{"_id":"69d6918ef58752f1150057fd","slug":"shedding-their-hesitation-female-students-befriended-the-police-visiting-the-police-station-is-the-polices-job-narnol-news-c-196-1-nnl1004-138294-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: झिझक छोड़ छात्राओं ने की पुलिस से दोस्ती, थाना में जाना पुलिस का काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: झिझक छोड़ छात्राओं ने की पुलिस से दोस्ती, थाना में जाना पुलिस का काम
विज्ञापन
फोटो नंबर-18अमर उजाला द्वारा आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी के साथ विद्
विज्ञापन
निजामपुर। थाना प्रभारी रवि ने छात्राओं से कहा कि पुलिस आपकी दोस्त है, अगर कोई परेशान करे तो बेझिझक आप पुलिस को कॉल करके जानकारी दे सकते हैं। साथ ही छात्राओं को गुड टच-बैड टच, महिला सुरक्षा और अन्य सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
अमर उजाला फाउंडेशन ने आठ अप्रैल को निजामपुर थाना परिसर में दोस्त पुलिस कार्यक्रम किया। इसका उद्देश्य राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धौलेड़ा की छात्राओं में पुलिस के प्रति झिझक को दूर करना और कानून पर विश्वास बढ़ाना था।
पुलिस ने छात्राओं को उनकी कार्यशैली और जिम्मेदारियों के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में छात्राओं को एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई और उन्हें पूरे थाने का भ्रमण भी कराया गया ताकि वे पुलिस के कामकाज से परिचित हो सकें।
विद्यालय की प्राचार्य अनिता दहिया और शिक्षक डॉ. पंकज गौड़ ने कहा कि समय-समय पर छात्राओं के लिए ऐसे जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं ताकि वे सुरक्षित रहें और किसी भी आपात स्थिति में सही कदम उठा सकें।
बॉक्स
थाने का भ्रमण करना मेरे लिए नया अनुभव रहा। हमने देखा कि पुलिस सिर्फ कानून लागू नहीं करती, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती है। इससे पुलिस के प्रति हमारा भरोसा और सम्मान बढ़ा है।-प्रिया, कक्षा 12वीं
बॉक्स
थाने का वातावरण देखकर लगा कि पुलिस और जनता के बीच दूरी कम की जा सकती है। अधिकारियों ने हमें अपनी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। अब हमें किसी भी समस्या में पुलिस से संपर्क करने में झिझक नहीं होगी।-ईशा, कक्षा 10वीं
बॉक्स
कानून और सुरक्षा से जुड़ी कई जानकारियां मिलीं। पुलिसकर्मियों ने हमें आत्मरक्षा और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। यह पहल छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई।-गरिमा, कक्षा 8वीं
बॉक्स
कार्यक्रम ने हमें यह समझाया कि पुलिस हमारी मित्र है और संकट में सबसे पहले मदद के लिए आती है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते। मैंने थाने को भी आज पूरी तरह से पहली बार देखा जिससे मेरा भय भी दूर हो गया।-जानव, कक्षा 8वीं
Trending Videos
अमर उजाला फाउंडेशन ने आठ अप्रैल को निजामपुर थाना परिसर में दोस्त पुलिस कार्यक्रम किया। इसका उद्देश्य राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धौलेड़ा की छात्राओं में पुलिस के प्रति झिझक को दूर करना और कानून पर विश्वास बढ़ाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने छात्राओं को उनकी कार्यशैली और जिम्मेदारियों के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में छात्राओं को एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई और उन्हें पूरे थाने का भ्रमण भी कराया गया ताकि वे पुलिस के कामकाज से परिचित हो सकें।
विद्यालय की प्राचार्य अनिता दहिया और शिक्षक डॉ. पंकज गौड़ ने कहा कि समय-समय पर छात्राओं के लिए ऐसे जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं ताकि वे सुरक्षित रहें और किसी भी आपात स्थिति में सही कदम उठा सकें।
बॉक्स
थाने का भ्रमण करना मेरे लिए नया अनुभव रहा। हमने देखा कि पुलिस सिर्फ कानून लागू नहीं करती, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती है। इससे पुलिस के प्रति हमारा भरोसा और सम्मान बढ़ा है।-प्रिया, कक्षा 12वीं
बॉक्स
थाने का वातावरण देखकर लगा कि पुलिस और जनता के बीच दूरी कम की जा सकती है। अधिकारियों ने हमें अपनी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। अब हमें किसी भी समस्या में पुलिस से संपर्क करने में झिझक नहीं होगी।-ईशा, कक्षा 10वीं
बॉक्स
कानून और सुरक्षा से जुड़ी कई जानकारियां मिलीं। पुलिसकर्मियों ने हमें आत्मरक्षा और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। यह पहल छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई।-गरिमा, कक्षा 8वीं
बॉक्स
कार्यक्रम ने हमें यह समझाया कि पुलिस हमारी मित्र है और संकट में सबसे पहले मदद के लिए आती है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते। मैंने थाने को भी आज पूरी तरह से पहली बार देखा जिससे मेरा भय भी दूर हो गया।-जानव, कक्षा 8वीं