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Mahendragarh-Narnaul News: अब हाई रिस्क गर्भवतियों की छोटे कट ऑपरेशन से होगी डिलीवरी
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फोटो संख्या:60- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़--संवाद
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महेंद्रगढ़। शहर के नागरिक अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने रेड ओपीडी कार्ड की सुविधा शुरू की है। अब हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को इलाज और जांच के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं, जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर प्रसव पीड़ा से पहले ही ऑपरेशन डिलीवरी को छोटे कट से कराया जाएगा।
अस्पताल में पिछले एक माह के दौरान 58 प्रसव हुए जिनमें 17 मामले हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के थे। इनमें सफल ऑपरेशन के माध्यम से बच्चों का जन्म कराया गया। खास बात यह रही कि जुलाई में अस्पताल में 24 बेटों के मुकाबले 36 बेटियों ने जन्म लिया। इससे पहले जून में 14 बेटियों और 24 बेटों का जन्म हुआ था।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहले गर्भवतियों को जांच के लिए पीपीसी ब्लॉक में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। अब रेड कार्ड से हाई रिस्क गर्भवतियों की अलग पहचान हो सकेगी। कार्ड में गर्भावस्था के दौरान होने वाली दस जरूरी जांचों का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। ऐसी महिलाओं की जांच सामान्य डॉक्टर की बजाय महिला रोग विशेषज्ञ करेंगी।
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गर्भवतियों को फोन करेगी जांच टीम
स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवतियों की नियमित निगरानी के लिए योजना तैयार की है। जांच टीम समय-समय पर महिलाओं को फोन कर जांच के लिए बुलाएगी, ताकि गर्भावस्था के दौरान किसी भी समस्या का समय पर पता लगाया जा सके।
ऑपरेशन की समय-सीमा का निर्धारण
अधिकारियों ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बच्चों की लगातार जांच की जाएगी। जिन मामलों में ऑपरेशन की जरूरत होगी, वहां प्रसव पीड़ा का इंतजार नहीं किया जाएगा। बच्चे का समय पूरा होने के बाद उचित समय पर डिलीवरी कराई जाएगी।
वर्जन:
रेड कार्ड से हाई रिस्क गर्भवतियों को जल्द इलाज मिल सकेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाएं इस सुविधा का लाभ उठा सकती हैं। -डॉ. जयप्रकाश, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, महेंद्रगढ़
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अस्पताल में पिछले एक माह के दौरान 58 प्रसव हुए जिनमें 17 मामले हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के थे। इनमें सफल ऑपरेशन के माध्यम से बच्चों का जन्म कराया गया। खास बात यह रही कि जुलाई में अस्पताल में 24 बेटों के मुकाबले 36 बेटियों ने जन्म लिया। इससे पहले जून में 14 बेटियों और 24 बेटों का जन्म हुआ था।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहले गर्भवतियों को जांच के लिए पीपीसी ब्लॉक में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। अब रेड कार्ड से हाई रिस्क गर्भवतियों की अलग पहचान हो सकेगी। कार्ड में गर्भावस्था के दौरान होने वाली दस जरूरी जांचों का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। ऐसी महिलाओं की जांच सामान्य डॉक्टर की बजाय महिला रोग विशेषज्ञ करेंगी।
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गर्भवतियों को फोन करेगी जांच टीम
स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवतियों की नियमित निगरानी के लिए योजना तैयार की है। जांच टीम समय-समय पर महिलाओं को फोन कर जांच के लिए बुलाएगी, ताकि गर्भावस्था के दौरान किसी भी समस्या का समय पर पता लगाया जा सके।
ऑपरेशन की समय-सीमा का निर्धारण
अधिकारियों ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बच्चों की लगातार जांच की जाएगी। जिन मामलों में ऑपरेशन की जरूरत होगी, वहां प्रसव पीड़ा का इंतजार नहीं किया जाएगा। बच्चे का समय पूरा होने के बाद उचित समय पर डिलीवरी कराई जाएगी।
वर्जन:
रेड कार्ड से हाई रिस्क गर्भवतियों को जल्द इलाज मिल सकेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाएं इस सुविधा का लाभ उठा सकती हैं। -डॉ. जयप्रकाश, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, महेंद्रगढ़

फोटो संख्या:60- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़--संवाद