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Mahendragarh-Narnaul News: नप के नए पंप सेट पर उठे सवाल, पार्षदों ने जांच की मांग को लेकर डीसी को सौंपा ज्ञापन
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फोटो नंबर-26नगर परिषद में आए पंप सेट की पहले की वह फोटो जिसमें लगी पुरानी मोटर। संवाद
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नारनौल। नगर परिषद की ओर से खरीदे गए पांच नए पंप सेट का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। पंप सेट की खरीद और उनकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हुए पार्षदों ने वीरवार को जिला उपायुक्त व जिला नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच करवाने की मांग की है। पार्षदों ने ठेकेदार सहित इसमें संलिप्त कर्मचारियों की भूमिका की नियमानुसार जांच करवाने की मांग उठाई है।
नगर परिषद की एक बैठक में बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब 15 लाख रुपये की लागत से पांच नए इंजन खरीदने का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसके बाद नगर परिषद की ओर से ठेकेदार को टेंडर दिया गया।
आरोप है कि ठेकेदार ने पुराने इंजन लाकर उन पर पेंट करवाकर नए दिखाते हुए नगर परिषद के साथ धोखाधड़ी की है। पार्षदों के अनुसार पांचों इंजन नगर परिषद परिसर में कार्यकारी अभियंता कार्यालय के पास करीब तीन-चार दिन पहले ठेकेदार द्वारा रखवाए गए थे।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 5 अगस्त को ठेकेदार ने इन पांचों इंजनों के पार्ट्स बदलकर उन्हें नया दिखाने का प्रयास किया। पार्षदों ने इसे नगर परिषद के साथ गंभीर धोखाधड़ी बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि यदि नए पंप सेट की खरीद के नाम पर पुराने इंजन लगाए गए हैं तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बनता है।
उन्होंने जिला प्रशासन से पांचों इंजनों की तकनीकी जांच करवाने तथा उनकी खरीद, बिल और टेंडर प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में पार्षद मोहनलाल, अजय सिंगल, आशा, मुकेश, सिकंदर व प्रतिनिधि सुमेर कांडा सहित अन्य पार्षद शामिल रहे।
वर्जन:
नगर परिषद में आए पंपसेट को अभी हैंड ओवर नहीं किया गया है। इसकी जांच के लिए टीम बनाई जाएगी और सभी अनियमितताओं की जांच होगी। -जोगेंद्र सिंह कालीरामण, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, नारनौल
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नगर परिषद की एक बैठक में बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब 15 लाख रुपये की लागत से पांच नए इंजन खरीदने का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसके बाद नगर परिषद की ओर से ठेकेदार को टेंडर दिया गया।
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आरोप है कि ठेकेदार ने पुराने इंजन लाकर उन पर पेंट करवाकर नए दिखाते हुए नगर परिषद के साथ धोखाधड़ी की है। पार्षदों के अनुसार पांचों इंजन नगर परिषद परिसर में कार्यकारी अभियंता कार्यालय के पास करीब तीन-चार दिन पहले ठेकेदार द्वारा रखवाए गए थे।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 5 अगस्त को ठेकेदार ने इन पांचों इंजनों के पार्ट्स बदलकर उन्हें नया दिखाने का प्रयास किया। पार्षदों ने इसे नगर परिषद के साथ गंभीर धोखाधड़ी बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि यदि नए पंप सेट की खरीद के नाम पर पुराने इंजन लगाए गए हैं तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बनता है।
उन्होंने जिला प्रशासन से पांचों इंजनों की तकनीकी जांच करवाने तथा उनकी खरीद, बिल और टेंडर प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में पार्षद मोहनलाल, अजय सिंगल, आशा, मुकेश, सिकंदर व प्रतिनिधि सुमेर कांडा सहित अन्य पार्षद शामिल रहे।
वर्जन:
नगर परिषद में आए पंपसेट को अभी हैंड ओवर नहीं किया गया है। इसकी जांच के लिए टीम बनाई जाएगी और सभी अनियमितताओं की जांच होगी। -जोगेंद्र सिंह कालीरामण, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, नारनौल

फोटो नंबर-26नगर परिषद में आए पंप सेट की पहले की वह फोटो जिसमें लगी पुरानी मोटर। संवाद