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प्रमुख शहरों में डॉग सैंक्चुअरी स्थापित करने के लिए भूमि की करें पहचान : अरोड़ा
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चंडीगढ़। स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के प्रमुख शहरों में डॉग सैंक्चुअरी स्थापित करने के लिए भूमि की पहचान करें और संस्थागत एवं संवेदनशील क्षेत्रों से लावारिस कुत्तों को इन जगह पर स्थानांतरित किया जाए। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की सख्ती से पालना की जाए।
अरोड़ा ने शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सभी शहरी स्थानीय निकाय विकास योजनाओं के लिए ऑनलाइन ही प्रस्ताव तैयार करें और मैनुअल सिस्टम को बंद करें। विभाग ने ई-निगम सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिसके माध्यम से अब सभी प्रस्तावों पर ऑनलाइन प्रक्रिया की जाएगी। ऐसे प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए 10 दिन की एक सख्त समय सीमा निर्धारित की गई है।
अरोड़ा ने नागरिकों के लिए पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक महीने में सभी ट्यूबवेलों पर टाइमर सेंसर लगाने के निर्देश दिए। ट्यूबवेलों में खराबी के कारण गर्मियों के दौरान अक्सर उत्पन्न होने वाली रुकावटों को ध्यान में रखते हुए सभी निगम आयुक्तों व अतिरिक्त उपायुक्तों को इन ट्यूबवेलों को तुरंत बदलने व निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पहले से पंप सेट खरीदने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने सभी अधिकारियों को सीवरेज से संबंधित मुद्दों का समाधान करने व आगामी मानसून के दौरान जलभराव से रोकथाम के लिए एक विशेष सीवरेज-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शहरी क्षेत्रों में रोजाना कूड़ा एकत्र करने और साप्ताहिक सफाई अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। सुधार ट्रस्टों की विकास योजनाओं पर उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी शिकायतों के निपटारे के लिए अक्सर असुविधा का सामना करना पड़ता है। सुधार ट्रस्टों की पूर्ण हो चुकी योजनाएं संबंधित शहरी स्थानीय निकायों को सौंप दी जाएं व सभी यह कार्रवाई निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरी की जाएं।
उन्होंने पुलिस थानों में डंप वाहनों को स्थानांतरित करने के लिए उपयुक्त नगरपालिका भूमि की पहचान करने व जिला पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रमुख शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित परियोजनाओं के लिए कॉर्पोरेट बॉन्ड के माध्यम से फंड जुटाने के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
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अरोड़ा ने शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सभी शहरी स्थानीय निकाय विकास योजनाओं के लिए ऑनलाइन ही प्रस्ताव तैयार करें और मैनुअल सिस्टम को बंद करें। विभाग ने ई-निगम सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिसके माध्यम से अब सभी प्रस्तावों पर ऑनलाइन प्रक्रिया की जाएगी। ऐसे प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए 10 दिन की एक सख्त समय सीमा निर्धारित की गई है।
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अरोड़ा ने नागरिकों के लिए पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक महीने में सभी ट्यूबवेलों पर टाइमर सेंसर लगाने के निर्देश दिए। ट्यूबवेलों में खराबी के कारण गर्मियों के दौरान अक्सर उत्पन्न होने वाली रुकावटों को ध्यान में रखते हुए सभी निगम आयुक्तों व अतिरिक्त उपायुक्तों को इन ट्यूबवेलों को तुरंत बदलने व निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पहले से पंप सेट खरीदने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने सभी अधिकारियों को सीवरेज से संबंधित मुद्दों का समाधान करने व आगामी मानसून के दौरान जलभराव से रोकथाम के लिए एक विशेष सीवरेज-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शहरी क्षेत्रों में रोजाना कूड़ा एकत्र करने और साप्ताहिक सफाई अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। सुधार ट्रस्टों की विकास योजनाओं पर उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी शिकायतों के निपटारे के लिए अक्सर असुविधा का सामना करना पड़ता है। सुधार ट्रस्टों की पूर्ण हो चुकी योजनाएं संबंधित शहरी स्थानीय निकायों को सौंप दी जाएं व सभी यह कार्रवाई निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरी की जाएं।
उन्होंने पुलिस थानों में डंप वाहनों को स्थानांतरित करने के लिए उपयुक्त नगरपालिका भूमि की पहचान करने व जिला पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रमुख शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित परियोजनाओं के लिए कॉर्पोरेट बॉन्ड के माध्यम से फंड जुटाने के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
