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Panchkula News: सिविल अस्पताल में 300 मीटर सड़क पर बना दी पार्किंग, मोर्चरी और वरिष्ठ नागरिक केंद्र का रास्ता बंद
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पीछे दो बड़ी पार्किंग खाली, फिर भी मेन रोड पर वाहन खड़े; मरीजों और एंबुलेंस की बढ़ी परेशानी
डीएचएस बिल्डिंग ने लोहे का लॉक लगाकर बंद किया रास्ता, पुलिस बैरिकेडिंग के बाद सड़क पूरी तरह पार्किंग में तब्दील
मोर्चरी, जनऔषधि केंद्र और सीनियर सिटीजन हट तक पहुंचना हुआ मुश्किल
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सिविल अस्पताल परिसर में करीब 300 मीटर लंबी सड़क को पार्किंग में तब्दील किए जाने से मरीजों और तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई है। डीएचएस बिल्डिंग की ओर से लोहे के एंगल लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है, जबकि पुलिस बैरिकेडिंग के बाद सड़क पूरी तरह वाहनों के कब्जे में आ गई है। इसका असर मोर्चरी, जनऔषधि केंद्र और वरिष्ठ नागरिकों के टेस्ट सेंटर तक पहुंचने वाले लोगों पर पड़ रहा है। दूसरी ओर अस्पताल के पीछे मौजूद दो बड़ी पार्किंग अधिकांश समय खाली पड़ी रहती हैं।
अस्पताल परिसर के डी ब्लॉक के सामने पूरी सड़क पार्किंग के रूप में इस्तेमाल की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने मेन गेट से मोर्चरी जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया है, जबकि मुख्य प्रवेश द्वार के सामने एंबुलेंस खड़ी की जा रही हैं। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को जाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस बैरिकेडिंग के बाद पूरी तरह बंद हुआ रास्ता
अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन और डीएचएस अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण भी रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इसी मार्ग पर सीनियर सिटीजन हट स्थित है, जहां बुजुर्गों के विभिन्न टेस्ट किए जाते हैं। इसके अलावा ओपीडी, मोर्चरी और जनऔषधि केंद्र भी इसी मार्ग पर हैं। रास्ता बंद होने के कारण मरीजों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।
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पीछे खाली हैं बड़ी पार्किंग
जानकारों के अनुसार अस्पताल के पीछे और प्राइवेट स्कूल गेट की ओर दो बड़ी पार्किंग बनाई गई हैं, जिनमें करीब 75 से अधिक वाहन खड़े किए जा सकते हैं। हालांकि पर्याप्त साइनेज और जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग इन पार्किंगों का उपयोग नहीं कर रहे। नतीजतन मुख्य गेट के आसपास वाहनों का दबाव बढ़ रहा है।
डॉक्टरों और एंबुलेंस के लिए भी बढ़ी दिक्कत
इमरजेंसी के सामने बनी पार्किंग में अब निजी वाहन खड़े किए जा रहे हैं, जबकि यह व्यवस्था मूल रूप से डॉक्टरों और आपातकालीन सेवाओं के लिए थी। डॉक्टरों का कहना है कि इमरजेंसी में पहुंचने वाली एंबुलेंस और चिकित्सकों को त्वरित पहुंच की जरूरत होती है। निजी वाहनों के कारण आपात स्थिति में देरी की आशंका बढ़ गई है।
पीएमओ बोले, समाधान के लिए होगी बैठक
पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने स्वीकार किया कि अस्पताल में पार्किंग की समस्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि एमसीएच बिल्डिंग में ओपीडी शुरू होने के बाद मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। समस्या के समाधान के लिए जल्द ही पार्किंग ठेकेदार के साथ बैठक कर उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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डीएचएस बिल्डिंग ने लोहे का लॉक लगाकर बंद किया रास्ता, पुलिस बैरिकेडिंग के बाद सड़क पूरी तरह पार्किंग में तब्दील
मोर्चरी, जनऔषधि केंद्र और सीनियर सिटीजन हट तक पहुंचना हुआ मुश्किल
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सिविल अस्पताल परिसर में करीब 300 मीटर लंबी सड़क को पार्किंग में तब्दील किए जाने से मरीजों और तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई है। डीएचएस बिल्डिंग की ओर से लोहे के एंगल लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है, जबकि पुलिस बैरिकेडिंग के बाद सड़क पूरी तरह वाहनों के कब्जे में आ गई है। इसका असर मोर्चरी, जनऔषधि केंद्र और वरिष्ठ नागरिकों के टेस्ट सेंटर तक पहुंचने वाले लोगों पर पड़ रहा है। दूसरी ओर अस्पताल के पीछे मौजूद दो बड़ी पार्किंग अधिकांश समय खाली पड़ी रहती हैं।
अस्पताल परिसर के डी ब्लॉक के सामने पूरी सड़क पार्किंग के रूप में इस्तेमाल की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने मेन गेट से मोर्चरी जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया है, जबकि मुख्य प्रवेश द्वार के सामने एंबुलेंस खड़ी की जा रही हैं। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को जाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
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पुलिस बैरिकेडिंग के बाद पूरी तरह बंद हुआ रास्ता
अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन और डीएचएस अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण भी रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इसी मार्ग पर सीनियर सिटीजन हट स्थित है, जहां बुजुर्गों के विभिन्न टेस्ट किए जाते हैं। इसके अलावा ओपीडी, मोर्चरी और जनऔषधि केंद्र भी इसी मार्ग पर हैं। रास्ता बंद होने के कारण मरीजों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।
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पीछे खाली हैं बड़ी पार्किंग
जानकारों के अनुसार अस्पताल के पीछे और प्राइवेट स्कूल गेट की ओर दो बड़ी पार्किंग बनाई गई हैं, जिनमें करीब 75 से अधिक वाहन खड़े किए जा सकते हैं। हालांकि पर्याप्त साइनेज और जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग इन पार्किंगों का उपयोग नहीं कर रहे। नतीजतन मुख्य गेट के आसपास वाहनों का दबाव बढ़ रहा है।
डॉक्टरों और एंबुलेंस के लिए भी बढ़ी दिक्कत
इमरजेंसी के सामने बनी पार्किंग में अब निजी वाहन खड़े किए जा रहे हैं, जबकि यह व्यवस्था मूल रूप से डॉक्टरों और आपातकालीन सेवाओं के लिए थी। डॉक्टरों का कहना है कि इमरजेंसी में पहुंचने वाली एंबुलेंस और चिकित्सकों को त्वरित पहुंच की जरूरत होती है। निजी वाहनों के कारण आपात स्थिति में देरी की आशंका बढ़ गई है।
पीएमओ बोले, समाधान के लिए होगी बैठक
पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने स्वीकार किया कि अस्पताल में पार्किंग की समस्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि एमसीएच बिल्डिंग में ओपीडी शुरू होने के बाद मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। समस्या के समाधान के लिए जल्द ही पार्किंग ठेकेदार के साथ बैठक कर उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।