{"_id":"6a6e5209a9821d7fbe0e59e0","slug":"new-revelation-in-osteej-plot-allotment-probe-six-applicants-provided-property-dealers-addresses-panchkula-news-c-87-1-pan1011-139433-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: ओस्टीज प्लॉट आवंटन जांच में नया खुलासा, छह आवेदकों ने दिए प्रॉपर्टी डीलरों के पते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: ओस्टीज प्लॉट आवंटन जांच में नया खुलासा, छह आवेदकों ने दिए प्रॉपर्टी डीलरों के पते
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
13 में से छह आवेदनों में डीलरों के पते दर्ज, रिजर्व प्राइस भी उन्हीं के जरिए जमा होने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एमडीसी सेक्टर-2 और सेक्टर-6 में ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट आवंटन मामले की विजिलेंस जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार 13 में से छह आवेदकों ने अपने आवेदन पत्रों में प्रॉपर्टी डीलरों के घरों के पते दर्ज कराए थे, जबकि वे स्वयं अन्य स्थानों के निवासी थे।
विजिलेंस जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित प्लॉटों की रिजर्व प्राइस की राशि भी कथित तौर पर प्रॉपर्टी डीलरों की ओर से जमा करवाई गई थी। पूछताछ के दौरान कई अलॉटियों ने स्वीकार किया कि आवेदन प्रक्रिया से पहले ही डीलरों के साथ प्लॉट आवंटित होने के बाद उसे बेचकर मुनाफा साझा करने का समझौता किया गया था।
जांच में कुछ ऐसे लोगों को भी प्लॉट आवंटित किए जाने की बात सामने आई है, जिन्हें पात्रता मानकों के अनुरूप नहीं माना जा रहा, जबकि कई पात्र दावेदारों को लाभ नहीं मिला। अब विजिलेंस लैंड एक्वीजिशन रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जिन जमीनों के आधार पर प्लॉट आवंटित किए गए, उन पर संबंधित अलॉटियों का वास्तविक मालिकाना हक था या नहीं।
विज्ञापन
विजिलेंस की टीम मामले से जुड़े फरार प्रॉपर्टी डीलरों की तलाश में जुटी हुई है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एमडीसी सेक्टर-2 और सेक्टर-6 में ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट आवंटन मामले की विजिलेंस जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार 13 में से छह आवेदकों ने अपने आवेदन पत्रों में प्रॉपर्टी डीलरों के घरों के पते दर्ज कराए थे, जबकि वे स्वयं अन्य स्थानों के निवासी थे।
विजिलेंस जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित प्लॉटों की रिजर्व प्राइस की राशि भी कथित तौर पर प्रॉपर्टी डीलरों की ओर से जमा करवाई गई थी। पूछताछ के दौरान कई अलॉटियों ने स्वीकार किया कि आवेदन प्रक्रिया से पहले ही डीलरों के साथ प्लॉट आवंटित होने के बाद उसे बेचकर मुनाफा साझा करने का समझौता किया गया था।
विज्ञापन
जांच में कुछ ऐसे लोगों को भी प्लॉट आवंटित किए जाने की बात सामने आई है, जिन्हें पात्रता मानकों के अनुरूप नहीं माना जा रहा, जबकि कई पात्र दावेदारों को लाभ नहीं मिला। अब विजिलेंस लैंड एक्वीजिशन रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जिन जमीनों के आधार पर प्लॉट आवंटित किए गए, उन पर संबंधित अलॉटियों का वास्तविक मालिकाना हक था या नहीं।
विज्ञापन
विजिलेंस की टीम मामले से जुड़े फरार प्रॉपर्टी डीलरों की तलाश में जुटी हुई है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।