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Mahendragarh-Narnaul News: बिजली कर्मचारियों ने नारनौल एसडीओ कार्यालय पर तीन घंटे किया विरोध प्रदर्शन
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फोटो 6नारनौल एसडीओ कार्यालय पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी।स्रोत:संगठन
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नारनौल। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियरिंग संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने वीरवार को नारनौल स्थित एसडीओ कार्यालय पर तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार से अपनी विभिन्न मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 11 से 13 अगस्त तक हड़ताल की जाएगी।
प्रदर्शन में केंद्रीय परिषद के सह सचिव सुभाष रोहिल्ला ने भाग लिया और आगामी रणनीति के बारे में बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नवीन यूडीसी ने की, जबकि मंच संचालन चंद्र जीत यादव ने किया।
यूनिट प्रधान वीरेंद्र यादव ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन 3, 4 और 5 अगस्त से यूनिट स्तर पर जारी था। 6 अगस्त को सब यूनिट स्तर पर प्रदर्शन किया गया। 7 और 8 अगस्त को भी सभी सब यूनिटों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उप प्रधान राकेश यादव ने बताया कि बिजली मंत्री से हुई वार्ता विफल रही। एसडीओ लोकेश कुमार ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में कृषि डिस्कॉम बनाने का निर्णय रद्द करना शामिल है। वे पुरानी पेंशन योजना, कैशलेस मेडिकल सुविधा और जोखिम भत्ता लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अंतर-यूटिलिटी स्थानांतरण नीति लागू करने और अनुग्रह राशि नीति में संशोधन की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने, रिक्त पदों को भरने, महंगाई के अनुसार भत्तों में बढ़ोतरी और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की भी मांग की।
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प्रदर्शन में केंद्रीय परिषद के सह सचिव सुभाष रोहिल्ला ने भाग लिया और आगामी रणनीति के बारे में बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नवीन यूडीसी ने की, जबकि मंच संचालन चंद्र जीत यादव ने किया।
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यूनिट प्रधान वीरेंद्र यादव ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन 3, 4 और 5 अगस्त से यूनिट स्तर पर जारी था। 6 अगस्त को सब यूनिट स्तर पर प्रदर्शन किया गया। 7 और 8 अगस्त को भी सभी सब यूनिटों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उप प्रधान राकेश यादव ने बताया कि बिजली मंत्री से हुई वार्ता विफल रही। एसडीओ लोकेश कुमार ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में कृषि डिस्कॉम बनाने का निर्णय रद्द करना शामिल है। वे पुरानी पेंशन योजना, कैशलेस मेडिकल सुविधा और जोखिम भत्ता लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अंतर-यूटिलिटी स्थानांतरण नीति लागू करने और अनुग्रह राशि नीति में संशोधन की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने, रिक्त पदों को भरने, महंगाई के अनुसार भत्तों में बढ़ोतरी और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की भी मांग की।