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बच्चों को कनाडा, ऑस्ट्रेलिया की ओर देखने की जरूरत नहीं : मान
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के बच्चों को अब ऑस्ट्रेलिया, कनाडा व अन्य देशों की ओर देखने की जरूरत नहीं है। पंजाब में ही उन्हें मजबूत शैक्षणिक ढांचा और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए रहे हैं। चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आयोजित सितारे जमीन पर कार्यक्रम के दौरान सीएम मान ने पंजाब के आठवीं, दसवीं व बारहवीं कक्षा के टाॅपर्स विद्यार्थियों को सम्मान से नवाजा।
सीएम ने कहा कि राज्य की शिक्षा क्रांति के जमीनी स्तर पर सार्थक नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं। पंजाब के सरकारी स्कूल अब पहचान के लिए संघर्ष नहीं कर रहे बल्कि देश भर में उत्कृष्टता, आत्मविश्वास और अवसरों के नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं। सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की इच्छाओं को बदल दिया है और उनके लिए अवसरों के नए रास्ते खोले हैं। यह पहल अध्यापकों की निपुणता को निखारती है और उन्हें आधुनिक विधियों से लैस करती है ताकि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए तैयार किया जा सके। नतीजे आज दिखाई दे रहे हैं क्योंकि पंजाब के विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने परिवारों का नाम रोशन कर रहे हैं। मौजूदा युग हुनर का है, हमारी सरकार युवाओं को हुनर प्रशिक्षण प्रदान करने पर विशेष जोर दे रही है।
सीएम ने कहा कि जिस तरह एक रनवे हवाई जहाज को सुचारु रूप से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है, पंजाब सरकार विद्यार्थियों को ऐसे अवसरों के लिए तैयार कर रही है ताकि उनके सपनों को साकार करने में मदद मिले। विद्यार्थियों को नम्र रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, बच्चों को अपनी उपलब्धियों से कभी भी घमंडी नहीं होना चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक रहना जरूरी गुण हैं लेकिन घमंड कभी भी सफलता के साथ नहीं आना चाहिए। नम्रता, मेहनत और दृढ़ता निरंतर सफलता की असली कुंजियां हैं।
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पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि साल 2022 में पंजाब में लगभग चार लाख बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ रहे थे। आज पंजाब सरकार के प्रयासों से एक भी बच्चा फर्श पर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर नहीं है।
पुरानी परीक्षा प्रणाली बदली जाए : सिसोदिया
दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में पुरानी परीक्षा प्रणाली को बदलना चाहिए। नीट जैसी परीक्षाओं के लीक होने जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को बर्बाद कर रही हैं। 19वीं सदी की सिस्टम पर भरोसा करने के बजाय परीक्षाएं विद्यार्थियों की समग्र योग्यता और क्षमताओं का मूल्यांकन करने वाली होनी चाहिए न कि तीन घंटे की परीक्षा तक सीमित।
सीएम ने कहा कि राज्य की शिक्षा क्रांति के जमीनी स्तर पर सार्थक नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं। पंजाब के सरकारी स्कूल अब पहचान के लिए संघर्ष नहीं कर रहे बल्कि देश भर में उत्कृष्टता, आत्मविश्वास और अवसरों के नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं। सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की इच्छाओं को बदल दिया है और उनके लिए अवसरों के नए रास्ते खोले हैं। यह पहल अध्यापकों की निपुणता को निखारती है और उन्हें आधुनिक विधियों से लैस करती है ताकि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए तैयार किया जा सके। नतीजे आज दिखाई दे रहे हैं क्योंकि पंजाब के विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने परिवारों का नाम रोशन कर रहे हैं। मौजूदा युग हुनर का है, हमारी सरकार युवाओं को हुनर प्रशिक्षण प्रदान करने पर विशेष जोर दे रही है।
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सीएम ने कहा कि जिस तरह एक रनवे हवाई जहाज को सुचारु रूप से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है, पंजाब सरकार विद्यार्थियों को ऐसे अवसरों के लिए तैयार कर रही है ताकि उनके सपनों को साकार करने में मदद मिले। विद्यार्थियों को नम्र रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, बच्चों को अपनी उपलब्धियों से कभी भी घमंडी नहीं होना चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक रहना जरूरी गुण हैं लेकिन घमंड कभी भी सफलता के साथ नहीं आना चाहिए। नम्रता, मेहनत और दृढ़ता निरंतर सफलता की असली कुंजियां हैं।
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पुरानी परीक्षा प्रणाली बदली जाए : सिसोदिया
दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में पुरानी परीक्षा प्रणाली को बदलना चाहिए। नीट जैसी परीक्षाओं के लीक होने जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को बर्बाद कर रही हैं। 19वीं सदी की सिस्टम पर भरोसा करने के बजाय परीक्षाएं विद्यार्थियों की समग्र योग्यता और क्षमताओं का मूल्यांकन करने वाली होनी चाहिए न कि तीन घंटे की परीक्षा तक सीमित।