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Panchkula News: 28 साल बाद भी नहीं मिले एक-एक मरला के प्लॉट, एचएसवीपी से मिले कॉलोनीवासी

Fri, 31 Jul 2026 02:22 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:22 AM IST
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Even after 28 years, the residents of the colony have not received one-marla plots from the HSVP.
पुराने रिकॉर्ड के आधार पर जताया दावा, ईओ ने दस्तावेज मांगे और कॉलोनी का दौरा करने का दिया आश्वासन
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306 परिवारों को आवंटन पत्र मिलने के बावजूद नहीं मिला कब्जा
बुद्धनपुर के पास खाली जमीन पर प्लॉट आवंटित करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। राजीव और इंदिरा कॉलोनी के निवासियों ने एक-एक मरला के प्लॉट की मांग को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के संपदा अधिकारी (ईओ) सुरेंद्र लाठर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व पार्षद उषा रानी और डॉ. राम प्रसाद शामिल रहे। बैठक में ईओ ने कॉलोनीवासियों से पुराने दस्तावेज और रिकॉर्ड मांगे, जिनके आधार पर वे प्लॉट पर अपना दावा कर रहे हैं। उन्होंने कॉलोनियों का दौरा कर लोगों से मिलने और पूरे मामले की समीक्षा करने का भी आश्वासन दिया।
बैठक के बाद कॉलोनीवासियों ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों पहले प्लॉट के लिए राशि जमा कराई थी, उन्हें फ्लैट नहीं बल्कि एक-एक मरला के प्लॉट दिए जाने चाहिए। उनका कहना है कि वर्ष 1996 में सर्वे के बाद एचएसवीपी ने प्लॉट के लिए राशि जमा करवाई थी।
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1994 की पुनर्वास योजना का हवाला
मोहन लाल और राम प्रताप के अनुसार वर्ष 1994 में हरियाणा सरकार ने राजीव और इंदिरा कॉलोनी के निवासियों के पुनर्वास के लिए योजना बनाई थी। इसके तहत 10 हजार रुपये की कीमत पर एक-एक मरला के प्लॉट दिए जाने थे। सर्वे में 5533 झुग्गियों का रिकॉर्ड तैयार हुआ था और 4149 पात्र परिवारों की पहचान की गई थी।
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306 परिवारों को मिला आवंटन पत्र, कब्जा नहीं
रामदीन, विजय सैनी, बनवारी लाल, दिनेश मिश्रा, रमेश कुमार, गोविंद और बोधदास ने आरोप लगाया कि 306 परिवारों को आवंटन पत्र जारी किए गए, लेकिन आज तक किसी को प्लॉट का कब्जा नहीं मिला। उनका कहना है कि वर्ष 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने भी कब्जा दिलाने की घोषणा की थी।


आशियाना योजना के नाम पर राशि लेने का आरोप
सुग्रीव शर्मा, राहुल, मनराज, नूरजहां, गयापति और बबीता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2010 में आशियाना योजना के तहत फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से 76.75 लाख रुपये जमा कराए गए। उनका दावा है कि बाद में आरटीआई से मिली जानकारी में पता चला कि यह योजना इन कॉलोनियों पर लागू ही नहीं थी। कॉलोनीवासियों और पूर्व पार्षद उषा रानी तथा इश्वरी सिंह ने एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक से मांग की है कि बुद्धनपुर गुरुद्वारे के पास विभाग की खाली जमीन पर पात्र परिवारों को प्लॉट का कब्जा दिया जाए। साथ ही पुनर्वास होने तक कॉलोनियों में किसी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई न की जाए।
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