फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   after last rites of her 10-year-old daughter news of birth of son Late in evening

UP: बेटी के अंतिम संस्कार के बाद जन्मा बेटा, गम में था परिवार; मां बोली- कहती थी भाई होगा तो राखी बाधूंगी

Fri, 31 Jul 2026 04:01 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 31 Jul 2026 04:01 PM IST
सार

गोरखपुर में जहां एक परिवार ने 10 वर्षीय बेटी को दरिंदगी में खो दिया। बेटी के अंतिम संस्कार के कुछ घंटों बाद ही घर में बेटे का जन्म हुआ, लेकिन इस खुशी को परिवार महसूस नहीं कर सका।

विज्ञापन
after last rites of her 10-year-old daughter news of birth of son Late in evening
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला खौफनाक राज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नियति के खेल भी निराले हैं... घर में पांच बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ लेकिन हालात ऐसे कि यह खुशी महसूस नहीं की जा सकी। दरिंदगी की शिकार हुई 10 साल की बिटिया का परिवार के लोगों ने बृहस्पतिवार की सुबह अंतिम संस्कार किया था। देर शाम अस्पताल से बेटे के जन्म की खबर मिली। बिटिया से हुई हैवानियत के गम के बोझ तले दबे परिवार के लिए बेटे की आमद के उत्सव का अवसर भी फीका रहा।

विज्ञापन


जिस बेटी को नौ महीने गर्भ में पाला और 10 साल तक अपने आंचल की छांव में हर दुख से बचाकर रखा उसके साथ हुई अमानवीयता ने मां को कभी न खत्म होने वाला दर्द दिया है। बिटिया को गंवाने की तकलीफ में डूबी गर्भवती मां की तबीयत बृहस्पतिवार की सुबह बिगड़ गई थी जैसे-तैसे उसे संभाला गया। इस बीच बिटिया के अंतिम संस्कार की तैयारियां भी होती रहीं। 
विज्ञापन

उधर, प्रसव पीड़ा होने पर मां किसी भी कीमत पर अस्पताल जाने के लिए तैयार नहीं थी। काफी समझा-बुझाकर उसे कोतवाली थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां रात 9:30 बजे बेटे का जन्म हुआ। मां की आंख खुली तो बेटे को देख खुश होने के बजाय उसकी आंखें फिर छलक पड़ीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मां बोली- भाई के पैदा होने का इंतजार कर रही थी, उसके आने से पहले ही चली गई। बाहर बेटियों के साथ मौजूद पिता फफक पड़े। कहने लगे कि सभी बहनों के साथ वह भी भाई के आने का इंतजार कर रही थी। कह रही थी कि इस साल रक्षाबंधन पर वह भी अपने भाई को राखी बांधेगी। पिता ने बताया कि पांच बेटियों के बाद सभी की चाह थी कि एक बेटा हो जाए। इस बार जैसे सभी को यह भरोसा था कि बेटा ही होगा। हम सब बहुत खुश थे। अगवा होने वाले दिन ही सुबह उसने बहन को खाना देने जाने से पहले मां को दुलारते हुए कहा था कि इस बार हमारे यहां भाई आएगा। यह कहते हुए पिता के साथ ही खड़ीं सभी बेटियां रोने लगीं और उन्हें संभालना मुश्किल हो गया।

मां और बड़ी बहन की बीमारी में सहारा बनी थी मासूम
जिस मासूम की जिंदगी किताबों और खेल के मैदान में बीतनी चाहिए थी वह छोटी-सी उम्र में ही अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सहारा बन चुकी थी। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची पांच बहनों में दूसरे नंबर पर थी। मां नौ माह की गर्भवती होने के साथ लंबे समय से अस्वस्थ थीं। ऐसे में घर के छोटे-छोटे कामों से लेकर बहनों की देखभाल तक की जिम्मेदारी वह बड़ी बहन के साथ मिलकर निभाती थी। 

परिवार पर मुश्किलों का पहाड़ तब और टूट पड़ा, जब 27 जुलाई की शाम बड़ी बहन की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द और बुखार आने पर पिता उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। अस्पताल में दादी उसके साथ रहीं जबकि घर पर गर्भवती मां और छोटी बहनों की जिम्मेदारी इसी मासूम के कंधों पर आ गई। अगले दिन उसने बिना किसी कहे रसोई संभाली, अपने हाथों से खाना बनाया और छोटी बहन को साथ लेकर अस्पताल पहुंची। बड़ी बहन को खाना खिलाने के बाद उसने तीसरी बहन को अस्पताल में रुकने के लिए कहा और खुद घर के लिए निकल पड़ी। 

मासूम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोल रही भयावह वारदात की परतें
गोरखपुर। रोहिन नदी से मिले मासूम के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उस भयावह वारदात की परतें खोल दी हैं, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है। मेडिकल जांच में सामने आया कि बच्ची की मौत एंटीमॉर्टम इंजरी (मौत से पहले लगी चोटों) के कारण हुई। गले की हड्डी टूटने और गला दबाने से दम घुटने को मौत का कारण बताया गया हैं। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ मासूम का पोस्टमार्टम किया। 

सूत्रों के मुताबिक, मासूम की हालत देखकर पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की आंखें भी नम हो गईं। हालांकि चिकित्सकों ने पूरी संवेदनशीलता के साथ मेडिकल प्रक्रिया पूरी की और हर चोट व साक्ष्य को बारीकी से दर्ज किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची के गले, दोनों पैर, पेट पर गंभीर चोट मिली हैं। गले की हड्डी टूट गई थी। शरीर की चार हड्डी टूटी मिली। चेहरा और प्राइवेट पार्ट विकृत हो गया था। पूरे शरीर पर खरोंच के निशान मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गर्दन पर काफी दबाव डाला गया था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने दर्द से चीख रही मासूम की गर्दन पैर से दबा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

आंतरिक चोट और रक्तस्राव से दुष्कर्म की पुष्टि
पोस्टमार्टम के दौरान बच्ची के आंतरिक हिस्सों में चोटों के निशान मिले हैं। इसके साथ ही रक्तस्त्राव भी पाया गया है। चिकित्सकों ने जांच के लिए स्लाइड तैयार कर उसे फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद दुष्कर्म से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों की स्थिति और स्पष्ट होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed