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Panchkula News: घर पहुंचकर हो रहा पुलिस वेरिफिकेशन, लंबित मामलों में आई बड़ी कमी
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नई व्यवस्था लागू होने के बाद चरित्र प्रमाण पत्र और पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की पेंडेंसी घटी, आवेदकों को थानों के चक्कर से मिली राहत
1 जून से लागू हुई नई सत्यापन व्यवस्था, पुलिसकर्मी आवेदकों के घर पहुंचकर कर रहे सत्यापन
चरित्र प्रमाण पत्र की पेंडेंसी 52.66 से घटकर 7.8 फीसदी हुई
पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के लंबित मामले 21.31 से घटकर 6.32 प्रतिशत रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पुलिस ने पुलिस सत्यापन सेवाओं को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद चरित्र प्रमाण पत्र, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट और अन्य सत्यापन सेवाओं से जुड़े लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। साथ ही आवेदकों को अब सत्यापन के लिए थानों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देश पर एक जून से नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत चरित्र प्रमाण पत्र, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, पासपोर्ट सत्यापन और किरायेदार सत्यापन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होते ही संबंधित थाना क्षेत्र को भेज दिए जाते हैं। इसके बाद नियुक्त पुलिसकर्मी आवेदक के पते पर पहुंचकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करते हैं।
पुलिस के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की पेंडेंसी 21.31 प्रतिशत से घटकर 6.32 प्रतिशत रह गई है। वहीं चरित्र प्रमाण पत्र के लंबित मामलों का प्रतिशत 52.66 से घटकर 7.8 फीसदी तक पहुंच गया है।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुछ आवेदन पते में अंतर, दस्तावेजों की त्रुटियों या तकनीकी कारणों से भी निरस्त हो जाते हैं। ऐसे मामलों के समाधान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सत्यापन के बाद आवेदकों से फोन पर फीडबैक भी लिया जा रहा है। इसकी नियमित समीक्षा स्वयं उनके स्तर पर की जा रही है।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि नागरिकों की शिकायतों और सुझावों के लिए 9115777026 मोबाइल नंबर जारी किया गया है। सत्यापन प्रक्रिया में देरी, परेशानी, अनुचित व्यवहार या भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत इस नंबर पर दर्ज कराई जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और प्रत्येक शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
1 जून से लागू हुई नई सत्यापन व्यवस्था, पुलिसकर्मी आवेदकों के घर पहुंचकर कर रहे सत्यापन
चरित्र प्रमाण पत्र की पेंडेंसी 52.66 से घटकर 7.8 फीसदी हुई
पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के लंबित मामले 21.31 से घटकर 6.32 प्रतिशत रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पुलिस ने पुलिस सत्यापन सेवाओं को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद चरित्र प्रमाण पत्र, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट और अन्य सत्यापन सेवाओं से जुड़े लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। साथ ही आवेदकों को अब सत्यापन के लिए थानों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देश पर एक जून से नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत चरित्र प्रमाण पत्र, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, पासपोर्ट सत्यापन और किरायेदार सत्यापन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होते ही संबंधित थाना क्षेत्र को भेज दिए जाते हैं। इसके बाद नियुक्त पुलिसकर्मी आवेदक के पते पर पहुंचकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करते हैं।
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पुलिस के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की पेंडेंसी 21.31 प्रतिशत से घटकर 6.32 प्रतिशत रह गई है। वहीं चरित्र प्रमाण पत्र के लंबित मामलों का प्रतिशत 52.66 से घटकर 7.8 फीसदी तक पहुंच गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुछ आवेदन पते में अंतर, दस्तावेजों की त्रुटियों या तकनीकी कारणों से भी निरस्त हो जाते हैं। ऐसे मामलों के समाधान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सत्यापन के बाद आवेदकों से फोन पर फीडबैक भी लिया जा रहा है। इसकी नियमित समीक्षा स्वयं उनके स्तर पर की जा रही है।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि नागरिकों की शिकायतों और सुझावों के लिए 9115777026 मोबाइल नंबर जारी किया गया है। सत्यापन प्रक्रिया में देरी, परेशानी, अनुचित व्यवहार या भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत इस नंबर पर दर्ज कराई जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और प्रत्येक शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।