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Palwal News: सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर, कब्जे, टूटी चहारदीवारी व बिजली व्यवस्था होगी बेहतर
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निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता, तकनीकी स्वीकृतियों के बाद होगा समाधान
शेरसिंह डागर
नूंह। जिले के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति जल्द सुधरने वाली है। स्कूलों की जमीन से कब्जे हटाए जाएंगे। साथ ही चाहरदीवारी बनाकर अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन शिकायत निवारण मंत्री विपुल गोयल ने जिला लोक शिकायत एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक महीने के भीतर सभी सरकारी स्कूलों का व्यापक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और स्कूल मुखियाओं से आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, चहारदीवारी, अवैध कब्जों व अन्य कमियों का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है।
जिले के स्कूलों में बिजली की जर्जर लाइन, खुले तार जैसी समस्याएं विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। कई भवनों में मरम्मत की आवश्यकता है, जबकि शौचालय, पेयजल, खेल मैदान, कक्षाओं की स्थिति और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी अपेक्षित स्तर की नहीं हैं। इन कमियों के कारण विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने में भी बाधाएं आती हैं।
मंत्री खुद करेंगे कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान प्रत्येक विद्यालय की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आधारभूत सुविधाओं का बिंदुवार निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एक माह में सौंपी जाए। रिपोर्ट मिलने के बाद जिन विद्यालयों में तत्काल सुधार की आवश्यकता होगी, उन्हें प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाएगा। आवश्यक तकनीकी स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। मंत्री ने कहा कि वे स्वयं इन मामलों को देखेंगे और इनका समाधान कराएंगे।
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शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि यह अभियान गंभीरता से लागू हुआ तो नूंह के सरकारी स्कूलों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से न केवल विद्यार्थियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।
बच्चे की गई थी जान
टपकन गांव में 26 मई को तेज आंधी में सरकारी स्कूल की जर्जर चहारदीवारी गिरने से बच्चे की मौत हो गई थी और चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के दो महीने बीत जाने के बावजूद आज तक दीवार का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, जो प्रशासन की संवेदनहीनता और कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।
जिले में स्कूलों की स्थिति
प्राइमरी स्कूल : 499
मिडिल स्कूल : 257
हाई स्कूल : 07
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय : 127
आरोही मॉडल स्कूल : 05
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय : 05
कोट
जिन स्कूलों में कब्जा, जलभराव, अधूरे निर्माण कार्य, टूटी चहारदीवारी या अन्य किसी कारण से विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने अथवा पढ़ाई संचालित करने में दिक्कत आ रही है, उन सभी समस्याओं का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है। मंत्री ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है और सभी स्कूलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही सभी समस्याएं लिखित रूप में सामने आ जाएंगी, जिसके बाद उनके समाधान की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
-राजेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, नूंह
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शेरसिंह डागर
नूंह। जिले के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति जल्द सुधरने वाली है। स्कूलों की जमीन से कब्जे हटाए जाएंगे। साथ ही चाहरदीवारी बनाकर अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन शिकायत निवारण मंत्री विपुल गोयल ने जिला लोक शिकायत एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक महीने के भीतर सभी सरकारी स्कूलों का व्यापक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और स्कूल मुखियाओं से आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, चहारदीवारी, अवैध कब्जों व अन्य कमियों का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है।
जिले के स्कूलों में बिजली की जर्जर लाइन, खुले तार जैसी समस्याएं विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। कई भवनों में मरम्मत की आवश्यकता है, जबकि शौचालय, पेयजल, खेल मैदान, कक्षाओं की स्थिति और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी अपेक्षित स्तर की नहीं हैं। इन कमियों के कारण विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने में भी बाधाएं आती हैं।
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मंत्री खुद करेंगे कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान प्रत्येक विद्यालय की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आधारभूत सुविधाओं का बिंदुवार निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एक माह में सौंपी जाए। रिपोर्ट मिलने के बाद जिन विद्यालयों में तत्काल सुधार की आवश्यकता होगी, उन्हें प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाएगा। आवश्यक तकनीकी स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। मंत्री ने कहा कि वे स्वयं इन मामलों को देखेंगे और इनका समाधान कराएंगे।
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शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि यह अभियान गंभीरता से लागू हुआ तो नूंह के सरकारी स्कूलों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से न केवल विद्यार्थियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।
बच्चे की गई थी जान
टपकन गांव में 26 मई को तेज आंधी में सरकारी स्कूल की जर्जर चहारदीवारी गिरने से बच्चे की मौत हो गई थी और चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के दो महीने बीत जाने के बावजूद आज तक दीवार का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, जो प्रशासन की संवेदनहीनता और कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।
जिले में स्कूलों की स्थिति
प्राइमरी स्कूल : 499
मिडिल स्कूल : 257
हाई स्कूल : 07
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय : 127
आरोही मॉडल स्कूल : 05
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय : 05
कोट
जिन स्कूलों में कब्जा, जलभराव, अधूरे निर्माण कार्य, टूटी चहारदीवारी या अन्य किसी कारण से विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने अथवा पढ़ाई संचालित करने में दिक्कत आ रही है, उन सभी समस्याओं का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है। मंत्री ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है और सभी स्कूलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही सभी समस्याएं लिखित रूप में सामने आ जाएंगी, जिसके बाद उनके समाधान की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
-राजेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, नूंह