदक से आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से जारी किया गया पीटीटी-5 सर्टिफिकेट फाइल के साथ लगाए बिना एनओसी जारी नहीं की जाएगी। जबकि क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल से प्राप्त रिकॉर्ड से पाया गया कि उक्त 4970 वाहनों में से क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल द्वारा 814 वाहनों को एनओसी जारी की जा चुकी है।
वहीं 814 में से बकाया 448 व्यवसायिक वाहनों का माल व यात्री कर जमा होना नहीं पाये जाने पर उक्त 448 एनओसी प्राप्त व्यवसायिक वाहनों की फाइलों में से रेंडमली 17 एनओसी फाइलों का क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल में अवलोकन किया गया तो केवल चार फाइलों में ही आबकारी व कराधान विभाग नारनौल द्वारा जारी पीटीटी-5 सर्टिफिकेट पाई गई।
वहीं, 13 एनओसी फाइलें ऐसी थी जिनमें पीटीटी-5 सर्टिफिकेट नहीं लगी मिली। जो उक्त सभी 17 वाहनों की एनओसी फाइलों का मिलान आबकारी व कराधान विभाग नारनौल से किया गया तो सभी 17 व्यवसायिक वाहनों पर माल व यात्री कर इस कार्यालय में बकाया दर्शाया गया। इन वाहनों को विभाग ने पीटीटी-5 सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया।
फर्जी हस्ताक्षर कर जारी की जा रही सर्टिफिकेट
कराधान विभाग के कर निरीक्षक अनिल कुमार और लिपिक घनश्याम दास ने बताया कि उन्होंने कुछ वाहनों पीटीटी-5 सर्टिफिकेट देखे जिन पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। किसी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हुए थे। साथ ही सर्टिफिकेट में खाता संख्या भी गलत दर्शाया हुआ है। वहीं चारों वाहनों की पीटीटी-5 सर्टिफिकेट भी उनके कार्यालय द्वारा जारी नहीं की गई है।
एनओसी कर दी जारी बकाया कर नहीं कराया जमा
सत्यापन के दौरान केवल 366 वाहनों का ही बकाया कर आबकारी व कराधान विभाग नारनौल में जमा होना पाया गया है। वहीं, अन्य 448 वाहनों का कुल बकाया कर 73,56,512 रुपये आबकारी व कराधान विभाग नारनौल में जमा होना नहीं पाया गया लेकिन क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल द्वारा इन 448 वाहनों की एनओसी जारी की जा चुकी है।
इन कर्मचारियों के नाम शामिल
क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल से प्राप्त सूची अनुसार वर्ष 2017 से अब तक व्यवसायिक वाहनों को एनओसी देने के कार्य के लिए परिवहन निरीक्षक राजेश कुमार, परिवहन निरीक्षक बीर सिंह, लिपिक नवीन, लिपिक अभिनव, लिपिक अंकित, लिपिक राहुल, उप परिवहन निरीक्षक संत कुमार, परिवहन निरीक्षक राजेश कुमार, लिपिक लोकेश, परिवहन निरीक्षक जितेंद्र तलवार व निरीक्षक महाबीर परिवहन नियुक्त रहे हैं। इनके साथ ही पांच वाहन चालक भी शामिल हैं।
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सीएम फ्लांइग को सूचना मिली कि आरटीए कार्यालय नारनौल के कर्मचारी दलालों के माध्यम से वर्ष 2017 से पहले के व्यवसायिक वाहनों को बिना माल व यात्री कर जमा किए (पीटीटी-5 फार्म) ही एनओसी जारी की जा रही है।
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इसका सत्यापन मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रेवाड़ी ने किया। सत्यापन के दौरान कार्यालय जिला परिवहन अधिकारी कम सचिव प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण नारनौल व आबकारी व कराधान अधिकारी कार्यालय नारनौल से रिकॉर्ड प्राप्त किया गया।
इस रिकॉर्ड में पाया गया कि आबकारी व कराधान विभाग नारनौल ने 31 मार्च 2017 से पहले के माल व यात्री कर बकाया 4970 वाहनों की एक सूची क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल को दी गई थी।
सरकार द्वारा निर्णय लिया गया था कि जब भी कोई व्यवसायिक वाहन की एनओसी लेगा तो क्षेत्रीय परिवहन विभाग आवेदक से आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से जारी किया गया पीटीटी-5 सर्टिफिकेट फाइल के साथ लगाए बिना एनओसी जारी नहीं की जाएगी। जबकि क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल से प्राप्त रिकॉर्ड से पाया गया कि उक्त 4970 वाहनों में से क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल द्वारा 814 वाहनों को एनओसी जारी की जा चुकी है।
वहीं 814 में से बकाया 448 व्यवसायिक वाहनों का माल व यात्री कर जमा होना नहीं पाये जाने पर उक्त 448 एनओसी प्राप्त व्यवसायिक वाहनों की फाइलों में से रेंडमली 17 एनओसी फाइलों का क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल में अवलोकन किया गया तो केवल चार फाइलों में ही आबकारी व कराधान विभाग नारनौल द्वारा जारी पीटीटी-5 सर्टिफिकेट पाई गई।
वहीं, 13 एनओसी फाइलें ऐसी थी जिनमें पीटीटी-5 सर्टिफिकेट नहीं लगी मिली। जो उक्त सभी 17 वाहनों की एनओसी फाइलों का मिलान आबकारी व कराधान विभाग नारनौल से किया गया तो सभी 17 व्यवसायिक वाहनों पर माल व यात्री कर इस कार्यालय में बकाया दर्शाया गया। इन वाहनों को विभाग ने पीटीटी-5 सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया।
फर्जी हस्ताक्षर कर जारी की जा रही सर्टिफिकेट
कराधान विभाग के कर निरीक्षक अनिल कुमार और लिपिक घनश्याम दास ने बताया कि उन्होंने कुछ वाहनों पीटीटी-5 सर्टिफिकेट देखे जिन पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। किसी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हुए थे। साथ ही सर्टिफिकेट में खाता संख्या भी गलत दर्शाया हुआ है। वहीं चारों वाहनों की पीटीटी-5 सर्टिफिकेट भी उनके कार्यालय द्वारा जारी नहीं की गई है।
एनओसी कर दी जारी बकाया कर नहीं कराया जमा
सत्यापन के दौरान केवल 366 वाहनों का ही बकाया कर आबकारी व कराधान विभाग नारनौल में जमा होना पाया गया है। वहीं, अन्य 448 वाहनों का कुल बकाया कर 73,56,512 रुपये आबकारी व कराधान विभाग नारनौल में जमा होना नहीं पाया गया लेकिन क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल द्वारा इन 448 वाहनों की एनओसी जारी की जा चुकी है।
इन कर्मचारियों के नाम शामिल
क्षेत्रीय परिवहन विभाग नारनौल से प्राप्त सूची अनुसार वर्ष 2017 से अब तक व्यवसायिक वाहनों को एनओसी देने के कार्य के लिए परिवहन निरीक्षक राजेश कुमार, परिवहन निरीक्षक बीर सिंह, लिपिक नवीन, लिपिक अभिनव, लिपिक अंकित, लिपिक राहुल, उप परिवहन निरीक्षक संत कुमार, परिवहन निरीक्षक राजेश कुमार, लिपिक लोकेश, परिवहन निरीक्षक जितेंद्र तलवार व निरीक्षक महाबीर परिवहन नियुक्त रहे हैं। इनके साथ ही पांच वाहन चालक भी शामिल हैं।