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Palwal News: चोरी छिपे बिक रहा चीनी मांझा, राहगीरों और पक्षियों की जान पर बना खतरा
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त्योहारों से पहले एक बार फिर प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री तेज, दुकानदार पहचान वाले ग्राहकों को चोरी छिपे उपलब्ध करा रहे
विपिन सैनी
पलवल। रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले एक बार फिर जिले में प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से इस पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद शहर के कई बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में यह जानलेवा मांझा चोरी छिपे बेचा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार अलीगढ़ रेलवे रोड व सब्जी मंडी सहित शहर के कई व्यावसायिक इलाकों में प्रतिबंधित मांझा आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा कृष्णा कॉलोनी, जवाहर नगर, आदर्श कॉलोनी, मोहन नगर, शमसाबाद और आसपास की बस्तियों में भी कुछ दुकानदार चोरी छिपे इसकी बिक्री कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई दुकानदार खुलेआम न बेचकर पहचान वाले ग्राहकों को चोरी छिपे मांझा उपलब्ध करा रहे हैं। यही कारण है कि प्रतिबंध के बावजूद इसका कारोबार लगातार जारी है।
पिछले वर्ष हरियाली तीज और रक्षाबंधन के दौरान जिले में कई लोग इस घातक मांझे की चपेट में आए थे। दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों, बच्चों और पक्षियों को इससे सबसे अधिक खतरा रहता है। कई मामलों में लोगों की गर्दन, चेहरा, हाथ और पक्षियों के पंख गंभीर रूप से कट चुके हैं। इसके बावजूद प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है।
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सामाजिक संगठनों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से त्योहारों से पहले विशेष अभियान चलाकर प्रतिबंधित मांझे का पूरा स्टॉक जब्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल चालान या जुर्माना लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति लोगों की जान जोखिम में डालने का साहस न कर सके।
प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल्द ही संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर जिलेभर में विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। लोग प्रतिबंधित मांझे का उपयोग न करें और कहीं इसकी बिक्री की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन को अवगत कराएं।
- डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर, उपायुक्त, पलवल
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विपिन सैनी
पलवल। रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले एक बार फिर जिले में प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से इस पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद शहर के कई बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में यह जानलेवा मांझा चोरी छिपे बेचा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार अलीगढ़ रेलवे रोड व सब्जी मंडी सहित शहर के कई व्यावसायिक इलाकों में प्रतिबंधित मांझा आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा कृष्णा कॉलोनी, जवाहर नगर, आदर्श कॉलोनी, मोहन नगर, शमसाबाद और आसपास की बस्तियों में भी कुछ दुकानदार चोरी छिपे इसकी बिक्री कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई दुकानदार खुलेआम न बेचकर पहचान वाले ग्राहकों को चोरी छिपे मांझा उपलब्ध करा रहे हैं। यही कारण है कि प्रतिबंध के बावजूद इसका कारोबार लगातार जारी है।
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पिछले वर्ष हरियाली तीज और रक्षाबंधन के दौरान जिले में कई लोग इस घातक मांझे की चपेट में आए थे। दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों, बच्चों और पक्षियों को इससे सबसे अधिक खतरा रहता है। कई मामलों में लोगों की गर्दन, चेहरा, हाथ और पक्षियों के पंख गंभीर रूप से कट चुके हैं। इसके बावजूद प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है।
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सामाजिक संगठनों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से त्योहारों से पहले विशेष अभियान चलाकर प्रतिबंधित मांझे का पूरा स्टॉक जब्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल चालान या जुर्माना लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति लोगों की जान जोखिम में डालने का साहस न कर सके।
प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल्द ही संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर जिलेभर में विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। लोग प्रतिबंधित मांझे का उपयोग न करें और कहीं इसकी बिक्री की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन को अवगत कराएं।
- डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर, उपायुक्त, पलवल