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विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बसपा की पंजाब इकाई भंग
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चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने पंजाब इकाई को भंग कर दिया है। हालांकि जसबीर सिंह गढ़ी प्रदेश अध्यक्ष पद पर काबिज रहेंगे। गढ़ी पार्टी के टिकट पर फगवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार चुके हैं। इस बार बसपा ने शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था।
पंजाब में कुल 117 सीटों में शिरोमणि अकाली दल ने 97 और बसपा ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था। बसपा एक सीट जीतने में कामयाब रही। नवांशहर सीट से बसपा उम्मीदवार डॉ. नच्छत्तर पाल ने आम आदमी पार्टी के ललित मोहन बल्लू को हरा कर यह जीत हासिल की है। इससे पहले भी शिअद भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ता रहा है। हालांकि कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन के बाद उन्होंने गठजोड़ तोड़ दिया। फिर 26 साल बाद अकाली दल ने बसपा से गठजोड़ किया। हालांकि बसपा को एक और अकाली दल को सिर्फ 3 ही सीटें मिलीं।
अकाली दिग्गज प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल के अलावा बिक्रम सिंह मजीठिया तक चुनाव हार गए। गढ़ी ने बताया कि चुनाव भले ही पार्टी हार हो गई हो, लेकिन पंजाब में बसपा प्रत्याशियों को खूब वोट डाले हैं। भविष्य में पार्टी फिर से मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और अपने खोए हुए जनाधार को वापस हासिल करेगी।
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अकाली दिग्गज प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल के अलावा बिक्रम सिंह मजीठिया तक चुनाव हार गए। गढ़ी ने बताया कि चुनाव भले ही पार्टी हार हो गई हो, लेकिन पंजाब में बसपा प्रत्याशियों को खूब वोट डाले हैं। भविष्य में पार्टी फिर से मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और अपने खोए हुए जनाधार को वापस हासिल करेगी।