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Panchkula News: बिना फायर एनओसी वाले कोचिंग सेंटरों पर होगी कार्रवाई
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25 जून के बाद दुकानों के आगे रेहड़ी-फड़ी मिली तो दुकानदार भी आएंगे कार्रवाई के दायरे में
उपायुक्त ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच के दिए निर्देश
बिना फायर एनओसी संचालित संस्थानों को जारी होंगे नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में बिना फायर एनओसी के चल रहे कोचिंग संस्थानों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। वहीं, 25 जून के बाद दुकानों और शोरूमों के सामने रेहड़ी-फड़ी मिलने पर संबंधित दुकानदारों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उपायुक्त सतपाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बुधवार को लघु सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने जिला अग्निशमन अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले के सभी कोचिंग संस्थानों में नेशनल बिल्डिंग कोड के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने एसडीएम पंचकूला और एसडीएम कालका की निगरानी में विशेष जांच अभियान चलाकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
जिला अग्निशमन अधिकारी तरसेम ने बताया कि पंचकूला और कालका में निरीक्षण के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के अनुसार कोचिंग संस्थानों में डबल स्टेयरकेस, दो एग्जिट प्वाइंट और स्प्रिंकलर सिस्टम होना अनिवार्य है। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और बार की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है।
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बैठक में बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। उपायुक्त ने कहा कि मार्केट एसोसिएशनों को पहले ही 10 दिन का समय दिया जा चुका है। अब 25 जून के बाद यदि किसी दुकान या शोरूम के सामने रेहड़ी-फड़ी मिली तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण से ग्राहकों को परेशानी होती है, व्यापार प्रभावित होता है और यातायात व्यवस्था भी बाधित होती है। सार्वजनिक कॉरिडोर में एक से दो फीट तक की ही छूट होगी। इससे अधिक अतिक्रमण मिलने पर सामान जब्त किया जाएगा।
उपायुक्त ने कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ छोटी मार्केटों का भी फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए, ताकि सुरक्षा संबंधी सुझाव सरकार को भेजे जा सकें।
बैठक में एसडीएम कालका संयम गर्ग, नगर निगम के उप आयुक्त अभय सिंह, तहसीलदार पंचकूला सुरेश कुमार, तहसीलदार मोरनी प्रद्युमन, जिला अग्निशमन अधिकारी तरसेम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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उपायुक्त ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच के दिए निर्देश
बिना फायर एनओसी संचालित संस्थानों को जारी होंगे नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में बिना फायर एनओसी के चल रहे कोचिंग संस्थानों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। वहीं, 25 जून के बाद दुकानों और शोरूमों के सामने रेहड़ी-फड़ी मिलने पर संबंधित दुकानदारों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उपायुक्त सतपाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बुधवार को लघु सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने जिला अग्निशमन अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले के सभी कोचिंग संस्थानों में नेशनल बिल्डिंग कोड के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने एसडीएम पंचकूला और एसडीएम कालका की निगरानी में विशेष जांच अभियान चलाकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
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जिला अग्निशमन अधिकारी तरसेम ने बताया कि पंचकूला और कालका में निरीक्षण के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के अनुसार कोचिंग संस्थानों में डबल स्टेयरकेस, दो एग्जिट प्वाइंट और स्प्रिंकलर सिस्टम होना अनिवार्य है। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और बार की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है।
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बैठक में बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। उपायुक्त ने कहा कि मार्केट एसोसिएशनों को पहले ही 10 दिन का समय दिया जा चुका है। अब 25 जून के बाद यदि किसी दुकान या शोरूम के सामने रेहड़ी-फड़ी मिली तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण से ग्राहकों को परेशानी होती है, व्यापार प्रभावित होता है और यातायात व्यवस्था भी बाधित होती है। सार्वजनिक कॉरिडोर में एक से दो फीट तक की ही छूट होगी। इससे अधिक अतिक्रमण मिलने पर सामान जब्त किया जाएगा।
उपायुक्त ने कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ छोटी मार्केटों का भी फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए, ताकि सुरक्षा संबंधी सुझाव सरकार को भेजे जा सकें।
बैठक में एसडीएम कालका संयम गर्ग, नगर निगम के उप आयुक्त अभय सिंह, तहसीलदार पंचकूला सुरेश कुमार, तहसीलदार मोरनी प्रद्युमन, जिला अग्निशमन अधिकारी तरसेम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।