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Mahendragarh-Narnaul News: डीपफेक वीडियो दिखाकर जीता भरोसा, फिर नकली दवाएं बेच 850 ग्राहकों से 34 लाख ठगे
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सोनीपत। कुंडली स्थित अतिया हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि बनकर साइबर ठगों ने 850 ग्राहकों को नकली दवाइयां बेचने के नाम पर 34 लाख रुपये ठग लिए। साइबर ठगों ने एआई की मदद से न्यूज एंकर अंजना ओम कश्यप और राजदीप सरदेसाई के साथ बातचीत करते हुए हकीम सुलेमान के डीपफेक वीडियो तैयार किए। इसके बाद कंपनी के ग्राहकों को सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए वीडियो भेजे। वीडियो में कम कीमत में दवा उपलब्ध कराने का झांसा दिया गया। कंपनी के प्रबंधक दीपांशु की शिकायत पर पुलिस ने कुंडली थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दीपांशु ने दर्ज एफआईआर में बताया कि सितंबर 2025 से लगातार ग्राहकों की शिकायतें मिलनी शुरू हुई थीं कि कुछ लोग अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर खुद को अतिया हेल्थकेयर का कर्मचारी बताकर ग्राहकों को बाजार से कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराने का भरोसा देकर ऑनलाइन भुगतान करा लेते हैं। इसके बाद नकली दवाइयां भेजी जाती हैं। कई बार भुगतान के बाद सामान नहीं भेजा जाता है।
शिकायत के अनुसार ठगों ने ग्राहकों से भुगतान के लिए पेटीएम और बैंक ट्रांसफर सेवा का प्रयोग किया। कंपनी को बाद में फर्जीवाड़े का पता चला। उन्होंने आरोप लगाया कि साइबर ठगों के पास कंपनी के ग्राहकों और मरीजों से संबंधित जानकारी थी। इसी का इस्तेमाल कर वह लोगों से संपर्क करते थे।
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डीपफेक वीडियो पुलिस को सौंपे
कंपनी के प्रबंधक दीपांशु ने पुलिस को जांच के लिए डीपफेक वीडियो, संबंधित लिंक और अन्य डिजिटल साक्ष्य पेन ड्राइव में उपलब्ध कराए गए। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
हकीम सुलेमान के नाम पर बनाया डीपफेक वीडियो
एफआईआर में हकीम सुलेमान को टीवी एंकर राजदीप सरदेसाई और अंजना ओम कश्यप के साथ बातचीत करते हुए दिखाने वाले मॉर्फ और डीपफेक वीडियो तैयार करने का जिक्र है।
-पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंपनी के ग्राहकों का डाटा ठगों तक कैसे पहुंचा डीपफेक वीडियो किसने तैयार किए और ठगी की रकम किन खातों में पहुंची। इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
इंस्पेक्टर रवि, जांच अधिकारी, कुंडली
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दीपांशु ने दर्ज एफआईआर में बताया कि सितंबर 2025 से लगातार ग्राहकों की शिकायतें मिलनी शुरू हुई थीं कि कुछ लोग अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर खुद को अतिया हेल्थकेयर का कर्मचारी बताकर ग्राहकों को बाजार से कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराने का भरोसा देकर ऑनलाइन भुगतान करा लेते हैं। इसके बाद नकली दवाइयां भेजी जाती हैं। कई बार भुगतान के बाद सामान नहीं भेजा जाता है।
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शिकायत के अनुसार ठगों ने ग्राहकों से भुगतान के लिए पेटीएम और बैंक ट्रांसफर सेवा का प्रयोग किया। कंपनी को बाद में फर्जीवाड़े का पता चला। उन्होंने आरोप लगाया कि साइबर ठगों के पास कंपनी के ग्राहकों और मरीजों से संबंधित जानकारी थी। इसी का इस्तेमाल कर वह लोगों से संपर्क करते थे।
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डीपफेक वीडियो पुलिस को सौंपे
कंपनी के प्रबंधक दीपांशु ने पुलिस को जांच के लिए डीपफेक वीडियो, संबंधित लिंक और अन्य डिजिटल साक्ष्य पेन ड्राइव में उपलब्ध कराए गए। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
हकीम सुलेमान के नाम पर बनाया डीपफेक वीडियो
एफआईआर में हकीम सुलेमान को टीवी एंकर राजदीप सरदेसाई और अंजना ओम कश्यप के साथ बातचीत करते हुए दिखाने वाले मॉर्फ और डीपफेक वीडियो तैयार करने का जिक्र है।
-पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंपनी के ग्राहकों का डाटा ठगों तक कैसे पहुंचा डीपफेक वीडियो किसने तैयार किए और ठगी की रकम किन खातों में पहुंची। इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
इंस्पेक्टर रवि, जांच अधिकारी, कुंडली