{"_id":"6a0a018ba527f3b6df02d95d","slug":"dead-chickens-dumped-in-canal-risk-of-disease-outbreak-narnol-news-c-196-1-nnl1004-140061-2026-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: नहर में फेंकी गईं मृत मुर्गियां, बीमारी फैलने का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: नहर में फेंकी गईं मृत मुर्गियां, बीमारी फैलने का खतरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नारनौल। नारनौल ब्रांच नहर में खासपुर और खामपुर गांव के पास मृत मुर्गियां फेंके जाने का मामला सामने आया है। सिंचाई विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचना दी है व अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सिंचााई विभाग के एसडीओ राजेश वर्मा ने बताया कि नारनौल ब्रांच के किलोमीटर-22 के पास किसी ने बड़ी संख्या में मृत मुर्गियां नहर में फेंक दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ डब्ल्यूएस नंबर-1 नारनौल ने जूनियर इंजीनियर सुनील दत्त को निर्देश जारी किए हैं।
आदेश में कहा गया है कि मामले की जांच कर दोषी व्यक्ति की पहचान की जाए और संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाए। मृत पशु-पक्षी फेंकने से जल प्रदूषण के साथ-साथ संक्रमण और महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नागरिक अस्पताल के डॉ. कंवर सिंह ने बताया कि मृत मुर्गियों को खुले में या जल स्रोतों में फेंकना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे बर्ड फ्लू, उल्टी, दस्त, टाइफाइड सहित विभिन्न प्रकार की संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि मृत पशु-पक्षियों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना चाहिए ताकि आमजन और पशुओं के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
सिंचााई विभाग के एसडीओ राजेश वर्मा ने बताया कि नारनौल ब्रांच के किलोमीटर-22 के पास किसी ने बड़ी संख्या में मृत मुर्गियां नहर में फेंक दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ डब्ल्यूएस नंबर-1 नारनौल ने जूनियर इंजीनियर सुनील दत्त को निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आदेश में कहा गया है कि मामले की जांच कर दोषी व्यक्ति की पहचान की जाए और संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाए। मृत पशु-पक्षी फेंकने से जल प्रदूषण के साथ-साथ संक्रमण और महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नागरिक अस्पताल के डॉ. कंवर सिंह ने बताया कि मृत मुर्गियों को खुले में या जल स्रोतों में फेंकना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे बर्ड फ्लू, उल्टी, दस्त, टाइफाइड सहित विभिन्न प्रकार की संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि मृत पशु-पक्षियों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना चाहिए ताकि आमजन और पशुओं के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।