{"_id":"69dd2fc78133b63e4806559b","slug":"nari-shakti-wall-was-installed-regarding-nari-shakti-vandan-act-narnol-news-c-196-1-nnl1010-138480-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: साइबर ठगी के आरोपी की तीसरी जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: साइबर ठगी के आरोपी की तीसरी जमानत याचिका खारिज
विज्ञापन
विज्ञापन
नारनौल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) केपी सिंह ने साइबर ठगी के आरोपी सूरज की तीसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि मामले की परिस्थितियों में कोई ऐसा बदलाव नहीं हुआ है जिसके आधार पर आरोपी को राहत दी जा सके।
11 मार्च 2025 को सूचना मिली थी कि कमल नामक व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी में शामिल है और ठगी की रकम उसके एक्सिस बैंक खाते में जमा हो रही है। जांच में कमल की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उसने बैंक किट तनुज और अनुज को दी थी। आगे की जांच में सामने आया कि तनुज ने यह बैंक किट और एक अन्य किट गांव भुंगारका निवासी सूरज और जितेंद्र को दी थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूरज और जितेंद्र के पास से 24 एटीएम कार्ड, 9 चेकबुक, 6 पासबुक और 1,90,000 रुपये नकद बरामद किए थे। सूरज 12 मार्च 2025 से न्यायिक हिरासत में है।
अदालत में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि सह-आरोपी तनुज और कमल को पहले ही जमानत मिल चुकी है और उच्च न्यायालय ने ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं लेकिन अभियोजन पक्ष ने अभी तक सभी गवाहों की गवाही पूरी नहीं की है।
अदालत ने पाया कि इससे पहले भी सूरज की दो जमानत याचिकाएं 11 अगस्त और 18 अक्टूबर 2025 को मेरिट के आधार पर खारिज हो चुकी हैं। उच्च न्यायालय के 13 फरवरी 2026 के आदेश के बावजूद ट्रायल जारी है और परिस्थितियों में कोई नया आधार नहीं बना है।
Trending Videos
11 मार्च 2025 को सूचना मिली थी कि कमल नामक व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी में शामिल है और ठगी की रकम उसके एक्सिस बैंक खाते में जमा हो रही है। जांच में कमल की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उसने बैंक किट तनुज और अनुज को दी थी। आगे की जांच में सामने आया कि तनुज ने यह बैंक किट और एक अन्य किट गांव भुंगारका निवासी सूरज और जितेंद्र को दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूरज और जितेंद्र के पास से 24 एटीएम कार्ड, 9 चेकबुक, 6 पासबुक और 1,90,000 रुपये नकद बरामद किए थे। सूरज 12 मार्च 2025 से न्यायिक हिरासत में है।
अदालत में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि सह-आरोपी तनुज और कमल को पहले ही जमानत मिल चुकी है और उच्च न्यायालय ने ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं लेकिन अभियोजन पक्ष ने अभी तक सभी गवाहों की गवाही पूरी नहीं की है।
अदालत ने पाया कि इससे पहले भी सूरज की दो जमानत याचिकाएं 11 अगस्त और 18 अक्टूबर 2025 को मेरिट के आधार पर खारिज हो चुकी हैं। उच्च न्यायालय के 13 फरवरी 2026 के आदेश के बावजूद ट्रायल जारी है और परिस्थितियों में कोई नया आधार नहीं बना है।

कमेंट
कमेंट X