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Panchkula News: फर्जी दस्तावेज से बैंक से 10 करोड़ से अधिक ठगे, पांच दोषी करार
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। मामले में बैंक को 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था।
अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह के आर्थिक अपराध न केवल बैंकिंग व्यवस्था बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी दीपक कुमार और प्रदीप कुमार ने अपनी फर्म के माध्यम से लोन लेने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर किया।
स्टॉक स्टेटमेंट में देनदारों की राशि बढ़ाकर और लेनदारों की राशि कम दिखाकर आर्थिक स्थिति मजबूत दर्शाई गई। साथ ही फर्जी इनवॉइस बनाकर कारोबार को वास्तविक से अधिक दिखाया गया। जांच में अनिल शर्मा, अनतराम शर्मा और राज कुमार की भी संलिप्तता सामने आई। इन आरोपियों ने फर्जी फर्में और दस्तावेज उपलब्ध कराकर मुख्य आरोपियों की मदद की। आरोपियों ने इस तरीके से बैंक से करीब 16.65 करोड़ रुपये का ऋण लिया, जबकि वन टाइम सेटलमेंट में केवल 5.90 करोड़ रुपये ही लौटाए गए।
अदालत ने दीपक कुमार और प्रदीप कुमार को दो-दो साल की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अनिल शर्मा और राज कुमार को छह-छह महीने की साधारण कैद के साथ 7500-7500 रुपये जुर्माना लगाया गया, जबकि अनतराम शर्मा को एक वर्ष की साधारण कैद और 7500 रुपये जुर्माना किया गया। कोर्ट ने दोषियों को अपील का अवसर देते हुए उनकी सजा 23 अप्रैल 2026 तक निलंबित कर जमानत पर रिहा रखने के आदेश दिए हैं।
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पंचकूला। फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। मामले में बैंक को 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था।
अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह के आर्थिक अपराध न केवल बैंकिंग व्यवस्था बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी दीपक कुमार और प्रदीप कुमार ने अपनी फर्म के माध्यम से लोन लेने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर किया।
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स्टॉक स्टेटमेंट में देनदारों की राशि बढ़ाकर और लेनदारों की राशि कम दिखाकर आर्थिक स्थिति मजबूत दर्शाई गई। साथ ही फर्जी इनवॉइस बनाकर कारोबार को वास्तविक से अधिक दिखाया गया। जांच में अनिल शर्मा, अनतराम शर्मा और राज कुमार की भी संलिप्तता सामने आई। इन आरोपियों ने फर्जी फर्में और दस्तावेज उपलब्ध कराकर मुख्य आरोपियों की मदद की। आरोपियों ने इस तरीके से बैंक से करीब 16.65 करोड़ रुपये का ऋण लिया, जबकि वन टाइम सेटलमेंट में केवल 5.90 करोड़ रुपये ही लौटाए गए।
अदालत ने दीपक कुमार और प्रदीप कुमार को दो-दो साल की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अनिल शर्मा और राज कुमार को छह-छह महीने की साधारण कैद के साथ 7500-7500 रुपये जुर्माना लगाया गया, जबकि अनतराम शर्मा को एक वर्ष की साधारण कैद और 7500 रुपये जुर्माना किया गया। कोर्ट ने दोषियों को अपील का अवसर देते हुए उनकी सजा 23 अप्रैल 2026 तक निलंबित कर जमानत पर रिहा रखने के आदेश दिए हैं।