{"_id":"6a78d0afe1b98378e40839f8","slug":"home-guard-personnel-demand-365-day-duty-narnol-news-c-196-1-nnl1010-143649-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: होमगार्ड जवानों ने उठाई 365 दिन ड्यूटी की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: होमगार्ड जवानों ने उठाई 365 दिन ड्यूटी की मांग
विज्ञापन
फोटो 14: मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए होमगार्ड जवान। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी अटेली। जिले के होमगार्ड जवानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
जवानों ने सबसे प्रमुख मांग रोस्टर प्रणाली खत्म करने और पूरे साल 365 दिन ड्यूटी देने की रखी। इसके अलावा भविष्य निधि (पीएफ) और चिकित्सा सुविधा का लाभ देने की मांग भी की। दूर-दराज क्षेत्रों में ड्यूटी लगाने पर यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता देने की मांग की गई।
जवानों ने पुलिस और एसपीओ की तर्ज पर रोडवेज बसों में मुफ्त या रियायती यात्रा सुविधा देने की भी मांग उठाई। उन्होंने ड्यूटी स्थानों में बदलाव को लेकर भी परेशानी बताई। जवानों के अनुसार नारनौल के कर्मियों की ड्यूटी रेवाड़ी और गुरुग्राम में लगाई जाती है, जबकि रोहतक के जवानों को नारनौल भेजा जाता है। उन्होंने गृह जिले में ही ड्यूटी लगाने की मांग की।
विज्ञापन
वेतन को लेकर जवानों ने कहा कि उन्हें अभी तक छठे और सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से इस विसंगति को दूर कर अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन लाभ देने की मांग की।
विज्ञापन
जवानों ने सबसे प्रमुख मांग रोस्टर प्रणाली खत्म करने और पूरे साल 365 दिन ड्यूटी देने की रखी। इसके अलावा भविष्य निधि (पीएफ) और चिकित्सा सुविधा का लाभ देने की मांग भी की। दूर-दराज क्षेत्रों में ड्यूटी लगाने पर यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता देने की मांग की गई।
विज्ञापन
जवानों ने पुलिस और एसपीओ की तर्ज पर रोडवेज बसों में मुफ्त या रियायती यात्रा सुविधा देने की भी मांग उठाई। उन्होंने ड्यूटी स्थानों में बदलाव को लेकर भी परेशानी बताई। जवानों के अनुसार नारनौल के कर्मियों की ड्यूटी रेवाड़ी और गुरुग्राम में लगाई जाती है, जबकि रोहतक के जवानों को नारनौल भेजा जाता है। उन्होंने गृह जिले में ही ड्यूटी लगाने की मांग की।
विज्ञापन
वेतन को लेकर जवानों ने कहा कि उन्हें अभी तक छठे और सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से इस विसंगति को दूर कर अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन लाभ देने की मांग की।