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छात्र संवाद मामले में 8 साल बाद फैसला: दिव्यांशु बुद्धिराजा समेत 6 आरोपी बरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। वर्ष 2018 में पंचकूला में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री से सवाल पूछने के मामले में अदालत ने दिव्यांशु बुद्धिराजा समेत छह आरोपियों को बरी कर दिया है। करीब आठ साल बाद आए इस फैसले में अदालत ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
करनाल लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे दिव्यांशु बुद्धिराजा ने फैसले का स्वागत करते हुए न्यायपालिका का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सत्य की जीत का प्रतीक है और इससे स्पष्ट होता है कि लोकतंत्र में सवाल उठाना अपराध नहीं, बल्कि उसे मजबूत करने का माध्यम है।
बुद्धिराजा ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था, जिसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना और उन्हें जनहित के मुद्दों से दूर रखना था। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाकर उनके चुनावी अभियान को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि वे आगे भी छात्रों, बेरोजगारों, किसानों और मजदूरों के हितों के लिए आवाज उठाते रहेंगे। साथ ही उन्होंने अपने अधिवक्ताओं का भी आभार व्यक्त किया।
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पंचकूला। वर्ष 2018 में पंचकूला में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री से सवाल पूछने के मामले में अदालत ने दिव्यांशु बुद्धिराजा समेत छह आरोपियों को बरी कर दिया है। करीब आठ साल बाद आए इस फैसले में अदालत ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
करनाल लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे दिव्यांशु बुद्धिराजा ने फैसले का स्वागत करते हुए न्यायपालिका का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सत्य की जीत का प्रतीक है और इससे स्पष्ट होता है कि लोकतंत्र में सवाल उठाना अपराध नहीं, बल्कि उसे मजबूत करने का माध्यम है।
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बुद्धिराजा ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था, जिसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना और उन्हें जनहित के मुद्दों से दूर रखना था। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाकर उनके चुनावी अभियान को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि वे आगे भी छात्रों, बेरोजगारों, किसानों और मजदूरों के हितों के लिए आवाज उठाते रहेंगे। साथ ही उन्होंने अपने अधिवक्ताओं का भी आभार व्यक्त किया।