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वित्तीय अनियमितताओं के आरोप : शिक्षक-कर्मचारी सगठनों ने ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन से मांगी मदद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर शिक्षक और कर्मचारी संगठन एकजुट हो गए हैं। शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से विश्वविद्यालय प्रशासन से अलग स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की है। साथ ही ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन से भी मदद मांगी है।
संगठनों ने ऑडिटोरियम के केंद्रीय एयर कंडीशनिंग सिस्टम (एचवीएसी) की मरम्मत में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी, सरकारी धन के इस्तेमाल और एसडीओ युद्धवीर दलाल के निलंबन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 13 अगस्त को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित रिसर्च अवॉर्ड समारोह के दौरान एसी सिस्टम बंद होने के बाद एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की गई। संगठनों के अनुसार, निष्पक्ष जांच से पहले ही एक अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं है।
शिक्षक-कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि एचवीएसी सिस्टम के रखरखाव के लिए मूल निर्माता कंपनी का वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध समाप्त होने दिया गया। इसके बाद करीब 16 लाख रुपये का मरम्मत कार्य निर्धारित निविदा प्रक्रिया और हरियाणा पीडब्ल्यूडी कोड के प्रावधानों के अनुरूप नहीं कराया गया।
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संगठनों का दावा है कि नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कंपनी से निर्धारित दर से 20 प्रतिशत कम पर कार्य कराने और बातचीत का प्रावधान था, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि एचवीएसी सिस्टम के वार्षिक रखरखाव पर करीब 12.75 लाख रुपये खर्च होने थे, जबकि अस्थायी व्यवस्था और मरम्मत सहित कुल खर्च 35 लाख रुपये से अधिक होने का दावा है।
मरम्मत के बाद सिस्टम को बताया था उपयोग योग्य
संगठनों के अनुसार, मरम्मत पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने एचवीएसी सिस्टम का निरीक्षण किया था और इसे कार्यक्रम के लिए उपयोग योग्य माना था। इसके बावजूद 13 अगस्त को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए रिसर्च अवॉर्ड समारोह में सिस्टम बार-बार बंद हो गया। संगठनों का कहना है कि इसके लिए केवल एसडीओ को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। मरम्मत, परीक्षण, निरीक्षण और कार्यक्रम से पहले सिस्टम को स्वीकृति देने वाले सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
सोमवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो तय होगी रणनीति
मंगलवार को शिक्षक और कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया कि ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है। सोमवार तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार को फेडरेशन के सदस्यों को सोनीपत बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
डॉ. अजय कुमार और कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि वे पूरे मामले की स्वतंत्र जांच चाहते हैं। जांच में जिसकी भी जिम्मेदारी सामने आए, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
. अजय कुमार और कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में जिसकी भी जिम्मेदारी सामने आए, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
करोड़ों के कार्यों की भी जांच की मांग
शिक्षक-कर्मचारी संगठनों ने एचवीएसी मरम्मत के अलावा विश्वविद्यालय में कराए जा रहे करोड़ों रुपये के अन्य कार्यों और कथित वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि स्वतंत्र जांच से पूरे तथ्य सामने आएंगे और विश्वविद्यालय में पारदर्शिता व सुशासन सुनिश्चित होगा।
-विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि 13 अगस्त के कार्यक्रम में एसी सिस्टम का बार-बार बंद होना गंभीर अनियमितता है। मानक प्रक्रिया के तहत प्रथम दृष्टया कार्रवाई की गई है अंतिम नहीं। डीसी सोनीपत से स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच का अनुरोध किया गया है। समिति की रिपोर्ट के बाद जिम्मेदारी तय होगी। शिक्षक संघ के आरोपों को प्रशासन ने तथ्यहीन बताया।
प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल
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सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर शिक्षक और कर्मचारी संगठन एकजुट हो गए हैं। शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से विश्वविद्यालय प्रशासन से अलग स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की है। साथ ही ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन से भी मदद मांगी है।
संगठनों ने ऑडिटोरियम के केंद्रीय एयर कंडीशनिंग सिस्टम (एचवीएसी) की मरम्मत में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी, सरकारी धन के इस्तेमाल और एसडीओ युद्धवीर दलाल के निलंबन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 13 अगस्त को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित रिसर्च अवॉर्ड समारोह के दौरान एसी सिस्टम बंद होने के बाद एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की गई। संगठनों के अनुसार, निष्पक्ष जांच से पहले ही एक अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं है।
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शिक्षक-कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि एचवीएसी सिस्टम के रखरखाव के लिए मूल निर्माता कंपनी का वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध समाप्त होने दिया गया। इसके बाद करीब 16 लाख रुपये का मरम्मत कार्य निर्धारित निविदा प्रक्रिया और हरियाणा पीडब्ल्यूडी कोड के प्रावधानों के अनुरूप नहीं कराया गया।
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संगठनों का दावा है कि नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कंपनी से निर्धारित दर से 20 प्रतिशत कम पर कार्य कराने और बातचीत का प्रावधान था, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि एचवीएसी सिस्टम के वार्षिक रखरखाव पर करीब 12.75 लाख रुपये खर्च होने थे, जबकि अस्थायी व्यवस्था और मरम्मत सहित कुल खर्च 35 लाख रुपये से अधिक होने का दावा है।
मरम्मत के बाद सिस्टम को बताया था उपयोग योग्य
संगठनों के अनुसार, मरम्मत पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने एचवीएसी सिस्टम का निरीक्षण किया था और इसे कार्यक्रम के लिए उपयोग योग्य माना था। इसके बावजूद 13 अगस्त को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए रिसर्च अवॉर्ड समारोह में सिस्टम बार-बार बंद हो गया। संगठनों का कहना है कि इसके लिए केवल एसडीओ को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। मरम्मत, परीक्षण, निरीक्षण और कार्यक्रम से पहले सिस्टम को स्वीकृति देने वाले सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
सोमवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो तय होगी रणनीति
मंगलवार को शिक्षक और कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया कि ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है। सोमवार तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार को फेडरेशन के सदस्यों को सोनीपत बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
डॉ. अजय कुमार और कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि वे पूरे मामले की स्वतंत्र जांच चाहते हैं। जांच में जिसकी भी जिम्मेदारी सामने आए, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
. अजय कुमार और कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में जिसकी भी जिम्मेदारी सामने आए, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
करोड़ों के कार्यों की भी जांच की मांग
शिक्षक-कर्मचारी संगठनों ने एचवीएसी मरम्मत के अलावा विश्वविद्यालय में कराए जा रहे करोड़ों रुपये के अन्य कार्यों और कथित वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि स्वतंत्र जांच से पूरे तथ्य सामने आएंगे और विश्वविद्यालय में पारदर्शिता व सुशासन सुनिश्चित होगा।
-विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि 13 अगस्त के कार्यक्रम में एसी सिस्टम का बार-बार बंद होना गंभीर अनियमितता है। मानक प्रक्रिया के तहत प्रथम दृष्टया कार्रवाई की गई है अंतिम नहीं। डीसी सोनीपत से स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच का अनुरोध किया गया है। समिति की रिपोर्ट के बाद जिम्मेदारी तय होगी। शिक्षक संघ के आरोपों को प्रशासन ने तथ्यहीन बताया।
प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल