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Panchkula News: खैर लकड़ी चोरी व वन कर्मियों पर हमला मामले में नाबालिग को जमानत
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सत्र न्यायालय ने किशोर न्याय बोर्ड का आदेश किया निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। खैर की लकड़ी चोरी और वन विभाग की टीम पर हमले के मामले में सत्र न्यायालय ने एक नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने किशोर न्याय बोर्ड के पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए राहत प्रदान की।
मामले के अनुसार 21 फरवरी 2025 को कालका क्षेत्र के छपरा डैम के पास वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग खैर के पेड़ काट रहे हैं। सूचना पर अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें रोकने पर डंडों से हमला कर दिया। हमले में एक वन निरीक्षक के हाथ में चोट आई थी। आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
इस संबंध में पिंजौर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था। बोर्ड ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि नाबालिग 5 फरवरी 2026 से संरक्षण गृह में रह रहा था और उससे कोई बरामदगी शेष नहीं है। रिकॉर्ड में यह भी नहीं पाया गया कि जमानत मिलने पर वह किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होगा या जांच को प्रभावित करेगा। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने उसे जमानत देने के निर्देश दिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। खैर की लकड़ी चोरी और वन विभाग की टीम पर हमले के मामले में सत्र न्यायालय ने एक नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने किशोर न्याय बोर्ड के पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए राहत प्रदान की।
मामले के अनुसार 21 फरवरी 2025 को कालका क्षेत्र के छपरा डैम के पास वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग खैर के पेड़ काट रहे हैं। सूचना पर अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें रोकने पर डंडों से हमला कर दिया। हमले में एक वन निरीक्षक के हाथ में चोट आई थी। आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
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इस संबंध में पिंजौर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था। बोर्ड ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि नाबालिग 5 फरवरी 2026 से संरक्षण गृह में रह रहा था और उससे कोई बरामदगी शेष नहीं है। रिकॉर्ड में यह भी नहीं पाया गया कि जमानत मिलने पर वह किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होगा या जांच को प्रभावित करेगा। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने उसे जमानत देने के निर्देश दिए।