{"_id":"6982357b210fd6d8320c46f9","slug":"vinod-agarwal-who-was-based-in-kanpur-and-was-involved-in-the-business-of-codeine-containing-cough-syrup-was-arrested-in-narnaul-narnol-news-c-17-rtk1042-805156-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: कानपुर में बैठकर विनोद अग्रवाल कर रहा था कोडिनयुक्त कफ सिरप का कारोबार, नारनौल से दबोचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: कानपुर में बैठकर विनोद अग्रवाल कर रहा था कोडिनयुक्त कफ सिरप का कारोबार, नारनौल से दबोचा
विज्ञापन
विज्ञापन
वारंट बी पर वाराणसी की अदालत में पेश कानपुर निवासी विनोद अग्रवाल ने कानपुर में बैठकर प्रयागराज और वाराणसी समेत अन्य जिलों में अपना कारोबार फैलाया। जांच एजेंसियों ने पाया कि इसने 65 फर्जी फर्मों के जरिये 12 राज्यों में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई की।
वाराणसी में अपनी फर्म मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स के जरिये 89,600 बोतल कोडीनयुक्त कफ सिरप केवल कागजों पर बेचकर करोड़ों का खेल किया। सारा लेनदेन वास्तविक सप्लाई के बिना सिर्फ जीएसटी इनवाइस, ई-वे बिल और फर्जी दस्तावेज के सहारे किया।
सारनाथ पुलिस जांच में ये सच तब सामने आया जब एमके हेल्थ केयर और परशुरामपुर पीडी फार्मा के नाम ट्रांसफर दिखाया। ये दोनों फर्म कागजों पर थीं। पीडी फार्मा का संचालक प्रयागराज निवासी फैजुल रहमान है जिसे पुलिस 15 दिन पहले गिरफ्तार कर चुकी है।
पूछताछ में फैजुल ने स्वीकार किया कि यह पूरा कारोबार केवल कागजी था और किसी भी स्तर पर वास्तविक दवा की सप्लाई नहीं हुई।
इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने पहले विष्णु पांडेय को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर फैजुल रहमान तक पहुंची। जांच टीम जब एमके हेल्थ केयर और पीडी फार्मा के दर्ज पते पर पहुंची तो वहां न तो कोई दवा कारोबार मिला और न ही कोई गोदाम या स्टाफ।
दोनों फर्में सिर्फ कागजों पर मौजूद पाई गईं। विनोद अग्रवाल ने भोला प्रसाद के शैली ट्रेडर्स से कफ सिरप की खरीद केवल कागजों पर की। विनोद अग्रवाल ने 89,600 शीशी कोडीनयुक्त सिरप खपाई।
इसकी कीमत करीब 2़ 50 करोड़ से ज्यादा आंकी गई। यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि इससे पहले भी कई बार इसी तरह का फर्जी लेनदेन किया गया है।
कफ सिरप प्रकरण में विनोद अग्रवाल पर था 50 हजार का इनाम
कोडीन युक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के बड़े रैकेट का मास्टरमाइंड विनोद अग्रवाल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कानपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने उसे हरियाणा के नारनौल से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया है। विनोद अग्रवाल ने ड्रग लाइसेंस की आड़ में देश के 12 से अधिक राज्यों में कोडीन युक्त कफ सिरप और ट्रामाडोल जैसी नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई का संगठित नेटवर्क खड़ा कर रखा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 65 से अधिक फर्जी कंपनियां बनाकर दवाओं की खरीद–फरोख्त और भंडारण का पूरा जाल फैलाया। आरोप है कि उसने वाराणसी में शैली ट्रेडर्स, एम.के. हेल्थ केयर और परशुरामपुर पीडी फार्मा के जरिए करोड़ों का कारोबार किया। हर खेप के साथ बिल, ट्रांसपोर्ट और स्टॉक से जुड़े कागजात भी फर्जी तैयार किए जाते थे, जिससे शक न हो। इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार किया गया।
Trending Videos
वाराणसी में अपनी फर्म मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स के जरिये 89,600 बोतल कोडीनयुक्त कफ सिरप केवल कागजों पर बेचकर करोड़ों का खेल किया। सारा लेनदेन वास्तविक सप्लाई के बिना सिर्फ जीएसटी इनवाइस, ई-वे बिल और फर्जी दस्तावेज के सहारे किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सारनाथ पुलिस जांच में ये सच तब सामने आया जब एमके हेल्थ केयर और परशुरामपुर पीडी फार्मा के नाम ट्रांसफर दिखाया। ये दोनों फर्म कागजों पर थीं। पीडी फार्मा का संचालक प्रयागराज निवासी फैजुल रहमान है जिसे पुलिस 15 दिन पहले गिरफ्तार कर चुकी है।
पूछताछ में फैजुल ने स्वीकार किया कि यह पूरा कारोबार केवल कागजी था और किसी भी स्तर पर वास्तविक दवा की सप्लाई नहीं हुई।
इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने पहले विष्णु पांडेय को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर फैजुल रहमान तक पहुंची। जांच टीम जब एमके हेल्थ केयर और पीडी फार्मा के दर्ज पते पर पहुंची तो वहां न तो कोई दवा कारोबार मिला और न ही कोई गोदाम या स्टाफ।
दोनों फर्में सिर्फ कागजों पर मौजूद पाई गईं। विनोद अग्रवाल ने भोला प्रसाद के शैली ट्रेडर्स से कफ सिरप की खरीद केवल कागजों पर की। विनोद अग्रवाल ने 89,600 शीशी कोडीनयुक्त सिरप खपाई।
इसकी कीमत करीब 2़ 50 करोड़ से ज्यादा आंकी गई। यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि इससे पहले भी कई बार इसी तरह का फर्जी लेनदेन किया गया है।
कफ सिरप प्रकरण में विनोद अग्रवाल पर था 50 हजार का इनाम
कोडीन युक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के बड़े रैकेट का मास्टरमाइंड विनोद अग्रवाल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कानपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने उसे हरियाणा के नारनौल से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया है। विनोद अग्रवाल ने ड्रग लाइसेंस की आड़ में देश के 12 से अधिक राज्यों में कोडीन युक्त कफ सिरप और ट्रामाडोल जैसी नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई का संगठित नेटवर्क खड़ा कर रखा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 65 से अधिक फर्जी कंपनियां बनाकर दवाओं की खरीद–फरोख्त और भंडारण का पूरा जाल फैलाया। आरोप है कि उसने वाराणसी में शैली ट्रेडर्स, एम.के. हेल्थ केयर और परशुरामपुर पीडी फार्मा के जरिए करोड़ों का कारोबार किया। हर खेप के साथ बिल, ट्रांसपोर्ट और स्टॉक से जुड़े कागजात भी फर्जी तैयार किए जाते थे, जिससे शक न हो। इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार किया गया।
