{"_id":"6a3c398f7838cd9f84015c80","slug":"dsta-raises-voice-regarding-the-issues-faced-by-teachers-involved-in-the-sir-campaign-panchkula-news-c-87-1-pan1007-137920-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: एसआईआर अभियान में लगे शिक्षकों की समस्याओं पर डीएसटीए ने उठाई आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: एसआईआर अभियान में लगे शिक्षकों की समस्याओं पर डीएसटीए ने उठाई आवाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीषण गर्मी, तकनीकी दिक्कतों और कार्यभार के बीच राहत व सम्मानजनक कार्य वातावरण की मांग
एक शिक्षक को 250 से 300 घरों के सत्यापन की जिम्मेदारी, मोबाइल एप की तकनीकी खामियों से प्रभावित हो रहा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
रायपुररानी। डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (डीएसटीए) हरियाणा ने एसआईआर-2026 अभियान में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं को लेकर चिंता जताई है। संगठन ने भीषण गर्मी, तकनीकी दिक्कतों और बढ़ते कार्यभार के बीच शिक्षकों के लिए राहत तथा सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
डीएसटीए के राज्य सोशल मीडिया सचिव रविन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षक पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश और भीषण गर्मी के बावजूद शिक्षक घर-घर जाकर सत्यापन कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एक शिक्षक को औसतन 250 से 300 घरों तथा करीब 1000 से 1500 मतदाताओं के सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। निर्धारित समय-सीमा में इतने बड़े स्तर पर कार्य पूरा करना आसान नहीं है, विशेषकर तब जब मौसम प्रतिकूल हो और तकनीकी समस्याएं लगातार सामने आ रही हों।
विज्ञापन
रविन्द्र कुमार ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया में इस्तेमाल की जा रही मोबाइल एप्लीकेशन की धीमी गति और बार-बार आने वाली तकनीकी खामियों के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। कई बार एक ही जानकारी दोबारा दर्ज करनी पड़ती है, जिससे समय और श्रम दोनों बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में लोगों के अस्थायी रूप से बाहर होने के कारण सत्यापन कार्य और अधिक जटिल हो गया है। इसके बावजूद शिक्षक पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
डीएसटीए ने कहा कि शिक्षकों ने हमेशा चुनाव, जनगणना और अन्य सरकारी अभियानों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में उनकी व्यावहारिक समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए कार्य योजना में लचीलापन अपनाया जाए। साथ ही एसआईआर अभियान में लगे शिक्षकों के लिए कार्य की समय-सीमा को यथार्थवादी बनाया जाए, तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और अतिरिक्त कार्य के बदले प्रतिपूरक अवकाश प्रदान किया जाए।
विज्ञापन
एक शिक्षक को 250 से 300 घरों के सत्यापन की जिम्मेदारी, मोबाइल एप की तकनीकी खामियों से प्रभावित हो रहा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
रायपुररानी। डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (डीएसटीए) हरियाणा ने एसआईआर-2026 अभियान में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं को लेकर चिंता जताई है। संगठन ने भीषण गर्मी, तकनीकी दिक्कतों और बढ़ते कार्यभार के बीच शिक्षकों के लिए राहत तथा सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
डीएसटीए के राज्य सोशल मीडिया सचिव रविन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षक पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश और भीषण गर्मी के बावजूद शिक्षक घर-घर जाकर सत्यापन कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एक शिक्षक को औसतन 250 से 300 घरों तथा करीब 1000 से 1500 मतदाताओं के सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। निर्धारित समय-सीमा में इतने बड़े स्तर पर कार्य पूरा करना आसान नहीं है, विशेषकर तब जब मौसम प्रतिकूल हो और तकनीकी समस्याएं लगातार सामने आ रही हों।
विज्ञापन
रविन्द्र कुमार ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया में इस्तेमाल की जा रही मोबाइल एप्लीकेशन की धीमी गति और बार-बार आने वाली तकनीकी खामियों के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। कई बार एक ही जानकारी दोबारा दर्ज करनी पड़ती है, जिससे समय और श्रम दोनों बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में लोगों के अस्थायी रूप से बाहर होने के कारण सत्यापन कार्य और अधिक जटिल हो गया है। इसके बावजूद शिक्षक पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
डीएसटीए ने कहा कि शिक्षकों ने हमेशा चुनाव, जनगणना और अन्य सरकारी अभियानों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में उनकी व्यावहारिक समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए कार्य योजना में लचीलापन अपनाया जाए। साथ ही एसआईआर अभियान में लगे शिक्षकों के लिए कार्य की समय-सीमा को यथार्थवादी बनाया जाए, तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और अतिरिक्त कार्य के बदले प्रतिपूरक अवकाश प्रदान किया जाए।